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Jakhal: Farmers take to the tracks after DC’s assurance remains unfulfilled; two trains halted for 45 minutes
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जाखल: डीसी का आश्वासन पूरा नहीं होने पर ट्रैक पर उतरे किसान, 45 मिनट रोकीं दो ट्रेनें
जाखल। तलवाड़ा फाटक पर रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास निर्माण के चलते बंद मुख्य मार्ग के विकल्प के तौर पर बनाए जा रहे अस्थायी रास्ते के चालू नहीं होने पर शुक्रवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। डीसी डॉ.विवेक भारती के आश्वासन के बावजूद रास्ता नहीं खुलने से नाराज किसान रेलवे ट्रैक पर उतर आए। उन्होंने दिल्ली से श्रीगंगानगर जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस और हिसार से लुधियाना जाने वाली पैसेंजर ट्रेन को जाखल रेलवे स्टेशन पर रोककर विरोध जताया। दोनों ट्रेनें करीब पौने घंटे तक स्टेशन पर खड़ी रहीं। बाद में टोहाना के डीएसपी जय भगवान की समझाइश पर किसानों ने ट्रैक खाली कर ट्रेनों को रवाना होने दिया। हालांकि, किसानों का धरना जारी रहा। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे किसान संगठनों की 15 सदस्यीय कमेटी स्टेशन अधीक्षक से मिली और अस्थायी रास्ता जल्द खोलने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गई। दोपहर तक कोई समाधान नहीं निकलने और करीब ढाई बजे तक रास्ता चालू नहीं होने पर किसानों ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया। दोपहर करीब तीन बजे रेल रोकने का एलान किया गया। इसके बाद शाम करीब चार बजे बड़ी संख्या में किसान रेलवे ट्रैक पर एकत्रित हो गए और दोनों ट्रेनों को रोक दिया।
सूचना मिलने पर टोहाना के डीएसपी जय भगवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत कर रेलवे अधिकारियों के साथ वार्ता के माध्यम से समस्या का जल्द समाधान कराने का भरोसा दिया। इसके बाद किसानों ने ट्रेनों को रास्ता दे दिया, लेकिन वे ट्रैक पर ही डटे रहे। इससे पहले पांच अक्तूबर को प्रशासन और किसानों के बीच हुई बातचीत के बाद रेलवे ने करीब 10 दिन में अस्थायी रास्ते का काम पूरा करने का आश्वासन दिया था। किसानों ने 15 अक्तूबर तक का समय देते हुए प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन स्थगित कर दिया था। काम पूरा नहीं होने पर समयसीमा 20 अक्तूबर तक बढ़ाई गई, लेकिन इसके बाद भी रास्ता नहीं खुला। बुधवार को डीसी डॉ. विवेक भारती ने जाखल पहुंचकर निर्माण कार्य का जायजा लिया और अधिकारियों को जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए थे। किसानों ने गुरुवार शाम तक इंतजार किया, लेकिन रास्ता चालू नहीं हुआ। किसानों ने स्पष्ट किया कि अब केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। जब तक अस्थायी रास्ता आवागमन के लिए नहीं खोला जाता, उनका धरना जारी रहेगा।
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