दिल्ली में सितंबर के साथ डेंगू का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है। मानसून के बाद उमस और जगह-जगह जमा पानी के कारण सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी व इमरजेंसी में तेज बुखार, शरीर में दर्द और कमजोरी की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों के अनुसार, इनमें डेंगू के संदिग्ध मरीज भी शामिल हैं। अस्पतालों में आने वाले कई मरीजों को तेज बुखार के साथ सिरदर्द, बदन और जोड़ों में दर्द, कमजोरी और भूख कम लगने जैसी शिकायतें हो रही हैं। डॉक्टर मरीजों को लक्षण दिखाई देने पर खुद से दवा लेने के बजाय जांच और चिकित्सकीय सलाह लेने की सलाह दे रहे हैं।
सरकारी और निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि इन दिनों बुखार के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। डेंगू के अलावा वायरल और दूसरी मौसमी बीमारियों के मरीज भी आ रहे हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर डेंगू मान लेना सही नहीं है। जरूरत के अनुसार जांच कराकर ही स्थिति स्पष्ट की जा सकती है।
उनका कहना है कि डेंगू फैलाने वाला एडीज मच्छर साफ पानी में भी पनप सकता है। घरों के आसपास गमले, कूलर, छत या अन्य जगहों पर पानी जमा होने से मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में लोगों को सप्ताह में कम से कम एक बार आसपास जमा पानी की जांच कर उसे हटाने की सलाह दी जा रही है।
इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल पहुंचे एक मरीज ने बताया कि उन्हें दो दिन से तेज बुखार और पूरे शरीर में दर्द था। शुरुआत में लगा कि मौसम बदलने की वजह से बुखार है, लेकिन जब बुखार कम नहीं हुआ तो अस्पताल आकर जांच कराई। वहीं, एक मरीज के तीमारदार ने बताया कि घर में छोटे बच्चे हैं, इसलिए बुखार को लेकर चिंता हो रही थी।
डॉक्टर ने जांच कराने और मच्छरों से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों के अनुसार, तेज बुखार के साथ लगातार उल्टी, पेट में तेज दर्द, खून आना, अत्यधिक कमजोरी या बेचैनी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने लोगों से घर और आसपास पानी जमा न होने देने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की।