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दिल्ली: मनीष सिसोदिया ने 100 करोड़ टीकाकरण की उपलब्धि पर उठाए सवाल, बोले- छह महीना पहले मिल जाती सफलता, अगर...

भारत में कोरोना टीकाकरण का आंकड़ा 100 करोड़ के पार पहुंचने पर केंद्र सरकार इसे बड़ी उपलब्धि बताकर जश्न मना रही है। वहीं, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने जश्न मनाए जाने पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार वाहवाही लूटने के लालच में न पड़ी होती तो छह महीना पहले ये सफलता मिल जाती। 

मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा कि 100 करोड़ वैक्सीन लगने पर जश्न मनाते हुए हमें यह भी याद रखना चाहिए कि अगर केंद्र सरकार समय रहते वैक्सीन के इंतजाम में लग गई होती और विदेशों में वैक्सीन भेजकर वाहवाही लूटने के लालच में न पड़ी होती तो हमारी मेडिकल टीमें छह महीने पहले ही 100 करोड़ का लक्ष्य हासिल कर चुकी होतीं। 



सीएम केजरीवाल ने दी बधाई
हालांकि, इससे पहले गुरुवार को टीकाकरण का आंकड़ा 100 करोड़ के पार पहुंचने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी देशवासियों, डॉक्टरों, नर्सों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को बधाई देते हुए इसकी तारीफ की थी। सीएम केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि 100 करोड़ टीके लगने पर सभी देशवासियों को बधाई। जिन डॉक्टरों, नर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स की वजह से यह संभव हुआ, उन्हें सलाम। हम सभी देशवासियों ने मिलकर इस बीमारी का सामना किया। हम सब मिलकर इसे हमेशा के लिए हराएंगे।

वैक्सीन पर सवाल उठाने वालों को जवाब
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस तरह के सवाल थे कि भारत के लोगों को वैक्सीन मिलेगी भी या नहीं? क्या भारत इतने लोगों को टीका लगा पाएगा, जिससे महामारी को फैलने से रोक सके। भांति-भांति के सवाल थे, लेकिन आज ये सौ करोड़ वैक्सीन डोज हर सवाल का जवाब दे रहे हैं। भारत ने अपने नागरिकों को सौ करोड़ वैक्सीन डोज मुफ्त लगाई है।

वैक्सीन हेजिटेंसी हमारे लिए चुनौती नहीं
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश के लिए यह भी कहा जा रहा था कि यहां ज्यादातर लोग टीका लगवाने के लिए आएंगे ही नहीं। दुनिया के कई देशों में वैक्सीन हेजिटेंसी एक चुनौती है, लेकिन भारत के लोगों ने 100 करोड़ वैक्सीन डोज लेकर यह सवाल उठाने वालों को निरुत्तर कर दिया है। किसी अभियान में जब सबका प्रयास जुड़ जाता है तो परिणाम अद्भुत ही होते हैं।
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पर्यावरण: कानपुर आईआईटी के विशेषज्ञ करेंगे दिल्ली के वायु प्रदूषण के कारणों की पहचान, 23 महीने में सौपेंगे रिपोर्ट 

राजधानी दिल्ली के अंदर ठंड बढ़ती ही वायु प्रदूषण का खतरा हर साल गंभीर हो जाता है, लेकिन सरकार इसका स्थायी निदान खोजने के लिए प्रयास कर रही है। दिल्ली सरकार ने आईआईटी कानपुर के साथ एक समझौता किया है जिसके अनुसार अब आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ राजधानी के वायु प्रदूषण के कारणों का पता लगाएंगे। विभिन्न जगहों से सैंपल लेकर उसका एनालिसिस करते हुए विशेषज्ञ यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि राजधानी की हवा में प्रदूषण का सटीक कारण क्या है। 

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि दिल्ली सरकार राजधानी के प्रदूषण की गहराई से जांच करा रही है। आने वाले समय में हमें पता चल सकेगा कि राजधानी में वायु प्रदूषण का बिल्कुल सटीक कारण क्या है। इन कारणों की पहचान हो जाने से प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। इसके पहले दिल्ली सरकार ने अमेरिकी संस्था से सहयोग लेकर इसी तरह की एक रिपोर्ट प्राप्त की थी।

नए समझौते के अनुसार आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञ प्रदूषण के कारणों की रियल टाइम जानकारी हासिल करेंगे। इसके अलावा साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक आधार पर इसका विश्लेषण किया जाएगा। प्रदूषण के कारणों की रियल टाइम जानकारी मिल जाने के बाद उन्हें रोकने के लिए एक्शन रिस्पांस टीम तुरंत काम करेगी और प्रदूषण को कंट्रोल में रखने के उपाय लागू कराएगी।
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सीएए विरोधी प्रदर्शन: साकेत कोर्ट ने रद्द की जेएनयू छात्र शरजील इमाम की जमानत याचिका

सीएए-एनआरसी के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जेल में बंद जेएनयू छात्र शरजील इमाम की जमानत याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया। शुक्रवार को शरजील की जमानत याचिका की सुनवाई करते हुए दिल्ली की साकेत अदालत ने उनकी जमानत याचिका रद्द कर दी।

पिछली सुनवाई में शरजील ने कहा था- वह कोई आतंकी नहीं हैं
देशद्रोह और अवैध गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत आरोपी जेएनयू छात्र शरजील इमाम ने कहा कि वह कोई आतंकी नहीं है और उसके खिलाफ मुकदमा स्थापित कानून के अनुरूप नहीं बल्कि किसी सम्राट के चाबुक की तरह है। यह तर्क शरजील ने मामले में जमानत देने और आरोपमुक्त किए जाने की मांग करते हुए रखा।

दिल्ली पुलिस ने शरजील इमाम को सीएए-एनआरसी के विरोध के दौरान कथित भड़काऊ भाषण देने के आरोप में जनवरी 2020 में गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल हो चुका है। आरोप है कि उसने 2019 में अपने भाषणों में कथित रूप से असम और पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों को देश से अलग करने की धमकी दी थी।

ये कथित भाषण उसने जामिया में 13 दिसंबर 2019 और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 16 दिसंबर 2019 को दिए थे। वह जनवरी 2020 से न्यायिक हिरासत में है।
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राजधानी फिर शर्मसार: लहूलुहान थी दुष्कर्म पीड़ित बच्ची, पांच अस्पतालों में घंटों चक्कर काटता रहा पिता

राजधानी में एक बार फिर इंसानियत शर्मसार हो गई है। रणजीत नगर इलाके में एक युवक ने छह साल की मासूम को बंधक बनाकर न सिर्फ दुष्कर्म किया, बल्कि विरोध करने पर मारपीट भी की। दर्द से कराहती बच्ची की पीड़ा यहीं खत्म नहीं हुई। बेटी को लेकर बेबस पिता दिल्ली के 5 नामचीन अस्पतालों के बीच करीब 15 किमी और ढाई घंटे तक चक्कर काटता रहा, लेकिन इलाज देने के बजाय उसे दूसरे अस्पतालों में टरकाया जाता रहा। 

सरदार पटेल अस्पताल से लेडी हार्डिंग अस्पताल, आगे कलावती, फिर लेडी हार्डिंग..., खून से लथपथ बच्ची को लेकर नई दिल्ली और मध्य दिल्ली में स्थित इन अस्पतालों के बीच उसे एंबुलेंस से भटकना पड़ा। आखिरकार, डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में वह अपनी बेटी को भर्ती करा पाया। आईसीयू में भर्ती मासूम की 36 घंटे बाद भी हालत नाजुक बनी हुई है।

बच्ची की सेहत पर सवाल करते ही शनिवार को पिता रो पड़े। सिसकते हुए बताया कि शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे पत्नी ने घटना की जानकारी दी तो भागकर घर पहुंचा। घर के बाहर भीड़ जमा थी और किसी ने घटना की जानकारी पुलिस और एंबुलेंस को दे दी थी। एंबुलेंस के मौके पर पहुंचते ही वह बच्ची को लेकर अस्पताल भागा। करीब 11 बजे सरदार पटेल अस्पताल पहुंचा। वहां कहा गया कि बच्ची का इलाज यहां संभव नहीं है, लेडी हार्डिंग अस्पताल जाना पड़ेगा। इस दौरान अस्पतालकर्मियों से मिन्नतें करता रहा, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। थक हारकर करीब 12 बजे लेडी हार्डिंग अस्पताल पहुंचा। वहां से कलावती अस्पताल जाने की सलाह दी गई।

कलावती अस्पताल में कहा गया कि दूसरे इलाके का मामला है। उसे वापस लेडी हार्डिंग जाने को कहा गया। इस बीच बच्ची दर्द से बेहाल थी। बेटी का सिर थामे पिता उसे वापस लेडी हार्डिंग अस्पताल ले गया, जहां से उसे राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई। दोपहर करीब 1:30 बजे राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती करा पाया। पहले बच्ची को स्थिर करने के लिए प्राथमिक इलाज किया और फिर शाम छह बजे ऑपरेशन करने के बाद रात 11:00 बजे उसे गहन चिकित्सा कक्ष में भेज दिया गया। बच्ची की हालत अब भी गंभीर है।

यूं लगाया 15 किमी का चक्कर
  • रणजीत नगर से सरदार पटेल अस्पताल, पटेल नगर करीब 2.8 किमी
  • सरदार पटेल अस्पताल से लेडी हार्डिंग अस्पताल करीब 8.8 किमी
  • लेडी हार्डिग अस्पताल से कलावती अस्पताल करीब 5.50 किमी
  • कलावती से लेडी हार्डिंग अस्पताल करीब 5.50 किमी
  • लेडी हार्डिंग से राम मनोहर लोहिया अस्पताल करीब 2.5 किमी
रिक्शा चलाता है पिता
बच्ची का पिता माल ढोने वाला रिक्शा चलाता है, जबकि मां घरों में साफ-सफाई का काम करती है। बच्ची की 11 महीने की छोटी बहन है।  पिता ने बताया कि शुक्रवार सुबह बेटी गुरुद्वारे में लंगर लेने गई थी। एक बार लंगर लेकर घर पहुंचाया और उसके बाद दोबारा चली गई। वापस लौटने पर खून से लथपथ थी। पूछताछ में मां को बताया कि रास्ते में 20 से 25 साल का युवक उसे कॉपी-किताब देने का लालच देकर अपने साथ एक कमरे में ले गया, जहां उसके साथ गलत काम किया। युवक के वहां से जाने के बाद बच्ची किसी तरह घर पहुंची। 

सीसीटीवी में कैद हुआ आरोपी
अस्पताल से घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाला। एक कैमरे में आरोपी कैद हो गया है। हालांकि उसने मास्क लगा रखा था। वह बच्ची को अपने साथ ले जाता दिख रहा है। ।

बेटे की मौत के गम से उबरा नहीं कि टूटा दुखों का पहाड़
पिछले साल दिल में छेद होने की वजह से सात साल के बेटे की मौत हो गई थी। जीबी पंत अस्पताल में ऑपरेशन के बाद भी उसे बचा नहीं पाए।

आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर प्रदर्शन
घटना के करीब 36 घंटे बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। पुलिस को मामले में कोई ठोस सुबूत नहीं मिल सका है। परिजनों समेत स्थानीय लोगों में भी रोष है। देर शाम आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर आक्रोशित परिजनों ने स्थानीय थाने पर प्रदर्शन किया।

दिल्ली महिला आयोग ने पुलिस को दिया नोटिस
दिल्ली महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। आयोग ने पुलिस से मामले में तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। साथ ही दर्ज प्राथमिकी का ब्योरा मांगा है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि वह घटना से काफी दुखी हैं। यह बड़ी चिंता और शर्म की बात है कि हमें छोटे बच्चों के साथ बार-बार होने वाले यौन हमले के ऐसे मामलों से गुजरना पड़ रहा है। यह व्यवस्था की पूर्ण विफलता है।
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घटना से जुड़ा वीडियो फुटेज... घटना से जुड़ा वीडियो फुटेज...

दिल्ली : पहला करवा चौथ भी न मना सकी पत्नी, पति ने ही काट दी सात जन्मों के बंधन की डोर

उत्तरी दिल्ली के बुराड़ी इलाके में शादी के नौंवे दिन ही एक महिला की उसके पति ने चाकू गोदकर हत्या कर दी। मृतका की शिनाख्त कीर्ति (19) के रूप में हुई है। 14 अक्तूबर को ही कीर्ति ने मोहम्मद आजाद खान नामक युवक से कोर्ट में प्रेम विवा किया था। हत्या करने के बाद आरोपी फरार हो गया।

सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो कमरे में खून से लथपथ कीर्ति का शव बरामद हुआ। उसके शरीर पर चाकू के कई घाव मौजूद थे। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी पति मोहम्मद आजाद खान (21) को गिरफ्तार कर लिया है। आजाद पेशे से ग्रामीण सेवा चालक है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक मूलरूप से एटा, यूपी की रहने वाली कीर्ति का मायका बुराड़ी के राधा विहार स्थित लेबर चौक का था। परिवार की मर्जी के खिलाफ इसी 14 अक्तूबर को कीर्ति ने नंद नगरी निवासी ग्रामीण सेवा चालक आजाद से कोर्ट में प्रेम विवाह कर लिया था। कीर्ति एक निजी कंपनी में नौकरी करती थी। यहीं उसकी मुलाकात ग्रामीण सेवा चालक आजाद से हुई थी। दोनों में प्यार हुआ और इन्होंने प्रेम विवाह कर लिया। 

दोनों फिलहाल अपने रिश्तेदार के मकान में गली नंबर-10, कमल विहार, बुराड़ी में रह रहे थे। शनिवार सुबह कीर्ति के भाई भोला को कीर्ति के साथ अनहोनी की सूचना मिली। भोला मौके पर पहुंचा तो अंदर उसकी बहन कमरे में खून से लथपथ पड़ी थी। भोला ने 9.55 बजे मामले की सूचना पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। छानबीन के दौरान पुलिस को कीर्ति का पति मौके से फरार मिला। पुलिस ने छापेमारी की और शनिवार को ही उसे गिरफ्तार कर लिया।

जिस मकान में कीर्ति की हत्या हुई, उसकी छत पर से ही वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आजाद ने बताया कि शादी के अगले ही दिन उसकी कीर्ति से नोंकझोंक हो गई थी। शुक्रवार रात को एक बार फिर दोनों के बीच तू-तू-मैं-मैं हो गई। गुस्से में आजाद ने चाकू के वार करके उसकी हत्या कर। बाद में आरोपी फरार हो गए। पड़ोसियों ने उसके भाई भोला को खबर दी। अब पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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दिल्ली : बाल आयोग ने बच्चों पर लॉन्च किया पहला जर्नल, पहले अंक में कोरोना पर ज्ञान

दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) ने शनिवार को चिल्ड्रन फर्स्ट: जर्नल ऑन चिल्ड्रन्स लाइव्स नामक जर्नल लांच किया। जर्नल में चर्चा, बेहतर अभ्यास को साझा करने, प्रतिबिंब, आलोचना-समालोचना, नीति व विभिन्न समीक्षा और अनुसंधान को शामिल किया गया है। पहले अंक का विषय बच्चों के जीवन पर कोरोना महामारी का प्रभाव रखा गया है। 

जर्नल लांच के दौरान मौके पर पहुंचे उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह जर्नल बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा, जो समाज को बच्चों के अधिकारों व उनके बेहतर पेरेंटिंग के प्रति जागरूक बनाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने ये दिखाया है कि हम बच्चों के जीवन को प्रभावित करने वाले मुद्दों को कितना कम समझते हैं। यह जर्नल बच्चों के अधिकारों के प्रति लोगों को संवेदनशील बनाने के साथ-साथ उनमे इस मुद्दे के प्रति गंभीरता से समझ विकसित करने का काम करेगा।  

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमें ये विश्लेषण करने की जरुरत है कि आज हम अपने बच्चों की बेहतरी व अच्छे के विषय में सोचकर जो कुछ करते हैं उनमे से कई चीजे बहुत खराब होती हैं, जिसका हमें अंदेशा नहीं होता है। हम प्यार, पढ़ाई, परवाह और मान्यताओं को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में देने के नाम पर बच्चों पर जो चीजे थोपते आए हैं उसने बच्चों को पिंजरे में कैद करने का काम किया है और इससे बचपन खो रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों की बेहतरी के लिए उन्हें अच्छा वातावरण देने की जरुरत है न की उनपर चीजे थोपने की।  

जर्नल के पहले अंक में दिल्ली के एक सरकारी स्कूल से लेकर आंध्र प्रदेश की कहानियों और राजस्थान के ग्रामीण आदिवासियों से लेकर असम के समुदायों के संघर्षों के बारे में चर्चा की गई है। पहले अंक के लिए देश भर के 100 से अधिक लेखकों से प्रस्तुतियां मिली थी। इनमें से शोध, लेख और पुस्तक समीक्षा सहित 26 लेखों को प्रकाशित किया गया है।

इंडियन इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट जस्टिस एस रविन्द्र भट्ट, यूनीसेफ इंडिया की प्रमुख यासमीन अली हक, कालकाजी से विधायक आतिशी, शिक्षा सलाहकार शैलेन्द्र शर्मा व डीसीपीसीआर के चेयरपर्सन अनुराग कुंडू सहित अन्य लोग शामिल रहे। 
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दिल्ली की आबोहवा : अब तितलियां बताएंगी राजधानी में हवा-पानी का हाल, शुरू होगी गणना

दिल्ली की आबोहवा कैसी है इसका पता तितलियों के अध्ययन से किया जाएगा। इस कार्य में दिल्ली बायोडायवर्सिटी पार्क के वैज्ञानिक जुटेंगे। दरअसल वैज्ञानिक तितलियों की गणना के आधार पर यह तय करेंगे कि वायु प्रदूषण का असर जीव-जंतुओं पर कितना पड़ रहा है।

दिल्ली के बायोडाइवर्सिटी पार्क में हर साल की तरह इस साल भी तितलियों की संख्या की गणना शुरू की जा रही है। बटरफ्लाई असेसमेंट वीक के तहत सभी पार्कों में 25-30 अक्तूबर तक तितलियों की गणना के साथ अध्ययन किया जाएगा। इस माध्यम से दिल्ली के प्रदूषण स्तर को मापने का भी प्रयोग किया होगा। 

बायोडाइवर्सिटी पार्क इंचार्ज फैयाज खुदसर ने बताया कि यमुना, अरावली, कालिंदी, तिलपथ वैली, नीला हौज, तुगलका बाद बायोडाइवर्सिटी पार्क में पलने वाले इन जीवों की गणना होगी। तितलिया पर्यावरण में भी अपना योगदान देती हैं। वे वायु प्रदूषण की सूचक भी है। इस कार्यक्रम में आम लोग भी सहयोगी बनेंगे। गणना का यह कार्य सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक किया जाएगा। 

बायोडायवर्सिटी पार्क के वैज्ञानिक डॉ. मोहम्मद फैजल के अनुसार तितलियों की गणना करने के बाद पार्क में सभी पेड़-पौधों व जीव-जंतुओं का अध्ययन किया जाएगा। यूनाइटेड नेशन द्वारा सस्टनेबल डेवलॉपमेंट गोल में भी यह अध्ययन सहायक होगा। दिल्ली के प्रदूषण स्तर को नापने का यह अप्रत्यक्ष साधना होता है।
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करवा चौथ आज : रात 9.22 बजे होगा चांद का दीदार, सुहागिनें तैयार

तितली
करवा चौथ के लिए सुहागिनें सारी तैयारियां कर चुकी हैं। बाजार से नए कपड़े और पूजा के सभी सामान खरीदकर घर ला चुकी हैं। रात को 12 बजे से महिलाओं का उपवास शुरू हो गया है। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को रात 9.22 बजे इन्हें चांद का दीदार होगा। तब जाकर महिलाओं का व्रत पूरा होगा और वह अपने पति की पूजा करने के बाद अन्न-जल ग्रहण करेंगी।

पति की लंबी आयु के लिए सुहागिन महिलाओं का करवा चौथ व्रत शुरू हो गया है। इससे पहले महिलाओं ने अपने श्रृंगार और पूजा की सारी तैयारी कर ली है। कई दिनों से करवा चौथ को लेकर बाजार गुलजार थे। शनिवार से पूर्वी दिल्ली में महिलाओं के लिए नि:शुल्क मेहंदी लगवाने की व्यवस्था की गई है। व्यवस्थापकों ने इसके लिए खास ह्वट्सएप नंबर दिया है। इसपर करवा चौथ लिखकर महिलाएं भेजकर मेंहदी लगवाने के लिए समय बुक कर रही हैं। यह सुविधा रविवार को भी उपलब्ध कराई जा रही है। 

पूरे शहर में करवा चौथ पर रौनक
कनाट प्लेस में हनुमान मंदिर के सामने सुबह से लेकर शाम तक मेंहदी लगवाने के लिए मेला लगा हुआ था। ऐसे ही पश्चिमी दिल्ली में जनकपुरी, तिलकनगर, राजौरी गार्डेन, उत्तरी दिल्ली में रोहिणी और पीतमपुरा में सड़कें मेंहदी लगाने-लगवाने वालों से गुलजार थीं। पूर्वी दिल्ली के लोनी में पांच स्थानों पर नि:शुल्क मेंहदी लगाने की व्यवस्था की गई है। साथ में महिलाओं के लिए नि:शुल्क फिजियोथेरेपी परामर्श केंद्र भी खोले गए हैं। लोनी मेन बाजार में हनुमान जी कि मूर्ति के पास, मेन चिरोड़ी बाजार, सिद्ध बाबा मंदिर राम पार्क, संगम विहार निकट श्मशान घाट, जवाहर नगर मेन मार्केट और डॉक्टर रामा क्लिनिक राजीव गार्डन में यह सुविधा रविवार तक जारी है। 

मेंहदी लगवाने के लिए नंबर लगाना पड़ा
कनाट प्लेस हनुमान मंदिर के सामने लाइन से बैठे सैकड़ों लोग महिलाओं के हाथों में मेंहदी रचा रहे थे। आम महिलाओं के अलावा महिला पुलिस कर्मी भी सुहागन का फर्ज निभाने में आगे रहीं। यहां पर मेंहदी लगाने के लिए महिलाओं ने नंबर लगाया था।

मंहगी से मंहगी डिजाइन में लगी मेंहदी
बाजार में 200 रुपये से 1000 रुपये कीमत में मेंहदी लगाई जा रही है। केवल हथेली में मेंहदी लगाने का अलग रेट है, आधे हाथ में मेंहदी लगाने के अलग रेट तय है। मंहगी से मंहगी मेंहदी लगवाने के लिए भी नंबर लगाना पड़ रहा है।
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दिल्ली: दिवाली के मौके पर अयोध्या जाएंगे मुख्यमंत्री केजरीवाल, करेंगे रामलला के दर्शन

उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव के लिए अपनी सियासी जमीन मजबूत करने में जुटी आम आदमी पार्टी (आप) के मुखिया और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भगवान राम के दरबार में हाजिरी लगाने जा रहे हैं। दिवाली से पहले 26 अक्तूबर को केजरीवाल अयोध्या पहुंचेगे। वहां राम लला के दर्शन करने के साथ हनुमान मंदिर भी जाएंगे। दिल्ली के मुख्यमंत्री का यूपी दौरा सियासी तौर पर बेहद अहम माना जा रहा है। 

उत्तराखंड व गोवा की तरह वह उत्तर प्रदेश में भी आप की तरफ से चुनावी वायदे कर सकते हैं। संभव है कि अयोध्या की धरती से वह रामराज्य की अपनी संकल्पना पर विस्तार से चर्चा करें।

इससे पहले राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन पर बधाई देते हुए केजरीवाल ने उस वक्त अपने ट्वीट में लिखा था, भगवान राम का आशीर्वाद हम पर बना रहे। उनके आशीर्वाद से हमारे देश को भुखमरी, अशिक्षा और गरीबी से मुक्ति मिले और भारत दुनिया का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र बने। आने वाले समय में भारत दुनिया को दिशा दे। जय श्रीराम! जय बजरंग बली! 

वहीं, कई मौकों पर खुद को हनुमान जी का भक्त बताते हुए रामराज्य की संकल्पना पर अपनी सरकार को चलाने की बात कही है। इसके अलावा मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के रूट मैप में भी अयोध्या को शामिल किया है। हालांकि, कोरोना की वजह से अभी योजना स्थगित है।

दिलचस्प यह कि यूपी चुनावों के लिए अपना जनाधार मजबूत करने के लिए सांसद संजय सिंह लगातार जोरआजमाइश कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी यूपी के कई दौरे किए हैं। वहीं, दिल्ली के विधायक भी यूपी की गलियों में चक्कर काट रहे हैं। इसी कड़ी में दिल्ली के मुख्यमंत्री के अयोध्या दौरे का अहम माना जा रहा है। 

उत्तराखंड और गोवा की तरह केजरीवाल अयोध्या से भी बिजली, पानी, शिक्षा आदि से जुड़े वायदे कर सकते हैं। वहीं, अयोध्या से वह रामराज्य की आप की संकल्पना पर भी चर्चा हो सकती है। इसके सहारे वह यूपी की भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा करने की कोशश कर सकते हैं।
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आप का दावा: गोवा विधानसभा चुनाव से पहले सीएम प्रमोद सावंत को पद से हटा देगी भाजपा

आम आदमी पार्टी (आप) ने दावा किया है कि गोवा विधानसभा चुनाव से दो महीने पहले भाजपा अपने मुख्यमंत्री बदलने जा रही है। आप ने इसे गोवा के मुख्यमंत्री की नाकामी और जनता के बढ़ते गुस्से के बीच भाजपा की अपनी साख बचाने की कोशिश करार दिया है। 

आप ने सिलसिलेवार ढंग से गोवा सरकार की नाकामियों को भी बताया है। आप ने कहा कि गोवा के लोग इसे समझ रहे हैं। मुख्यमंत्री बदलने से भाजपा की साख नहीं लौटेगी। दिल्ली स्थित पार्टी दफ्तर में मीडिया से बात करते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा गोवा में अपना मुख्यमंत्री बदलने जा रही है। भाजपा ये मान रही है कि गोवा के मौजूदा मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के नाकामी से जनता में उनके प्रति गुस्सा बढ़ा है।

उत्तराखंड और कर्नाटक के बाद गोवा में भी वही प्रयोग दोहराने जा रही भाजपा
सिसोदिया के मुताबिक, विश्वसनीय सूत्रों से इस बारे में पता चला है कि भाजपा किसी दूसरे नेता मुख्यमंत्री बनाने जा रहा है। इस बदलाव के लिए सिसोदिया ने 10 बिंदु गिनाए, जिस पर गोवा के मुख्यमंत्री नाकाम रहे हैं। उनका दावा है कि भाजपा ये मान चुकी है कि गोवा की जनता मौजूदा प्रमोद सावंत सरकार से दुखी है। मनीष सिसोदिया ने कहा कि उत्तराखंड और कर्नाटक के बाद भाजपा गोवा में भी वही प्रयोग दोहराने जा रही है। लेकिन मुख्यमंत्री बदलने से अब कोई फायदा नहीं होगा। उनका दावा है कि गोवा की जनता अपना मूड बना चुकी है। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी।

मनीष सिसोदिया ने गिनाए दस प्वांट्स
. कोरोना मैनेजमेंट में फेल प्रमोद सावंत सरकार
. प्रमोद सावंत सरकार में भ्रष्टाचार
. कोविड रिलीफ के नाम पर झूठ
. वेतन वृद्धि निकली जुमला
. आपदा प्रबंधन के मामले में भी फेल
. गोवा के युवाओं को नहीं मिली नौकरी
. माइनिंग माफिया से नहीं मिली निजात
. कानून व्यवस्था की स्थिति बदहाल
. बदहाल शिक्षा व्यवस्था
. बिजली-पानी की आसमान छूती कीमतें
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दिल्ली: ईएसआई के डॉक्टर व फार्मासिस्ट ने हेराफेरी कर बेच दी करोड़ों की दवाई, अपराध शाखा ने पांच को किया गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने ईएसआई डिस्पेंसरी में दी जाने वाली करोड़ों रुपये की दवाएं फर्जीवाड़े से बेचने के आरोप में एमबीबीएस डॉक्टर, दो फार्मासिस्ट समेत कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 

पकड़े गए आरोपियों की पहचान मास्टर माइंड एमबीबीएस डॉक्टर ग्रेटर नोएडा निवासी डॉ. अविनाश सैनी (41), ग्रीन फील्ड कालोनी, फरीदाबाद निवासी फार्मासिस्ट चंद्र प्रकाश (33), फार्मासिस्ट अंकित मिश्रा (23) व दो दवाओं के दो खरीदार प्रवीन मंगला (40) और सुमेश राठी (52) के रूप में हुई है। आरोपी डॉक्टर अविनाश सैनी, चंद्र प्रकाश के कहने पर मरीजों को बिना जरूरत के कीमती दवाएं लिख देते थे। बाद में इन दवाओं को मरीजों को न देकर उनको डिस्पेंसरी के स्टॉक से निकालकर बेच दिया जाता था। 

बाजार में बेच रही थी ईएसआई की दवाई
सभी आरोपी वर्ष 2018 से दवाएं चोरी कर रहे हैं। आशंका व्यक्त की जा रही है कि आरोपी पिछले तीन सालों के दौरान करोड़ों की दवाएं बेच चुके हैं। अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त राजेश देव ने बताया कि उनकी टीम को सूचना मिली कि कुछ लोग सरकारी ईएसआई की डिस्पेंसरी की दवाएं चोरी करके उनको मार्केट में बेच रहे हैं। इसमें डिस्पेंसरी के डॉक्टर व फार्मासिस्ट भी शामिल हैं। सूचना के बाद इंस्पेक्टर नरेश सोलंकी व एसआई कृष्ण कुमार ने आरोपियों की जानकारी जुटाना शुरू कर दी। 

सभी दवाइयों पर ईएसआई की लगी थी मोहर
सूचना के बाद पुलिस की टीम ने बदरपुर इलाके से दवाएं बेचते हुए रंगे हाथों चंद्र प्रकाश व प्रवीन मंगला को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से ईएसआई डिस्पेंसरी में इस्मेमाल की जाने वाली लाखों की दवाईयां मिलीं। सभी दवाईयों पर ईएसआई की मोहर लगी थी। पूछताछ के दौरान आरोपी दवाइयों के बारे में कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। पुलिस ने दवाइयों को कब्जे में लेकर उनकी स्टाक रिकॉर्ड से जांच की। सभी दवाइयां ईएसआई कार्ड धारकों को जारी की हुई दिखाई गई थीं। कुछ मामलों में कार्ड धारक डिस्पेंसरी आए ही नहीं थे, लेकिन उनके नाम पर दवाई जारी थीं।
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सूरत-ए-हाल : कोरोना महामारी के बाद अब मौसमी बीमारियों के बोझ से दबे दिल्ली के अस्पताल 

शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे थे। सफदरजंग अस्पताल का मेडिसिन वार्ड दूर से पहचाना जा सकता था। एक से दूसरी और फिर तीसरी सीढ़ी पार करने के बाद जैसे ही 15 फुट चौड़ी गैलरी में प्रवेश किया तो सामने की तस्वीर शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। एक पल को यकीन ही नहीं हुआ कि यह देश की राजधानी के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक का नजारा है। 

हालात ऐसे, जैसे किसी जिला सरकारी अस्पताल में आ गए हों। गैलरी का फर्श मरीजों के लिए बिस्तर बना हुआ था। यहां जमीन पर पीड़ित के साथ उसके तीमारदार भी दीवार का सहारा लेकर बैठे थे। उसी वक्त स्ट्रेचर की लंबी लाइनें भी नजर आई। पूछने पर पता चला कि दोनों छोर पर मरीज और तीमारदार होने की वजह से यह वार्ड तक नहीं पहुंच सकती हैं।

डॉक्टर ही बाहर आकर एक-एक स्ट्रेचर पर जाकर इलाज की भागमभाग करते दिखाई दे रहे थे। डॉक्टर से भी कुछ पूछ पाते, उससे पहले ही वह बोला- ‘यहां स्थिति ठीक नहीं है, अंदर एक भी बेड नहीं है। मैं दवा लिख देता हूं। फिलहाल कोई चिंता की बात नहीं है। आप चाहें तो घर जाकर भी यह दवाएं ले सकते हैं।’

यह हालात देखने के बाद मेडिसिन वार्ड की स्थिति भी देखने का विचार आया। गैलरी में बढ़ते ही दीवारों पर टंगी सलाइनें हकीकत बयां कर रही थीं। ग्लूकोज चढ़ाने के लिए अस्पतालों में बाकायदा सलाइन स्टैंड होता है, लेकिन यहां इतने मरीज हैं कि अस्पताल के सलाइन स्टैंड कम पड़ गए हैं। खिड़की या दीवारों पर कील लगाकर सलाइन टांगने का ही विकल्प बचा है। इसके ठीक नीचे मरीज फर्श पर बैठे हैं और उन्हें ग्लूकोज दिया जा रहा है, ताकि कमजोरी से थोड़ी राहत मिल सके।

कोरोना महामारी के बीच ऐसे हालात में सामाजिक दूरी की बात उचित भी नहीं। वार्ड में जाने के बाद स्थिति और अधिक गंभीर मिली, जहां एक बेड पर तीन मरीज मिले। फर्श पर बैठे दो युवाओं से जब बातचीत की तो पता चला कि यह दोनों जामिया विश्वविद्यालय के छात्र हैं और इनमें से एक बुखार ग्रस्त है, जिसने अपना नाम यशवीर और दूसरे ने शकील बताया। इन्होंने कहा कि डॉक्टर इलाज करने तो आ रहे हैं, लेकिन यहां एक-दूसरे को देखकर ही बीमारी जैसा महसूस हो रहा है। पता चला कि सफदरजंग में ही 300 से ज्यादा मरीज केवल बुखार की परेशानी को लेकर मौजूद हैं और इमरजेंसी वार्ड में रोजाना 100 से ज्यादा मरीज रात के वक्त पहुंच रहे हैं। 

महामारी के बाद फिर संकट में योद्धा
अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि महामारी के बाद फिर से योद्धा (स्वास्थ्य कर्मचारी) संकट में आ गए हैं। मौसमी बीमारियों की वजह से बुखार फैल रहा है। अभी कोरोना का तनाव कम भी नहीं हुआ है और फिर से स्वास्थ्य सेवाओं पर बोझ पड़ गया है। उन्हें पिछले तीन सप्ताह से एक दिन की छुट्टी नहीं मिली है। शनिवार और रविवार को उन्हें लगातार 48 घंटे तक काम करना पड़ रहा है। 

दूसरे अस्पतालों में लैब पर बोझ, दो शिफ्ट भी कम
सफदरजंग के अलावा एम्स, आरएमएल, लोकनायक अस्पताल, लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में लैब को लेकर जब हालात पता किए तो जानकारी मिली कि यहां दो शिफ्ट भी कम पड़ रही हैं और जांच के सैंपल की संख्या भी तेजी से बढ़ गई। कोरोना और डेंगू के बीच लक्षण एक जैसे हैं, लेकिन हर मरीज को संदिग्ध मानते हुए सैंपल लेकर जांच जरूर कराई जा रही है। इसकी वजह से इन अस्पतालों के माइक्रो बायोलॉजी विभाग पर काफी दबाव है।

100 में से 25 को डेंगू
दिल्ली सरकार का कहना है कि डेंगू को लेकर अभी स्थिति काफी नियंत्रण में है, लेकिन अस्पतालों में बुखार के मामले ही सबसे ज्यादा हैं। स्थिति यह है कि हर चौथा मरीज यानी बुखार के 100 में से 25 मरीज डेंगू ग्रस्त मिल रहे हैं। हालांकि, अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार केवल डेंगू ही नहीं, बल्कि वायरल-फ्लू, मलेरिया, पोस्ट कोविड और गैर कोविड की वजह से भी मरीजों की संख्या कई गुना बढ़ गई है।
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राहत की बात : दिल्ली की हवा में हुआ सुधार, एनसीआर में आज और कल बारिश के आसार

राजधानी का वातावरण प्रतिदिन परिवर्तित हो रहा है। मौसमी दशाओं को देखते हुए बृहस्पतिवार को आशंका जताई जा रही थी कि शुक्रवार से हवा फिर से खराब श्रेणी में चली जाएगी, लेकिन हुआ इसके विपरीत। बीते 24 घंटे में औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 29 अंक लुढ़ककर 170 दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले यह 199 था। वहीं, बुधवार को हवा खराब श्रेणी में थी। उम्मीद है कि अगले दो दिन हवा औसत श्रेणी में बनी रहेगी।

सफर के मुताबिक, बीते 24 घंटे में पड़ोसी राज्यों में पराली जलने की 894 घटनाएं दर्ज हुई हैं। इससे उत्पन्न होने वाले पीएम 2.5 कण की प्रदूषण में चार फीसदी हिस्सेदारी रही। राजस्थान से आने वाली हवा दिल्ली की हवा में पीएम10 की हिस्सेदारी बढ़ा रही है। साथ ही स्थानीय स्तर पर प्रदूषण हवा को बिगाड़ने का कारण बन रहा है। बीते 24 घंटे में हवा में पीएम10 का स्तर 161 व पीएम2.5 का स्तर 61 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, शुक्रवार को फरीदाबाद का एक्यूआई 183, गाजियाबाद 236, ग्रेटर नोएडा 172, गुुरुग्राम 164 व नोएडा का 192 रहा। इस साल में अब तक सिर्फ एक बार ही सोमवार को हवा 46 एक्यूआई के साथ हवा स्वच्छ श्रेणी में दर्ज की गई थी। 

दिल्ली-एनसीआर में आज और कल बारिश के आसार
दिल्ली-एनसीआर में शनिवार और रविवार को बारिश के आसार हैं। इससे तापमान में कमी आएगी और रात में अधिक सर्दी का अहसास होगा। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि शनिवार से रात के तापमान में कमी आना शुरू होगी। शुक्रवार को अधिकतम तापमान सामान्य से दो अधिक 33.4 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम सामान्य के बराबर 17.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे में हवा में नमी का स्तर 42 से 85 फीसदी रहा। दिनभर धूप खिली रही और हल्की गर्मी महसूस की गई। हालांकि, सुबह-शाम हल्की ठंड का अहसास बना रहा।

विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में दिल्ली-एनसीआर में कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 31 व न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा। इसके अगले दिन के लिए विभाग की ओर से येलो अलर्ट जारी किया गया है।
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