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नोएडा: अग्निवीरों के शैक्षिक सशक्तिकरण पर मंथन, 14 हजार से अधिक युवा जुड़े
नोएडा सेक्टर- 62 स्थित राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) में अग्निपथ योजना के अंतर्गत भारतीय थल सेना, नौसेना और वायुसेना के रेजिमेंटल केंद्रों के लिए आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का शुक्रवार को समापन हो गया। इसमें देशभर के 45 रेजिमेंटल केंद्रों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य अग्निवीरों के शैक्षिक सशक्तिकरण, कौशल उन्नयन और उनके भविष्य के लिए बेहतर शैक्षिक अवसरों को सुनिश्चित करना रहा।
कार्यशाला के मुख्य अतिथि मेजर जनरल तमोजीत बिस्वास कहा, अग्निपथ योजना युवाओं को केवल शारीरिक व मानसिक रूप से ही नहीं, बल्कि शैक्षिक रूप से भी सशक्त बनाती है। शिक्षा व्यक्तित्व के निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम है और यह एक ऐसी अमूल्य निधि है जो जीवनभर व्यक्ति के साथ रहती है। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र सेनाएं और भारत सरकार अग्निवीरों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं कि प्रत्येक अग्निवीर को सेवाकाल के दौरान अपनी शैक्षिक योग्यता बढ़ाने के पर्याप्त अवसर प्राप्त हों। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षा और कौशल का समन्वय अग्निवीरों को राष्ट्र निर्माण में प्रभावी योगदान देने और समाज में आदर्श नागरिक के रूप में स्थापित होने में सहायक होगा।
एनआईओएस के अध्यक्ष प्रो अखिलेश मिश्र ने कहा कि अग्निपथ योजना केवल सैन्य भर्ती की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह युवाओं को अनुशासित, आत्मनिर्भर, सक्षम और भविष्य के लिए तैयार करने की एक दूरदर्शी राष्ट्रीय पहल है। उन्होंने कहा कि अग्निवीरों को देश सेवा के साथ-साथ शिक्षा और कौशल विकास के अवसर प्रदान करना उनके सर्वांगीण विकास और आत्मविश्वासपूर्ण भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में निदेशक (शैक्षिक) डॉ राजीव कुमार सिंह ने कहा कि एनआईओएस सदैव शिक्षा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध रहा है।
एनआईओएस के सचिव कर्नल शकील अहमद ने कहा कि अग्निवीरों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए एनआईओएस और भारतीय सशस्त्र सेनाओं के मध्य स्थापित यह सहयोग भविष्य में और अधिक प्रभावी और व्यापक रूप से आगे बढ़ेगा। भारतीय सेना के प्रतिनिधि लेफ्टिनेंट कर्नल अभिलाष सिंह सेंगर ने भी कार्यशाला को उपयोगी, व्यावहारिक बताते हुए इसकी सराहना की।
वर्ष 2023 में एनआईओएस और भारतीय थल सेना, नौसेना व वायुसेना के मध्य संपन्न समझौता ज्ञापन ने अग्निवीरों की शैक्षिक प्रगति व प्रमाणन के लिए एक मजबूत आधार तैयार किया है। इसके जरिए अग्निवीर एनआईओएस के माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक पाठ्यक्रमों से जुड़ रहे हैं। इस पहल के माध्यम से अब तक लगभग 14,000 अग्निवीर एनआईओएस में नामांकन कर चुके हैं।
कार्यशाला में अग्निवीरों की शैक्षिक उन्नयन प्रक्रिया, एनआईओएस प्रवेश प्रणाली, मूल्यांकन तंत्र, शिक्षार्थी सहायता सेवाएं, क्रेडिट ट्रांसफर, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास, अपार आईडी, डिजीलॉकर, अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट, डेटा प्रबंधन और डिजिटल शैक्षिक सेवाओं से संबंधित विषयों पर विस्तृत तकनीकी व प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए।
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