{"_id":"6ad9fcc769d6401ebd03d676","slug":"video-the-historic-bharat-milap-in-kashi-devotees-moved-to-emotion-upon-witnessing-reunion-of-ram-and-bharat-2026-10-22","type":"video","status":"publish","title_hn":"काशी का ऐतिहासिक भरत मिलाप: राम-भरत का मिलन देख भावुक हुए श्रद्धालु, पहुंचे काशी नरेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काशी का ऐतिहासिक भरत मिलाप: राम-भरत का मिलन देख भावुक हुए श्रद्धालु, पहुंचे काशी नरेश
वाराणसी। काशी की 484 साल पुरानी नाटी इमली की भरत मिलाप लीला में शुक्रवार को भगवान श्रीराम और लक्ष्मण पुष्पक विमान से लीला स्थल पहुंचे। करीब पांच टन वजनी पुष्पक विमान को यादव बंधु अपने कंधों पर उठाकर लाए। भगवान राम और लक्ष्मण के स्वागत के लिए भरत और शत्रुघ्न जमीन पर लेट गए। दोनों छोटे भाइयों को देखते ही राम और लक्ष्मण रथ से उतरकर दौड़ पड़े और उन्हें उठाकर गले से लगा लिया। चारों भाइयों के मिलन के साथ ही पूरा लीला स्थल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक लीला को देखने के लिए एक लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। विदेशी पर्यटक भी बड़ी संख्या में इस भावुक दृश्य के साक्षी बने।
भाइयों के मिलन का दृश्य देख भावुक हुए श्रद्धालु
लीला के दौरान भरत और शत्रुघ्न अपने बड़े भाइयों राम और लक्ष्मण के स्वागत के लिए जमीन पर लेट गए। दोनों भाइयों को इस तरह स्वागत करते देख राम और लक्ष्मण खुद को रोक नहीं सके। वे रथ से उतरकर दौड़ पड़े और दोनों को जमीन से उठाया। इसके बाद श्रीराम ने भरत को और लक्ष्मण ने शत्रुघ्न को गले लगा लिया। चारों भाइयों के इस मिलन को देखकर श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। यह दृश्य भाईचारे, प्रेम, त्याग और समर्पण का संदेश देता है।
कंधों पर उठाकर लाए पांच टन का पुष्पक विमान
भरत मिलाप लीला की खास परंपरा के तहत भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को पुष्पक विमान से लीला स्थल तक लाया गया। करीब पांच टन वजनी इस विमान को यादव बंधुओं ने अपने कंधों पर उठाया। विमान के पहुंचने और भाइयों के मिलन का दृश्य देखने के लिए श्रद्धालु उत्सुक नजर आए।
हाथी पर सवार होकर पहुंचे काशी नरेश
भरत मिलाप में काशी नरेश भी हाथी पर सवार होकर पहुंचे। लीला के दौरान भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न के स्वरूपों को रथ पर सवार कराया गया। इसके बाद रथ को लीला मैदान में घुमाया गया। इस दौरान मैदान में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद रही। विदेशी पर्यटकों ने भी इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन को देखा।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।