शाहजहांपुर की प्रसिद्ध फैक्ट्री स्टेट श्रीरामलीला को लेकर श्रीरामलीला मंचन संयोजन समिति के सचिव एके व्यास ने पूर्व कलाकारों के आरोपों पर समिति का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार को द्वेषवश रामलीला मंचन से बाहर नहीं किया गया है। समिति ने संबंधित कलाकारों से संपर्क कर अपनी बात रखने और मतभेदों के समाधान के लिए बैठक में बुलाया था, लेकिन वह बैठक में शामिल नहीं हुए।
एके व्यास ने बताया कि कुछ पूर्व कलाकारों ने बिना ठोस कारण हटाए जाने के आरोप लगाए थे। इसके बाद समिति के पदाधिकारियों ने संबंधित लोगों से कई बार फोन और वाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया। उन्हें बैठक में बुलाकर अपनी बात रखने और विवाद पर चर्चा करने का अवसर दिया गया, ताकि बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान निकाला जा सके और इच्छुक कलाकारों को दोबारा टीम में शामिल करने पर भी विचार किया जा सके। उन्होंने कहा कि कलाकारों के बैठक में नहीं पहुंचने से समिति का प्रयास सफल नहीं हो सका।
उन्होंने कहा कि केवल आरोपों के आधार पर पूरी स्थिति को सही मानना उचित नहीं है। रामलीला मंचन में समय के साथ पात्रों और कलाकारों में बदलाव होते रहे हैं। इसे किसी व्यक्ति के प्रति द्वेष या दुर्भावना से जोड़ना उचित नहीं है। यदि पूर्व कलाकार बैठक में आकर अपनी बात रखते तो समिति समाधान का प्रयास जरूर करती। इस दौरान देवेश दीक्षित, अजय सक्सेना, अंकित सक्सेना, बलवीर, राम मोहन अग्निहोत्री, प्रदीप अग्निहोत्री, महेंद्र दीक्षित, पैट्रिक दास और यशपाल कुकरेजा मौजूद रहे।