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VIDEO: संत प्रेमानंद के दर्शन को निकला युवक लापता, परिवार का आश्रम पर धरना
घर से संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन को आए युवक के तीन माह से लापता होने पर आक्रोशित परिजन रमणरेती स्थित संत के आश्रम श्रीहित राधा केलिकुंज के बाहर दिनभर धरने पर बैठे। आश्रम और उसके बाहर दिनभर गहमागहमी का माहौल बना रहा। बड़ी संख्या में पुलिस बल और पीएसी के जवान तैनात रहे। पुलिस ने आश्रम का रिकार्ड खंगाला, जिसमें युवक का रिकार्ड नहीं मिला। देर शाम सीओ के आश्वासन के बाद परिजनों ने धरना समाप्त कर दिया। सादाबाद के गांव बरामनी स्थित घर से संत प्रेमानंद आश्रम के लिए चला 17 वर्षीय अनुज चौधरी पिछले तीन माह से लापता है। युवक के पिता राजवीर सिंह, मां मीना, दादी मुन्नी, चाचा जीतू एवं उसकी चार बहनें सहित परिवार एवं गांव के 50 से अधिक लोग शुक्रवार सुबह संत प्रेमानंद के आश्रम श्रीहित राधा केलिकुंज आश्रम के गेट पर पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदर्शन कर रोष व्यक्त किया। परिजन और गांव के लोगों के आक्रोश को देख वहां आ रहे श्रद्धालु भी चकित रह गए। आश्रम और उसके बाहर दिनभर गहमागहमी का माहौल बना रहा। सीओ वृंदावन, कोतवाली पुलिस और पीएसी के जवान आश्रम पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों का समझाने का प्रयास किया, लेकिन युवक के पिता सहित परिवार के लोगों ने युवक के आश्रम के अंदर होने की संभावना जताई। उसे साथ ले जाने की बात कही और वह देर शाम तक डटे रहे। युवक के पिता राजवीर ने कहा कि उनके बेटा अनुज चौधरी ने 26 जून को संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली थी। दीक्षा लेने के बाद वह आश्रम से घर चला गया। तीन जुलाई को वह घर से आश्रम संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए निकला। वह अपने साथ आश्रम से मिली कंठी माला और तीन पुस्तकें लेकर चला था, लेकिन उसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिला। पिता ने सादाबाद थाने में 5 जुलाई को गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पिता ने बताया कि अनुज पिछले तीन महीने से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। उनका आरोप है कि वह और उनके परिजन तीन महीने से बेटे की तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन आश्रम प्रबंधन न तो अंदर जाने देता है और न ही कोई स्पष्ट जानकारी देता है। बीते दिन आश्रम परिसर के पास मिले एक साधु ने दावा किया था कि उन्होंने मेरे बेटे को आश्रम के भीतर देखा है। इसके बाद से ही हम आश्रम के मुख्य द्वार पर बैठने को मजबूर हैं। हाल ही में आश्रम से जुड़े एक अन्य युवक की मृत्यु का हवाला देते हुए पिता ने आशंका जताई कि उनके बेटे के साथ भी कोई अनहोनी न हो जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दो दिनों के भीतर उनके बेटे से नहीं मिलाया तो तो वे अपनी पत्नी और चार बेटियों के साथ आश्रम के बाहर ही जान दे देंगे। दिनभर चले धरने के बाद देर शाम करीब साढे़ सात बजे आश्रम पहुंचे सीओ वृंदावन ने परिजनों से बात की। सीओ ने आश्वासन दिया कि पुलिस उनके बेटे को तलाशने में हर संभव मदद करेंगे। उन्होंने बताया कि आश्रम के रिकॉर्ड की जांच कराई गई। रिकार्ड के अनुसार युवक आश्रम में नहीं है।
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