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अयोध्या: महिला डॉक्टर के नहीं रहने से गर्भवती महिलाओं की बढ़ी परेशानी
अयोध्या : अयोध्या जिले की सबसे महत्वपूर्ण सीएचसी रुदौली में महिला चिकित्सक के नियमित नहीं बैठने से गर्भवती महिलाओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महिला चिकित्सक डॉ. फातिमा हसन रिजवी करीब 15 दिनों से अस्पताल नहीं पहुंची हैं। इसके चलते सीएचसी में सिजेरियन प्रसव सेवा ठप है और जरूरतमंद गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल रेफर किया जा रहा है। 16 सितंबर को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस पर भी डॉ. फातिमा अनुपस्थित रहीं। इससे जांच और उपचार के लिए पहुंचीं सैकड़ों गर्भवती महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ी।
आशा बहू गायत्री, कुढ़ा सादात और सलमा बानो, भेलसर ने बताया कि महिला डॉक्टर के नहीं रहने से गर्भवती महिलाओं को काफी परेशानी हो रही है। सिजेरियन की व्यवस्था ठप है और गर्भवती महिलाओं को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ रहा है। मरीजों को रेफर किए जाने से उनके परिजनों को भी अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।
आशा बहू सलमा बानो ने मांग की कि डॉ. अंजू जायसवाल को पुन: सीएचसी रुदौली में तैनात किया जाए। उनका कहना है कि डॉ. अंजू जायसवाल समय से ड्यूटी करती थीं। सलमा बानो का आरोप है कि डॉ. फातिमा हसन करीब दो से ढाई महीने से नियमित रूप से अस्पताल नहीं आ रही हैं।
सीएचसी रुदौली क्षेत्र की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य इकाई होने के बावजूद महिला चिकित्सक के नियमित नहीं बैठने और सिजेरियन सेवा प्रभावित होने का मामला सामने आने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठ रहे हैं। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को समस्या की जानकारी होने के बावजूद गर्भवती महिलाओं की परेशानी दूर करने के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है।
मामले की जानकारी सीएमओ डॉ. देवेंद्र भदौरिया को दिए जाने की बात सामने आई है। इसके बावजूद महिला चिकित्सक की नियमित उपस्थिति और सिजेरियन सेवा बहाल करने के लिए अब तक क्या कार्रवाई की गई, यह स्पष्ट नहीं है।
सीएमओ डॉ. देवेंद्र भदौरिया का पक्ष जानने के लिए मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया। फोन की घंटी बजती रही, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
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