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Expressed gratitude to the people for making the 'Punjab Bandh' a success; urged them to hold peaceful protests in pursuit of justice, and stated that the police administration will hold those who engage in vandalism accountable.
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पंजाब बंद को सफल बनाने के लिए लोगों का जताया आभार, बोले- इंसाफ के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन करें, तोड़फोड़ करने वालों की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी
मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में इंसाफ की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच उनके पिता ने पंजाब बंद को सफल बनाने के लिए प्रदेशवासियों का धन्यवाद किया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कल से अपने कामकाज शुरू करें और दुकानें खोलें। उन्होंने कहा कि उनका परिवार और इंसाफ के लिए गठित कमेटी लगातार बंद के पक्ष में नहीं है। वे किसी भी व्यक्ति की रोजी-रोटी पर असर नहीं डालना चाहते। आज पंजाब बंद करना उनकी मजबूरी थी, क्योंकि प्रदेश के हर वर्ग ने उनके बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए सहयोग दिया है।
परविंदर सिंह के पिता ने कहा कि छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-फड़ी लगाने वालों और मजदूरों की रोजी-रोटी भी दुकानों के खुलने से जुड़ी है। अगर दुकानें बंद रहेंगी तो गरीब परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने का संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने विशेष रूप से मानसा के व्यापारियों और शहरवासियों का आभार जताते हुए कहा कि लोगों ने अपनी इच्छा से बंद को समर्थन दिया है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील, तोड़फोड़ से दूर रहने को कहा
परविंदर सिंह के पिता ने आंदोलन में शामिल लोगों से अपील की कि वे इंसाफ की मांग को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करें और किसी को परेशान न करें। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग उनके परिवार के प्रति हमदर्दी जता रहे हैं, इसलिए आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ या हिंसा नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रदर्शन के दौरान कोई तोड़फोड़ करता है तो इसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन आंदोलन को दबाने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार, बाहर से इंसाफ की मांग के समर्थन में आने वाले लोगों और प्रदर्शनकारियों को परेशान करना उचित नहीं है। उन्होंने गिरफ्तार किए गए लोगों को रिहा करने की मांग भी की।
प्रशासन के साथ बातचीत से नहीं निकला समाधान, मुख्यमंत्री से इस्तीफे की मांग
परविंदर सिंह के पिता ने कहा कि प्रशासन के साथ उनकी बातचीत से अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उनका आरोप है कि कार्रवाई के नाम पर केवल औपचारिकता की जा रही है। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से इस्तीफा देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी से टकराव करना नहीं, बल्कि अपने बेटे को इंसाफ दिलाना और नशे के खिलाफ उसके संघर्ष को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि सरकार को उनकी जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
किसान संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से कमेटी में शामिल होने की अपील
परविंदर सिंह के पिता ने किसान संगठनों, समाजसेवियों, व्यापारिक संगठनों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं से इंसाफ के लिए गठित कमेटी में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि कमेटी में अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाना चाहिए, ताकि वे अपने सुझाव दे सकें और आंदोलन को सही दिशा में आगे बढ़ाया जा सके।
उन्होंने किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां सहित विभिन्न संगठनों का धन्यवाद करते हुए आग्रह किया कि प्रत्येक संगठन अपनी ओर से एक प्रतिनिधि कमेटी की बैठकों में भेजे। उन्होंने मानसा जिले के गांवों के लोगों से भी अधिक संख्या में धरने में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोग ट्रॉलियों में लंगर और पानी लेकर पहुंचें तथा शांतिपूर्ण ढंग से सरकार पर मांगें स्वीकार करने के लिए दबाव बनाएं।
उन्होंने बताया कि पंजाब के विभिन्न जिलों के अलावा चंडीगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान से भी लोग समर्थन देने पहुंचे हैं। उन्होंने सभी संगठनों और लोगों के सहयोग के लिए आभार जताया।
नशे के खिलाफ संघर्ष को आगे बढ़ाने की अपील
परविंदर सिंह के पिता ने कहा कि उनका बेटा नशे के खिलाफ आवाज उठाते हुए अपनी जान गंवा बैठा। उन्होंने कहा कि परविंदर सिंह जेल से बाहर आने के बाद भी समाजसेवा में सक्रिय रहा और लोगों की समस्याएं सुनता था। उनके अनुसार, अलग-अलग समुदायों के लोग उसके पास अपनी समस्याएं लेकर आते थे।
उन्होंने कहा कि परविंदर सिंह लोगों को आपसी विवादों और कब्जों जैसे मामलों में उलझने के बजाय पुलिस या पंचायत के पास जाने की सलाह देता था। उसका उद्देश्य समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता पैदा करना और लोगों की मदद करना था। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे उसके संघर्ष को आगे बढ़ाने के लिए एकजुट हों और नशे के कारोबार को रोकने में सहयोग करें।
हत्या वाली दुकान के पास प्रतिमा लगाने और शहीद का दर्जा देने की मांग
इंसाफ के लिए गठित कमेटी ने मांग की है कि जिस दुकान के पास परविंदर सिंह झोटा की हत्या की गई, वहां उसके सम्मान में प्रतिमा स्थापित की जाए। इसके अलावा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) से भी परविंदर सिंह को शहीद का दर्जा देने की मांग की गई है।
कमेटी और परिवार का कहना है कि आंदोलन का मकसद केवल हत्या के मामले में इंसाफ हासिल करना नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ परविंदर सिंह द्वारा शुरू किए गए संघर्ष को आगे बढ़ाना भी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शांति बनाए रखते हुए आंदोलन को मजबूत करें।
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