{"_id":"67543b0f5b0c99a3f201efbb","slug":"gwalior-has-become-a-stronghold-of-thugs-within-24-hours-the-retired-bank-manager-along-with-the-couple-were-held-hostage-for-18-hours-at-200-in-the-night-the-police-went-to-their-home-and-rescued-them-gwalior-news-c-1-1-noi1227-2392298-2024-12-07","type":"video","status":"publish","title_hn":"ग्वालियर बना ठगों का गढ़: पांच दिन में 5 लोग डिजिटल अरेस्ट की चपेट में, दंपती सहित बैंक मैनेजर को बंधक बनाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्वालियर बना ठगों का गढ़: पांच दिन में 5 लोग डिजिटल अरेस्ट की चपेट में, दंपती सहित बैंक मैनेजर को बंधक बनाया
इस समय ग्वालियर ठगों का गढ़ बन गया है। पिछले पांच दिन में ठगों ने पांच लोगों को डिजिटल अरेस्ट कर बंधक बनाया है। इन पांच दिनों में आयुर्वेदिक डॉक्टर को डिजिटल अरेस्ट कर 21 लाख की ठगी की घटना के बाद भी लगातार प्रकरण पुलिस के सामने आ रहे हैं। बीती रात कनाडा से वाया इंदौर पुलिस के पास पहुंचे फोन के बाद शहर पुलिस ने सुबह नौ बजे से रात 1:40 बजे तक डिजिटल अरेस्ट रहे ऑटो पार्ट्स कारोबारी को 17 घंटे बाद मुक्त कराया।
इस घटना के बाद रिटायर्ड बैंक मैनेजर को 24 घंटे डिजिटल अरेस्ट करके रखा है। शनिवार सुबह 12 बजे पुलिस ने रिटायर्ड बैंक मैनेजर की रिश्तेदारों की सूचना पर उनके घर पहुंच कर उनको मुक्त कराया। दोनों घटनाओं में यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो दोनों दंपती पैसे डालने के लिए तैयार हो गए थे।
आपको बता दें कि पिछले 24 घंटे में डिजिटल अरेस्ट के शिकार हुए हरिशंकरपुरम साइनी अपार्टमेंट निवासी कारोबारी जसपाल आहूजा और उनकी पत्नी अमरजीत इतनी डरी हुईं थीं कि एएसपी ने फोन पर जब उन्हें समझाने की कोशिश की तो जसपाल बोले कि ऐसा कुछ नहीं है, वो तो मदद कर रहे हैं। उन्हें मुक्त कराने पहुंची पुलिस के लिए कारोबारी ने आधा घंटे तक दरवाजा ही नहीं खोला। जब दरवाजा खोला और सामने खाकी वर्दी में पुलिस को देखा तो व्यापारी के पसीने छूट गए। ठगों ने सुबह नौ बजे के बाद व्यापारी की पत्नी के मोबाइल नंबर पर फोन कर नंबर का साइबर फ्रॉड व अन्य ठगी के मामलों में उपयोग होने और सीबीआई से गिरफ्तारी का ऑर्डर होने की बात की।
साथ ही उन्हें किसी से संपर्क न करने के निर्देश दिए। ठगों ने कहा कि जिससे भी संपर्क करोगे, वह भी आरोपी बनेगा। एएसआई विभूति नारायण मिश्रा ने साइनी अपार्टमेंट में 104 फ्लैट की डोर बेल बजाई, लेकिन जसपाल ने करीब आधा घंटे के बाद दरवाजा खोला। एएसआई ने बताया कि वह डरे हुए थे। उनका फोन बंद कर उन्हें पानी पिलाकर समझाया। डीएसपी किरण अहिरवार ने करीब डेढ़ घंटे व्यापारी की काउंसलिंग कर उन्हें ठगों के डर से मुक्त कराया।
जसपाल आहूजा और पत्नी से बातचीत, डिजिटल अरेस्ट की शिकार
इस घटना के बाद इन ठगों ने बैंक से रिटायर्ड मैनेजर और उनकी पत्नी को ठगों ने डिजिटल अरेस्ट किया है। पहले TRAI (टेलीकॉम रेगूलेटरी ऑथोरिटी ऑफ इंडिया) से कॉल आया, उसके बाद CBI ऑफिसर ने बात की कहा कि आपके आधार कार्ड से सिम इश्यू कराने के बाद जेए एयरवेज के नरेश गोयल को 538 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया है।
ठगों ने शुक्रवार सुबह नौ बजे कॉल किया था। इसके बाद दंपती घबरा गया। CBI ऑफिसर ने कहा कि आप बुजुर्ग हैं। इसलिए पुलिस नहीं भेज रहे हैं। लेकिन मिश्रा जी आप डिजिटल अरेस्ट हो।इसके बाद उनको इतना दहशत में रखा कि वह किसी से कुछ नहीं कह पाए। शनिवार सुबह 11.30 बजे पुलिस ने रिटायर्ड बैंक मैनेजर के रिश्तेदार की सूचना पर उनके घर पहुंचकर उनको मुक्त कराया है। यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो दंपती कैस डालने के लिए तैयार हो गया था।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।