दमोह जिले के पथरिया विकासखंड के नरसिंहगढ़ में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब निजी समस्याओं, आर्थिक तंगी और विभिन्न विवादों से परेशान 40 वर्षीय हेमंत प्रजापति मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक ने टावर से दो लिखित पत्र नीचे फेंके और कलेक्टर को मौके पर बुलाकर अपनी समस्याएं सुनाने की मांग की। वह कई घंटे तक टावर से नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं हुआ। करीब छह घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की समझाइश तथा समस्याओं के नियमानुसार निराकरण के आश्वासन पर युवक करीब 1:30 बजे सुरक्षित नीचे उतर आया। इसके बाद अधिकारियों ने युवक और उसके परिजनों से बातचीत कर उसकी शिकायतों की जानकारी ली।
सुबह छह से सात बजे टावर पर चढ़ा युवक
जानकारी के अनुसार बाजार मोहल्ला निवासी हेमंत पिता रामदयाल प्रजापति मंगलवार सुबह करीब छह से सात बजे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। टावर पर पहुंचने के बाद उसने दो लिखित पत्र नीचे फेंके और कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग रखी। युवक ने टावर पर चढ़ने का वीडियो भी बनाया और उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद परिजनों और पुलिस को घटना की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और युवक को सुरक्षित नीचे उतरने के लिए समझाने लगा।
कलेक्टर को बुलाने की जिद पर अड़ा रहा
युवक का कहना था कि जब तक कलेक्टर मौके पर आकर उसकी समस्याएं नहीं सुनते, वह टावर से नीचे नहीं उतरेगा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उसे लगातार समझाया, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ा रहा। इस दौरान युवक ने पुलिस और कुछ लोगों पर परेशान करने के आरोप भी लगाए। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में उसने ट्रांसपोर्टर द्वारा जेल भेजने की धमकी देने सहित कई बातें बताईं। उसने अपनी आर्थिक स्थिति और पूर्व में हुई दुर्घटना से जुड़ी परेशानियों का भी जिक्र किया।
पत्नी ने आर्थिक तंगी समेत कई समस्याएं बताईं
घटना की सूचना मिलने के बाद नरसिंहगढ़ चौकी प्रभारी रोहित द्विवेदी, पटवारी कोमल सिंह, पंचायत सचिव संतोष यादव, नायब तहसीलदार कोमल अठ्या और पथरिया नायब तहसीलदार वृदेश पांडे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने हेमंत की पत्नी से बातचीत कर परिवार की स्थिति और युवक की शिकायतों की जानकारी ली।
पत्नी के अनुसार परिवार पिछले करीब पांच वर्षों से आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। करीब पांच वर्ष पहले सड़क दुर्घटना में हेमंत घायल हो गया था। इलाज में परिवार की जमा पूंजी खर्च हो गई और दुर्घटना के बाद उसका काम भी प्रभावित हुआ। परिवार का कहना है कि उन्हें मुआवजा नहीं मिल सका, जिससे आर्थिक परेशानियां बढ़ती गईं।
महिला ने पंचायत सचिव पर आवास स्वीकृत होने के बाद कथित रूप से पैसे लेने का आरोप लगाया। इसके अलावा पड़ोसी पटेल रोडलाइंस के संचालक पर जेल भेजने की धमकी देने और परेशान करने का आरोप भी लगाया। घर के सामने लगे पेड़ और घर के पीछे गिरी दीवार को लेकर पड़ोसियों से विवाद की बात भी सामने आई। हालांकि युवक और उसके परिवार की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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पुलिस ने कहा- लिखित शिकायत दें
नरसिंहगढ़ चौकी प्रभारी रोहित द्विवेदी ने युवक की पत्नी से बातचीत के दौरान कहा कि यदि परिवार को किसी तरह की समस्या है तो उसकी लिखित शिकायत दी जाए। शिकायत को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी समझाया कि टावर पर चढ़ने से समस्या का समाधान नहीं होगा और इससे युवक की जान को खतरा हो सकता है। चौकी प्रभारी के अनुसार, पन्ना जिले के सिमरिया थाने में सड़क हादसे से संबंधित मामला दर्ज है, जो फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।
एसडीएम मौके पर पहुंचे, कलेक्टर से फोन पर कराई बात
युवक को नीचे उतारने के प्रयासों के बीच पथरिया एसडीएम निकेत चौरसिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर से फोन पर बात कराकर युवक से बातचीत कराई और उसकी समस्याएं सुनीं। एसडीएम ने युवक को भरोसा दिलाया कि उसकी शिकायतों की जांच कर नियमानुसार जो भी मदद संभव होगी, वह प्रशासन की ओर से की जाएगी। घर के सामने पेड़ और दीवार से जुड़े विवादों में भी नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया गया। वहीं, दुर्घटना से संबंधित मुआवजे का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने की जानकारी भी सामने आई।
मोबाइल बंद करने से संपर्क करना हुआ मुश्किल
टावर पर चढ़ने के कुछ समय बाद हेमंत ने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था। इसके कारण उससे फोन पर संपर्क करना मुश्किल हो गया। परिजन और पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद रहकर उसे लगातार नीचे उतरने के लिए समझाते रहे। प्रशासन ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए धैर्यपूर्वक युवक से बातचीत जारी रखी। स्थानीय लोगों ने भी उसे समझाने का प्रयास किया।
आश्वासन के बाद सुरक्षित नीचे उतरा
करीब छह घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद एसडीएम, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश का असर हुआ। अपनी शिकायतों पर कार्रवाई और समस्याओं के नियमानुसार निराकरण का भरोसा मिलने के बाद हेमंत करीब 1:30 बजे मोबाइल टावर से सकुशल नीचे उतर आया। नीचे आने के बाद अधिकारियों ने उससे बातचीत की और उसकी शिकायतों से संबंधित जानकारी जुटाई। प्रशासन का कहना है कि युवक की ओर से लगाए गए आरोपों और अन्य शिकायतों की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।