{"_id":"6addddd8538f85d25b098bd9","slug":"video-rampur-ashwa-pradarshani-chamurthi-horse-lavi-mela-november-2026-2026-10-25","type":"video","status":"publish","title_hn":"रामपुर में 1 नवंबर से सजेगी अश्व प्रदर्शनी, चामुर्थी घोड़े होंगे आकर्षण का केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामपुर में 1 नवंबर से सजेगी अश्व प्रदर्शनी, चामुर्थी घोड़े होंगे आकर्षण का केंद्र
Ankesh Dogra
Updated Sun, 25 Oct 2026 04:15 PM IST
Link Copied
अंतरराष्ट्रीय लवी मेले से पहले रामपुर बुशहर के पाटबंगला मैदान में 1 नवंबर से अश्व प्रदर्शनी का आगाज होगा। तीन दिवसीय इस प्रदर्शनी में शीत मरुस्थल के जहाज के नाम से प्रसिद्ध चामुर्थी घोड़ों के दीदार होंगे। इसके अलावा घुड़दौड़ और गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। लवी मेला समिति और हिमाचल प्रदेश पशुपालन विभाग की ओर से आयोजित होने वाली इस प्रदर्शनी की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
1 से 3 नवंबर तक आयोजित होने वाली इस प्रदर्शनी में शिमला, कुल्लू, किन्नौर सहित उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के अश्वपालकों के भाग लेने की उम्मीद है। प्रदर्शनी में उत्कृष्ट नस्ल के घोड़ों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके माध्यम से अश्वपालकों को अपनी पशुधन संपदा दिखाने और दूसरे क्षेत्रों के पालकों के साथ अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा।
प्रदर्शनी में भाग लेने वाले अश्वपालकों के लिए 1 और 2 नवंबर को पंजीकरण किया जाएगा। वहीं, 3 नवंबर को विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी। इनमें घुड़दौड़ और गुब्बारा फोड़ प्रतियोगिता प्रमुख रहेंगी। इन प्रतियोगिताओं को देखने के लिए स्थानीय लोगों और मेले में पहुंचने वाले दर्शकों में उत्साह रहने की उम्मीद है।
चामुर्थी घोड़ा हिमाचल के ऊंचाई वाले और शीत मरुस्थलीय क्षेत्रों की पहचान माना जाता है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में उपयोगी इस नस्ल के घोड़ों को देखने के लिए अश्व प्रेमियों की खास दिलचस्पी रहती है। प्रदर्शनी में इनके साथ अन्य उत्कृष्ट नस्लों के घोड़ों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
अश्व प्रदर्शनी का उद्देश्य केवल घोड़ों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि पारंपरिक अश्व संस्कृति को बढ़ावा देना भी है। पशुपालन विभाग की ओर से अश्वपालकों को बेहतर रखरखाव, प्रजनन, नस्ल सुधार, स्वास्थ्य और आधुनिक प्रबंधन तकनीकों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया जाएगा।
इस आयोजन से विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले अश्वपालकों को अपने अनुभव साझा करने और अश्वपालन से जुड़ी नई जानकारियां हासिल करने का अवसर मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय लवी मेला अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक आयोजनों के लिए जाना जाता है। अश्व प्रदर्शनी भी मेले का प्रमुख आकर्षण रहती है। पिछले वर्ष आयोजित प्रदर्शनी में 282 अश्व पहुंचे थे। इस बार भी प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के अश्वपालकों की भागीदारी रहने की उम्मीद है।
पशुपालन विभाग के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी अनिल चौहान ने बताया कि अश्व प्रदर्शनी की तैयारियां जोरों पर हैं। प्रदर्शनी के दौरान विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। उन्होंने हिमाचल प्रदेश और आसपास के राज्यों के अश्वपालकों से इसमें बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।