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बिलासपुर: मंडी-भराड़ी में बनेगा स्काई वॉक ग्लास ब्रिज, साहसिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
Ankesh Dogra
Updated Wed, 16 Sep 2026 03:53 PM IST
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चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंडी-भराड़ी को साहसिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। जिला प्रशासन ने यहां मौजूद भारी-भरकम क्रेन संरचना के ऊपर अत्याधुनिक स्काई वॉक ग्लास ब्रिज विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस परियोजना के साथ गोबिंद सागर जलाशय में 3 एस केबल कार, जिप लाइन और रिवर क्रॉसिंग जैसी साहसिक गतिविधियां शुरू करने की योजना भी बनाई गई है।
उपायुक्त राहुल कुमार ने बुधवार को अधिकारियों के साथ प्रस्तावित परियोजना स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि क्रेन संरचना की सुरक्षा और तकनीकी उपयुक्तता की जांच एनआईटी हमीरपुर की विशेषज्ञ टीम से करवाई जा चुकी है। जांच के बाद संरचना को सुरक्षित और प्रस्तावित परियोजना के लिए उपयुक्त पाया गया है।
उपायुक्त ने कहा कि क्रेन संरचना के ऊपर बनने वाला ग्लास बॉटम स्काई वॉक ब्रिज पर्यटकों और पैदल यात्रियों के लिए प्रमुख आकर्षण बन सकता है। इस ब्रिज से लोगों को गोबिंद सागर जलाशय के प्राकृतिक सौंदर्य को करीब से देखने का नया अनुभव मिलेगा। कांच के फर्श वाले इस ब्रिज के माध्यम से क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना है।
परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग के पुल और प्रस्तावित प्लेटफॉर्म के बीच गोबिंद सागर जलाशय पर आधुनिक 3 एस केबल कार विकसित करने का भी प्रस्ताव है। इसके अलावा जलाशय के आर-पार जिप लाइन और रिवर क्रॉसिंग जैसी गतिविधियां शुरू की जाएंगी। क्रेन के ड्राइवर केबिन क्षेत्र में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट विकसित करने की योजना भी प्रस्तावित है। इससे पर्यटकों को जलाशय के बीच भोजन और मनोरंजन का अलग अनुभव मिल सकेगा।
राहुल कुमार ने बताया कि परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल के तहत डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर (डीबीएफओटी) आधार पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए ई-निविदाएं और रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल यानी आरएफपी आमंत्रित करने की प्रक्रिया चल रही है।
उन्होंने कहा कि परियोजना की तकनीकी व्यवहार्यता और टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य मंडी-भराड़ी को बिलासपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विकसित करना है, ताकि जिले में पर्यटकों की आवाजाही बढ़े और स्थानीय लोगों को रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
उपायुक्त ने कहा कि बिलासपुर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। गोबिंद सागर जलाशय और मंडी-भराड़ी क्षेत्र को साहसिक पर्यटन से जोड़ने से जिले की पर्यटन गतिविधियों को नई दिशा मिल सकती है।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम बिलासपुर राज कुमार, जिला पर्यटन एवं विकास अधिकारी रजनीश शर्मा, तहसीलदार बाल कृष्ण, बीडीओ सदर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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