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Demand in Sonipat for the cancellation of MRC and transparent land valuation; appeal for 60% payment of Right of Way (RoW) charges.
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सोनीपत में एमआरसी रद्द करने और पारदर्शी भूमि मूल्यांकन की मांग, आरओडब्ल्यू का 60 फीसदी भुगतान देने की अपील
सोनीपत। सिवानी से जाजी (सोनीपत) 400 केवी हाईटेंशन लाइन से प्रभावित किसानों का गुहणा गांव में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना शनिवार को 88वें दिन भी जारी रहा। किसान भूमि का पारदर्शी मूल्यांकन करने, पूर्व में निर्धारित मल्टीपल रेट कमेटी (एमआरसी) रद्द कर नए सिरे से मूल्यांकन कराने, राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) का 60 फीसदी भुगतान और खेतों में कार्य शुरू होने से पहले पूर्ण भुगतान करने की मांग पर अड़े हैं।
भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धपुर से अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि 3 सितंबर को संयुक्त किसान मोर्चा के 13 किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने गुरुग्राम में मुलाकात की थी। बैठक के बाद वे धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों के साथ आगामी रणनीति तैयार की। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने किसानों की मांगों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुना है। अब किसान समाधान का इंतजार कर रहे हैं।
किसानों ने कहा कि यदि उनकी सभी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो अधिकारियों से जवाब तलब करने के बाद करीब 10 दिन में उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। किसानों ने आरोप लगाया कि एमआरसी तैयार करते समय प्रभावित किसानों के प्रतिनिधियों को मूल्यांकन के बाद 80 फीसदी प्रतिनिधियों की संतुष्टि का भरोसा दिया गया था, लेकिन इसका पालन नहीं हुआ। किसानों के अनुसार विभिन्न वैल्यूअर द्वारा पारदर्शी तरीके से भूमि का मूल्यांकन नहीं किया गया। उन्होंने संबंधित वैल्यूअर के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई।
किसानों का कहना है कि जाजी, मोहाना, गुहणा, भैंसवाल, बिलबिलान और आंवली गांव एनसीआर के फ्री जोन में आते हैं, जहां फैक्टरियां, गोदाम व दुकानें बनने के कारण जमीन के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने 2013 के भूमि अधिग्रहण की तर्ज पर बाजार भाव का चार गुना मुआवजा देने की मांग की। जमीन के बदले मासिक किराया देने और आरओडब्ल्यू का 60 फीसदी लाभ प्रभावित किसानों को देने की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं और पारदर्शी मूल्यांकन नहीं हुआ तो खेतों में बिजली लाइन का कार्य नहीं होने दिया जाएगा। मांगों का समाधान होने तक धरना अनिश्चितकालीन रूप से जारी रहेगा।
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