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Karnal: Dussehra Ground resonates with chants of 'Jai Shri Ram'; Dussehra celebrated with great fervor.
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करनाल: जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा दशहरा ग्राउंड, धूमधाम से मनाया दशहरा
करनाल। जिलेभर में मंगलवार को दशहरे का त्योहार धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। सेक्टर-4 स्थित नमस्ते चौक के पास दशहरा ग्राउंड में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने रिमोट कंट्रोल का बटन दबाकर रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया। जैसे ही पुतलों में आग लगी, पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। आसमान में उठती आग की लपटों और आतिशबाजी के बीच लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाया। दशहरा ग्राउंड में सुबह से ही लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। शाम होते-होते मेले में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और शहरवासी पहुंचे। लोगों ने भगवान श्रीराम के जयकारे लगाकर विजयादशमी का पर्व मनाया। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने कहा कि विजयादशमी असत्य, अहंकार, अत्याचार और बुराई पर सत्य, धर्म तथा अच्छाई की विजय का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन भगवान श्रीराम ने अधर्म, अत्याचार और अन्याय के प्रतीक रावण का वध कर धर्म की स्थापना का संदेश दिया था। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की ओर से सभी को दशहरे की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने श्री रामलीला सभा को 20 किलोवाट का सोलर प्लांट देने की घोषणा भी की।
विधायक जगमोहन आनंद ने कहा कि दशहरा असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भगवान श्रीराम ने रावण का अंत कर पूरी दुनिया को अधर्म पर धर्म की विजय का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आज के समय में भी प्रत्येक व्यक्ति के भीतर अनेक प्रकार की बुराइयां छिपी होती हैं। इन बुराइयों को पहचानकर त्यागने की जरूरत है, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके और एक बेहतर समाज का निर्माण हो।
मेयर रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि विजयादशमी का पर्व वर्षों से बुराई के अंत और अच्छाई की स्थापना के प्रतीक के रूप में मनाया जाता रहा है। यह त्योहार हमें अपने भीतर मौजूद अहंकार, क्रोध और अन्य बुराइयों को त्यागने की प्रेरणा देता है। सभी को आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारे के साथ समाज के नवनिर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। इस अवसर पर पार्षद संकल्प भंडारी, श्री रामलीला सभा के प्रधान कपिल गर्ग, सचिव गौरव गर्ग, कोषाध्यक्ष मनीष दीवान, सह सचिव अनुज जायसवाल, सदस्य अंकित गर्ग, राघव गर्ग, उमेश गुप्ता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
रामलीला सभा ने निकाली भव्य शोभायात्रा
रावण दहन से पूर्व श्री रामलीला सभा की ओर से श्री रामलीला भवन से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में भगवान गणेश, मां दुर्गा, हनुमान जी, राधा-कृष्ण, अशोक वाटिका, भगवान शिव-पार्वती और भगवान श्रीराम-माता सीता की आकर्षक झांकियां शामिल रहीं। इसके साथ ही बच्चों की ओर से मोबाइल फोन का कम से कम प्रयोग करने और नशे की रोकथाम का संदेश देती झांकियां भी प्रस्तुत की गईं। शोभायात्रा का शहर में जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
गाजे-बाजे के साथ पहुंचे हनुमान स्वरूप
दशहरा ग्राउंड में रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों के दहन से पहले विभिन्न धार्मिक सभाओं के हनुमान स्वरूप गाजे-बाजे के साथ पहुंचे। हनुमान स्वरूपों ने रावण के पुतले के सामने हाथ जोड़कर प्रणाम किया और उसकी परिक्रमा की। इसके बाद परंपरा के अनुसार पुतले पर प्रहार किया गया। इस दौरान श्री रुद्र अवतार, जुण्डला गेट, श्री हनुमान सेवादार सेक्टर-16 और श्री ब्रह्मकुंड हनुमान सभा रामनगर सहित अन्य सभाओं के हनुमान स्वरूपों ने भाग लिया। कार्यक्रम में बड़े हनुमान स्वरूपों ने छोटे हनुमान स्वरूपों का प्रणाम स्वीकार कर उन्हें गले लगाया और आशीर्वाद दिया। इस दृश्य को देखने के लिए भी लोगों की भीड़ जुटी रही।
मेले में महिलाओं ने की खरीदारी, बच्चों ने झूलों का लिया आनंद
दशहरा ग्राउंड में आयोजित मेले में लोगों ने खूब उत्साह दिखाया। महिलाओं ने घरेलू सामान और अन्य वस्तुओं की खरीदारी की, वहीं लोगों ने चाट-पकौड़ी और अन्य लजीज व्यंजनों का आनंद लिया। बच्चों में मेले को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। बच्चों ने खिलौने खरीदे और विभिन्न झूलों का आनंद लिया।
पहली बार उल्टे क्रम में हुआ पुतलों का दहन
इस बार श्री रामलीला सभा के दशहरा आयोजन में पुतलों के दहन का क्रम चर्चा का विषय रहा। आयोजन में पहली बार पुतलों का दहन उल्टे क्रम में हुआ। परंपरागत रूप से रावण दहन के साथ लंका दहन का दृश्य प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन इस बार पुतलों के दहन के बाद लंका जलाई गई। इस बदलाव को लेकर लोगों के बीच चर्चा रही।
अधजले रावण के पुतले को लेकर पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
रावण दहन के दौरान अधजले पुतले को लेकर कुछ युवकों की गतिविधियों से स्थिति असहज हो गई। आग की लपटों के बीच युवक अधजले रावण के पुतले को पंडाल में लेकर घूमते रहे। इससे मौके पर अफरा-तफरी की आशंका बनी रही। स्थिति को संभालने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। दशहरे के आयोजन में उमड़ी भीड़ के बीच इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी ध्यान खींचा।
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