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कानपुर: मकड़ीखेड़ा में जलभराव से 50 हजार की आबादी तीन दिन से बेहाल, मगरमच्छ के बच्चे निकलने से दहशत
आधी-अधूरी नाला सफाई और दो साल से निर्माण कार्य शुरू न होने के कारण मकड़ीखेड़ा में जलभराव है। अग्निहोत्रनगर, आइसक्रीम वाली गली समेत आसपास के इलाकों में करीब एक हजार मकानों की 50 हजार आबादी तीन दिन से बेहाल है। कई घरों में कमर तक पानी भरा है। जलभराव के बीच दो दिनों से मगरमच्छ के बच्चे निकलने से दहशत है।
मकड़ीखेड़ा नाला करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबा है। यह बिठूर रोड स्थित डीपीएस स्कूल के पास से मैनावती मार्ग स्थित एनआरआई सिटी तक जाता है। नाला कई जगह क्षतिग्रस्त और चोक है। बारिश से पहले फंड जारी होने के बावजूद आधी-अधूरी सफाई कर काम छोड़ दिया गया। इससे पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों से होते हुए घरों में भर गया। क्षेत्रीय पार्षद नीलम बाथम ने बताया कि नाले की सफाई ठीक से नहीं हुई है। मरम्मत के लिए धन आवंटित हो चुका है, लेकिन अभी काम शुरू नहीं हो सका है। लोगों का कहना है कि सांसद और विधायक से शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ।
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