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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kanpur News ›   Shri Krishna Janmotsav: Householders and Vaishnavas to Celebrate Janmashtami on the Same Day

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव: चार को गृहस्थ व वैष्णव एक ही दिन मनाएंगे जन्माष्टमी, इस योग का भी संयोग

Wed, 02 Sep 2026 11:00 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: Shikha Pandey Updated Wed, 02 Sep 2026 11:00 PM IST
सार

Shri Krishna Janmotsav: जन्माष्टमी चार सितंबर को मनेगी। अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के साथ ही हर्षण योग का भी संयोग है। 

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Shri Krishna Janmotsav: Householders and Vaishnavas to Celebrate Janmashtami on the Same Day
जन्माष्टमी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस बार भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव चार सितंबर को मनाया जाएगा। अष्टमी तिथि के साथ रोहिणी नक्षत्र का संयोग होने के कारण वैष्णव, रामानंदी समेत सभी प्रमुख संप्रदायों में इसी दिन जन्माष्टमी मनाने पर सहमति है। रामानंदी संप्रदाय में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के लिए रोहिणी नक्षत्र को विशेष महत्व दिया जाता है।
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ज्योतिष सेवा संस्थान की अध्यक्ष डॉ. प्रीति पवन तिवारी के अनुसार जन्माष्टमी पर सदियों बाद ग्रहों का विशेष महासंयोग बन रहा है। सात मुख्य ग्रहों में से पांच शक्तिशाली और अनुकूल स्थिति में रहेंगे। इस दिन हर्षण योग भी रहेगा। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जब प्रमुख ग्रह उच्च या स्वराशि में स्थित होते हैं तो उस समय को महाकल्याणकारी माना जाता है। इससे इस बार जन्माष्टमी को विशेष फलदायी बताया जा रहा है।
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राशि के अनुसार ऐसे करें कान्हा की पूजा
मेष : बाल गोपाल को लाल या केसरिया वस्त्र पहनाकर लाल चंदन का तिलक लगाएं। मिश्री-गुड़ का भोग लगाएं और तुलसी की माला से ॐ क्लीं कृष्णाय नमः का 108 बार जाप करें।
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वृषभ : सफेद या रजत रंग के वस्त्र पहनाएं। माखन-मिश्री और सफेद रसगुल्ले का भोग लगाकर सुख-समृद्धि के बाद चांदी की छोटी बांसुरी अर्पित करें।
मिथुन : हरे वस्त्र पहनाकर धनिया की पंजीरी तुलसी के पत्ते पर रखकर अर्पित करें। इसे मानसिक तनाव दूर करने वाला माना गया है।
कर्क : सफेद या पीले रेशमी वस्त्र पहनाएं। खीर, मावा और पेड़े का भोग लगाएं। दक्षिणावर्ती शंख से गंगाजल से अभिषेक कर पीला चंदन लगाएं।
सिंह : गुलाबी, सुनहरे या नारंगी वस्त्र अर्पित करें। माखन-मिश्री या सूखे मेवों का भोग लगाकर ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करें।
कन्या : हरे या गहरे रंग के वस्त्र पहनाएं और मोरपंख से शृंगार करें। माखन, मिश्री और हरी इलायची अर्पित करें।
तुला : भगवा या हल्के पीले वस्त्र पहनाएं। धनिया की पंजीरी, मिश्री और कलाकंद का भोग लगाएं।
वृश्चिक : लाल या मैरून पोशाक पहनाएं। गुड़ का हलवा और माखन-मिश्री अर्पित कर दक्षिणावर्ती शंख से स्नान कराएं।
धनु : पीतांबर पहनाएं और पीले फल, बेसन के लड्डू या केसर की खीर का भोग लगाएं।
मकर : नीले या बहुरंगी वस्त्र पहनाएं। मिश्री, माखन और काली मिर्च का भोग अर्पित करें।
कुंभ : नीले या आसमानी वस्त्र पहनाएं। धनिया की पंजीरी और मेवे में तुलसी डालकर भोग लगाएं।
मीन : गहरे पीले या केसरिया वस्त्र पहनाएं। केसरयुक्त पंचामृत, मिश्री और माखन अर्पित करें। पीला चंदन लगाकर झूला झुलाएं।
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