नगर परिषद सभापति पद के लिए कांग्रेस प्रत्याशी रितु जैन के नामांकन के खिलाफ भाजपा की ओर से दर्ज कराई गई आपत्ति को लेकर गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी कर रोष जताया। पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर दबाव बनाने और चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
नामांकन पर भाजपा ने दर्ज कराई थी आपत्ति
सिरोही नगर परिषद सभापति पद की कांग्रेस प्रत्याशी रितु जैन के नामांकन पर भाजपा की ओर से दो अधिवक्ताओं ने आपत्ति दर्ज कराते हुए नामांकन खारिज करने का आग्रह किया था। इसके जवाब में कांग्रेस की कानूनी टीम ने रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए आपत्ति खारिज करने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने भाजपा की ओर से दर्ज कराई गई आपत्ति को खारिज कर दिया। इससे पहले यह आपत्ति सुबह करीब आधे घंटे से अधिक समय तक दोनों पक्षों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।
कांग्रेस पदाधिकारियों और उनके वकील ने आपत्ति पर जवाब देने के लिए दोपहर 1 बजे तक का समय मांगा था। हालांकि, निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें दोपहर 12:30 बजे तक का समय दिया और कहा कि उनके पास अन्य कार्य भी हैं। निर्धारित समय पर दोनों पक्षों ने अपनी आपत्तियां और जवाब पेश किए। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
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भाजपा जिलाध्यक्ष की मौजूदगी पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति
इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी के निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में मौजूद रहने पर आपत्ति जताई। कांग्रेसियों का कहना था कि जब अन्य लोगों को कार्यालय से बाहर कर दिया गया है तो भाजपा जिलाध्यक्ष को भी बाहर किया जाना चाहिए। कांग्रेस नेता संयम लोढ़ा ने भाजपा जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी पर रिटर्निंग अधिकारी को धमकाने का आरोप लगाया।
रिश्तेदार के टैक्स बकाया का दिया था हवाला
भाजपा की ओर से कांग्रेस प्रत्याशी रितु जैन के एक रिश्तेदार के टैक्स बकाया होने का हवाला देते हुए आपत्ति दर्ज कराई गई थी। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच हुई लंबी बहस के बाद निर्वाचन अधिकारी ने भाजपा की आपत्ति को खारिज कर दिया। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।