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नागौर में चुनाव से पहले सियासी ड्रामा: कांग्रेस पार्षद और पत्नी के अपहरण का शक, बाड़ाबंदी तक पहुंची पुलिस

Sat, 19 Sep 2026 08:17 PM IST
नागौर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागौर Published by: नागौर ब्यूरो Updated Sat, 19 Sep 2026 08:17 PM IST
सार

कुचेरा नगरपालिका में चेयरमैन चुनाव से पहले कांग्रेस के विजयी पार्षद लिम्बाराम और उनकी पत्नी के लापता होने की शिकायत से सियासी हलचल बढ़ गई है। पार्षद के साले ने अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस में रिपोर्ट दी, जिसके बाद पुलिस ने बाड़ाबंदी स्थल और कुछ होटलों में जानकारी जुटाई।

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Pre-Poll Political Drama in Nagaur Congress Councillor and Wife Feared Abducted Police Reach Resort
होटल के अंदर कांग्रेसी प्रत्याशियों का जमावड़ा - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

नागौर जिले की कुचेरा नगरपालिका में चेयरमैन चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। वार्ड नंबर 9 से विजयी कांग्रेस पार्षद लिम्बाराम और उनकी पत्नी के लापता होने की शिकायत का मामला सामने आने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई। पार्षद के साले महेंद्र ने पुलिस को रिपोर्ट देकर दोनों को तलाशने की मांग की और अपहरण की आशंका जताई है। शिकायत मिलने के बाद मुंडवा सीओ धर्म पूनिया, कुचेरा थाना प्रभारी हबीब खां और पुलिस जाब्ता कांग्रेस समर्थित पार्षदों की बाड़ाबंदी वाले स्थान पर पहुंचा। पुलिस ने पार्षद और उनकी पत्नी के संबंध में जानकारी जुटाई तथा मामले की जांच शुरू की।
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पार्षद का वीडियो सामने आया, कहा- ‘मैं सुरक्षित हूं’
मामले के बीच वार्ड नंबर 9 के विजयी पार्षद लिम्बाराम का सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में पार्षद ने खुद को सुरक्षित बताया है। हालांकि, पुलिस ने सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि पार्षद के बयान लिए जाने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
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कांग्रेस प्रत्याशी तेजपाल मिर्धा ने लगाए गंभीर आरोप
कुचेरा नगरपालिका चेयरमैन पद के कांग्रेस प्रत्याशी तेजपाल मिर्धा ने पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि कांग्रेस पार्षद को किसी तरह की परेशानी नहीं है और वह सुरक्षित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्षद के साले की ओर से शिकायत करवाकर पुलिस को कांग्रेस समर्थित पार्षदों की बाड़ाबंदी तक भेजा गया। तेजपाल मिर्धा ने कहा कि यदि पुलिस पार्षद की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त होना चाहती है तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या अन्य माध्यम से पार्षद का बयान लिया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि पार्षद स्वयं वीडियो जारी कर अपनी सुरक्षा की बात कह चुका है।मिर्धा ने आरोप लगाया कि यह पूरा घटनाक्रम 21 सितंबर को होने वाले चेयरमैन चुनाव की वोटिंग को प्रभावित करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के विजयी पार्षदों पर दबाव बनाकर उन्हें मतदान से दूर रखने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा की ओर से इस खबर में कोई स्वतंत्र प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है। पुलिस ने भी आरोपों से अलग अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि कार्रवाई दर्ज शिकायत के आधार पर की जा रही है।
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होटलों में भी पुलिस ने जुटाई जानकारी
शिकायत के बाद पुलिस ने कुचेरा और नागौर क्षेत्र की कुछ होटलों में भी जानकारी जुटाई। बताया गया कि चुनाव के बाद कांग्रेस समर्थित पार्षदों के ठहरने को लेकर इन स्थानों पर जानकारी ली गई। कुचेरा थाना प्रभारी हबीब खां के अनुसार, पार्षद लिम्बाराम पुत्र चेतनाराम और उनकी पत्नी के गायब होने की रिपोर्ट उनके साले महेंद्र पुत्र बालाराम मेघवाल ने दर्ज कराई है। रिपोर्ट में अपहरण का आरोप लगाया गया है। पुलिस इसी शिकायत के आधार पर जांच कर रही है।

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एक दिन पहले गाड़ियों का पीछा करने का आरोप
इससे एक दिन पहले कांग्रेस चेयरमैन प्रत्याशी तेजपाल मिर्धा ने आरोप लगाया था कि पार्षदों को शपथ दिलाने के बाद लौटते समय उनकी गाड़ियों का पीछा किया गया और टक्कर मारने का प्रयास किया गया। उन्होंने इस मामले में भाजपा नेता रिछपाल मिर्धा पर आरोप लगाए थे। पुलिस की ओर से इन आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है।

चेयरमैन चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक हलचल
कुचेरा नगरपालिका में चेयरमैन पद के चुनाव से पहले लगातार सामने आ रहे आरोप-प्रत्यारोप ने स्थानीय राजनीति को गरमा दिया है। एक तरफ कांग्रेस खेमे की ओर से पार्षदों पर दबाव बनाए जाने के आरोप लगाए जा रहे हैं, वहीं पुलिस का कहना है कि वह अपहरण की शिकायत के आधार पर तथ्य जुटा रही है। अब पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस लिम्बाराम और उनकी पत्नी के बयान दर्ज कर क्या तथ्य सामने लाती है। साथ ही 21 सितंबर को होने वाले चेयरमैन चुनाव से पहले पार्षदों की मौजूदगी और मतदान को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।
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