रेलवे टिकट काउंटर पर उपलब्ध डिजिटल पेमेंट की सुविधा से टिकट खरीदने की व्यवस्था अब और अधिक आधुनिक व आसान हो गई है। रेलवे द्वारा टिकटिंग व्यवस्था सुगम बनाने के लिए नवाचार के तहत अपने यूटीएस और रिजर्वेशन काउंटरों पर टिकटों के भुगतान के लिए क्यू आर डिवाइस स्थापित कर यात्रियों को बड़ी सुविधा प्रदान की गई है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि भारतीय रेलवे द्वारा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में डिजिटल इंडिया की तरफ अनेक कदम उठाए जा रहे हैं जिससे टिकट,पार्सल,रिटायरिंग रूम,गुड्स एवं अन्य सभी के ऑनलाइन पैमेंट की सुविधा सुनिश्चित की गई है।
सीनियर डीसीएम विकास खेड़ा के अनुसार, इसके तहत उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के 125 रेलवे स्टेशनों पर 162 डायनामिक क्यूआर कोड लगाए गए हैं, जिसमें जोधपुर के दस क्यूआर डिवाइस शामिल है। इस व्यवस्था के तहत जोधपुर रिजर्वेशन ऑफिस में 5 डिवाइस स्थापित किए गए हैं, जिससे यात्रियों को टिकटों के लिए ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा सुलभ हुई है। इसके अलावा सभी खानपान इकाइयों पर भी क्यूआर डिवाइस से पेमेंट आसान हो गया है।
उन्होंने बताया कि प्रारंभ की गई नई व्यवस्था से यात्री रेलवे स्टेशन पर क्यूआर डायनामिक कोड के जरिए टिकट का ऑनलाइन भुगतान कर रहे हैं इसमें वह पेटीएम,गूगल पे और फोन पे जैसे प्रमुख यूपीआई मोड से भुगतान कर सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रेल यात्रियों को सुविधापूर्वक टिकट उपलब्ध हो सके इसके लिए रेल प्रशासन प्रतिबद्ध है और इससे जुड़े सभी प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तर पश्चिम रेलवे जोन देश में भारतीय रेलवे में पहले स्थान पर
उत्तर पश्चिम रेलवे महाप्रबंधक अमिताभ के दिशा निर्देशन में बुकिंग खिड़कियों पर डायनामिक क्यूआर कोड की कमीशनिंग करने में समस्त भारतीय रेलवे में प्रथम स्थान पर है। जिसके तहत कमीशनिंग का 100 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया गया है।
नगद एवं फुटकर पैसों की परेशानी से मुक्ति
उन्होंने बताया कि इन क्यूआर डिवाइसों के लग जाने से यात्रियों को नगद एवं फुटकर पैसों के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। टिकट जारी करने में लगने वाले समय में कमी आएगी। पहले यू.पी.आई. के माध्यम से डिजिटल भुगतान की सुविधा ऑनलाइन टिकट बुकिंग के लिए उपलब्ध थी,परन्तु इन डिवाइसों के लग जाने से अब यूटीएस एवं पीआरएस काउंटरों पर टिकट बुकिंग के लिए भी डिजिटल भुगतान की सुविधा उपलब्ध हो गई है।
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क्यूआर कोड स्कैन से टिकट बनाने के लाभ
यह सुविधा पूर्णतः कैशलेस बुकिंग है। यात्रियों को खुल्ले पैसों की परेशानी नहीं होगी तथा जितना टिकट का अमाउंट है वह स्वतः ही इसमें शो करता है और स्कैन करने के बाद यात्री के मोबाइल में अपने आप दिखाई देता है। यात्रियों को आरक्षित टिकट बनवाते समय टिकट की पूरी जानकारी फेयर रिपीटर में दिखेगी। जिससे यात्री टिकट बुक होने के समय यह सुनिश्चित कर सकेंगे की उनका नाम, प्रस्थान एवं गंतव्य स्टेशन नाम,उम्र,यात्रा की तारीख टिकट में सही है। इसके साथ ही फेयर रिपीटर में टिकट बुक करने वाले रेलवे कर्मचारी का नाम भी दर्शाया जा रहा है।
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