{"_id":"6aa2570edcceac373304d5d3","slug":"madhya-pradesh-first-a-transfer-now-decisions-overturned-ias-nidhi-s-orders-revoked-she-had-previously-m-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमपी: पहले हुआ ट्रांसफर, अब इनके दिए सारे आदेश निरस्त; जानिए कौन हैं IAS निधि निवेदिता ?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमपी: पहले हुआ ट्रांसफर, अब इनके दिए सारे आदेश निरस्त; जानिए कौन हैं IAS निधि निवेदिता ?
Thu, 10 Sep 2026 12:37 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Thu, 10 Sep 2026 12:37 PM IST
सार
महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त पद से हटाई गईं 2012 बैंच की आईएएस निधि निवेदिता के तबादले के बाद शासन ने उनके कार्यकाल में जारी कई आदेश भी निरस्त कर दिए हैं। बता दें आईएएस निधि 2020 में राजगढ़ कलेक्टर रहते हुए थप्पड़ कांड से भी चर्चा में रह चुकी हैं।
विज्ञापन
आईएएस निधि निवेदिता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त रहीं आईएएस निधि निवेदिता को हटाने के बाद अब उनके कार्यकाल में जारी किए गए कई आदेश भी शासन ने वापस ले लिए हैं। पांच सितंबर को उनका तबादला राजस्व विभाग में किया गया था। इसके कुछ दिन बाद शासन ने उनके कार्य विभाजन और स्थानांतरण से जुड़े आदेश निरस्त कर दिए। निधि निवेदिता ने तीन सितंबर को विभाग में प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए 14 अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली थीं। अब उनके आदेश को निरस्त कर दिया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग में आयुक्त रहते निधि निवेदिता ने क्या किया जिसे बदला गया ?
ये भी पढ़ें- मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री ने दिए सागर शराब कांड की न्यायिक जांच के आदेश, इरशाद वली बनाए गए आईजी
विज्ञापन
बैठक के विवाद के बाद बदला था माहौल
14 अगस्त को विभागीय बैठक के दौरान निधि निवेदिता और संयुक्त संचालक अक्षय श्रीवास्तव के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एकजुट होकर कार्यालय से बाहर आ गए और आईएएस के खिलाफ प्रदर्शन किया था। बाद में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया की मध्यस्थता मामला शांत हुआ था। जिसके बाद कर्मचारियों ने अपना प्रदर्शन बंद किया था।
ये भी पढें- दुबई से लौटते ही सागर में शराब कांड के पीड़ितों से मिले सीएम, बोले- दोषियों पर उम्रकैद और फांसी की धाराओं में केस चलेगा
क्या था थप्पड़ कांड जिससे आईं थीं चर्चा में
ये भी पढ़ें- सुंदर महिला की डेडबॉडी के साथ होता है दुष्कर्म...बयान के बाद भोपाल में धरने पर बैठे कांग्रेस MLA हिरासत में
किस बैच की हैं आईएएस निधि निवेदिता ?
भारतीय प्रशासन सेवा की आईएएस निधि निवेदिता 2012 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह मूलत: झारंखड की रहने वाली हैं। उनकी पहली पोस्टिंग झाबुआ में सहायक कलेक्टर के रूप में हुई थी। इसके बाद वह कई जिलो में अलग-अलग पद पर पदस्थ रही। पांच पांच सितंबर को निधि निवेदिता का तबादला राजस्व विभाग में कर दिया गया। उन्हें भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त, ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
विज्ञापन
महिला एवं बाल विकास विभाग में आयुक्त रहते निधि निवेदिता ने क्या किया जिसे बदला गया ?
- संयुक्त संचालक अक्षय श्रीवास्तव को आधार और एमआईएस शाखा का प्रभार दिया जबकि पहले उनके पास पोषण आहार शाखा थी।
- जवाहर बाल भवन के संचालक पद को लेकर जारी आदेश भी शासन ने रद्द कर दिया है।
- निधि निवेदिता ने राजेश प्रताप सिंह को जवाहर बाल भवन का संचालक और वहां पदस्थ उषा सोलंकी को संचालनालय भेजा था
विज्ञापन
ये भी पढ़ें- मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री ने दिए सागर शराब कांड की न्यायिक जांच के आदेश, इरशाद वली बनाए गए आईजी
विज्ञापन
बैठक के विवाद के बाद बदला था माहौल
14 अगस्त को विभागीय बैठक के दौरान निधि निवेदिता और संयुक्त संचालक अक्षय श्रीवास्तव के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एकजुट होकर कार्यालय से बाहर आ गए और आईएएस के खिलाफ प्रदर्शन किया था। बाद में महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया की मध्यस्थता मामला शांत हुआ था। जिसके बाद कर्मचारियों ने अपना प्रदर्शन बंद किया था।
ये भी पढें- दुबई से लौटते ही सागर में शराब कांड के पीड़ितों से मिले सीएम, बोले- दोषियों पर उम्रकैद और फांसी की धाराओं में केस चलेगा
क्या था थप्पड़ कांड जिससे आईं थीं चर्चा में
- 2020 में राजगढ़ कलेक्टर रहते हुए एक भाजपा नेता को थप्पड़ मारा
- इसके बाद एक एएसआई ने भी थप्पड़ मारने आरोप लगाया
- सीएए के समर्थन में भाजपा नेताओं ने रैली का आयोजन किया था। इस रैली में ही कलेक्टर और भाजपा कार्यकर्ताओं का विवाद हुआ था। उन्होंने आईएएस के खिलाफ कोर्ट ने इस्तगासा लगाया था। बाद में एएसआई ने भी कलेक्टर पर थप्पड़ मारने का आरोप लगाया था।
- इसकी शिकायत के बाद जांच हुई थी, जिसमें शिकायत सही पाई गई थी। इस मामले में सरकार की तरफ से जांच कमेटी बनाई गई थी।
- 2020 में कांग्रेस की सरकार जाने के बाद आईएएस निधि निविदेता को हटा दिया गया था।
ये भी पढ़ें- सुंदर महिला की डेडबॉडी के साथ होता है दुष्कर्म...बयान के बाद भोपाल में धरने पर बैठे कांग्रेस MLA हिरासत में
किस बैच की हैं आईएएस निधि निवेदिता ?
भारतीय प्रशासन सेवा की आईएएस निधि निवेदिता 2012 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। वह मूलत: झारंखड की रहने वाली हैं। उनकी पहली पोस्टिंग झाबुआ में सहायक कलेक्टर के रूप में हुई थी। इसके बाद वह कई जिलो में अलग-अलग पद पर पदस्थ रही। पांच पांच सितंबर को निधि निवेदिता का तबादला राजस्व विभाग में कर दिया गया। उन्हें भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त, ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
