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राजस्थान: हाईकोर्ट भवन निर्माण में धांधली, 50 हजार का इनामी आरोपी हरिद्वार से गिरफ्तार; अब तक आठ पकड़े

Tue, 08 Sep 2026 10:57 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: प्रतीक पांडेय Updated Tue, 08 Sep 2026 10:57 PM IST
सार

राजस्थान हाईकोर्ट की नई इमारत के निर्माण में गड़बड़ी के मामले में पुलिस ने 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी और वीरेंद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक वीरेंद्र गर्ग को हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक आठ आरोपी पकड़े जा चुके हैं। 220 करोड़ रुपये की लागत से बने भवन में फॉल सीलिंग गिरने, आग लगने और निर्माण सामग्री में खामियों के मामले सामने आए थे।

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राजस्थान हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजस्थान हाई कोर्ट की नई इमारत के निर्माण में गड़बड़ी के मामले में पुलिस ने वीरेंद्र कंस्ट्रक्शन कंपनी (वीसीएल ग्रुप) के मालिक वीरेंद्र गर्ग को सोमवार देर रात उत्तराखंड के हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। मामला सामने आने के बाद आरोपी गुरुग्राम भाग गया था और लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस इस मामले में अब तक आठ आरोपियों को पकड़ चुकी है।
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कई अधिकारियों और ठेकेदारों की हुई गिरफ्तारी
विशेष पुलिस टीमों ने मामले में मंगलवार को राजस्थान राज्य सड़क विकास एवं निर्माण निगम लिमिटेड (आरएसआरडीसी) के तत्कालीन सहायक अभियंता अजय किशन मुथा और वर्तमान में जयपुर में तैनात अधिशासी अभियंता दीपक मित्तल को गिरफ्तार किया। इससे पहले, सोमवार को पुलिस ने आरएसआरडीसी के पूर्व अधिकारी राजेश पुरोहित, तत्कालीन परियोजना प्रबंधक नवीन राय, तत्कालीन सहायक अभियंता जितेंद्र शर्मा, जेके कंपनी के मालिक रामेश्वर दयाल और फायर इंस्टॉलेशन कंपनी के मालिक गोपाल लाल खंडेलवाल को पकड़ा था। पुलिस सभी आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
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जांच में सामने आई थीं गंभीर खामियां
राजस्थान हाई कोर्ट के 220 करोड़ रुपये की लागत वाले इस नए भवन का निर्माण कार्य वर्ष 2011 में शुरू हुआ था। वर्ष 2019 में भवन को हैंडओवर करने के बाद इसका उद्घाटन हुआ था। हैंडओवर के तुरंत बाद ही इमारत में फॉल सीलिंग गिरने, आग लगने और निर्माण संबंधी कई खामियां उजागर होने लगी थीं। आईआईटी मुंबई की जांच रिपोर्ट ने भवन के लगभग 21 मीटर ऊंचे सेंट्रल डोम के कभी भी ढहने की चेतावनी दी थी। इसके अलावा आईआईटी जोधपुर सहित अन्य जांच एजेंसियों ने भी निर्माण सामग्री में कई खामियां पाई थीं। पुलिस ने इस मामले को लेकर वर्ष 2024 में कुड़ी थाने में मामला दर्ज किया था।
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कई राज्यों और शहरों में पुलिस की छापेमारी
पुलिस आयुक्त अंशुमन भोमिया के निर्देशन में पुलिस की 12 विशेष टीमों और साइबर सेल की चार विशेष टीमों ने आरोपियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया। पुलिस की टीमों ने जोधपुर, जयपुर, कोटा, बूंदी, अजमेर और अलवर के साथ गुरुग्राम, दिल्ली एनसीआर, पंजाब के पटियाला, कपूरथला, लुधियाना और हरिद्वार में दबिश दी। पुलिस के आला अधिकारी मामले के दस्तावेज को खंगाल रहे हैं और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां कर सकते हैं।
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