राजस्थान के जोधपुर शहर में इन दिनों आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या आमजन के लिए बड़ी समस्या बन गई है। लेकिन अब यह समस्या सिर्फ आम लोगों तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि शहर की प्रथम नागरिक और नगर निगम दक्षिण की महापौर वनिता सेठ भी इन आवारा कुत्तों से परेशान नजर आ रही हैं।
शहर की गलियों से लेकर मुख्य सड़कों तक आवारा कुत्तों का आतंक इतना बढ़ गया है कि नन्हे बच्चों से लेकर वाहन चालकों तक को इनसे रोजाना जूझना पड़ता है। कुछ आवारा कुत्तों तो राह चलते लोगों पर झुंड में हमला तक कर रहे हैं। हालात यहां तक पहुंच गए हैं कि विदेशी पर्यटक भी अब पुराने शहर की गलियों में जाने से पहले दो बार सोचने लगे हैं।
महापौर ने मानी समस्या की गंभीरता
पत्रकारों से बातचीत के दौरान महापौर वनिता सेठ ने बेबाकी से स्वीकार किया कि वह खुद इन आवारा कुत्तों से बेहद परेशान हैं। उन्होंने बताया कि नगर निगम द्वारा चार–पांच बार आवारा कुत्तों को हटाने के प्रयास किए गए, लेकिन हर बार कुछ एनजीओ और अधिवक्ताओं के हस्तक्षेप से कार्रवाई अधर में रह गई।
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महापौर ने कहा कि इनसे राहत दिलाने के प्रयास जारी हैं। संबंधित एनजीओ से बातचीत हो रही है और कानूनी पहलुओं पर भी विचार किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि जोधपुर शहरवासी चैन की सांस ले सकें।
नगर निगम की कार्रवाई सीमित
हालांकि नगर निगम दक्षिण द्वारा आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए दो टीमें बनाई गई हैं, लेकिन उनकी कार्रवाई केवल उन्हीं कुत्तों तक सीमित है, जो लोगों को काट चुके हों या जिनकी शिकायतें लगातार मिल रही हों। बाकी इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर निगम की ये टीमें कागजों में सक्रिय हैं, जबकि हकीकत में स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। सुबह-शाम सैर पर जाने वाले बुज़ुर्ग हों या फिर स्कूली बच्चे, हर कोई इन कुत्तों की दहशत से बचते हुए चल रहा है।
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विदेशी पर्यटक भी हो रहे हैं सतर्क
जोधपुर एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां देश-विदेश से सैलानी पहुंचते हैं। लेकिन अब आवारा कुत्तों की समस्या ने शहर की छवि पर भी असर डालना शुरू कर दिया है। कई बार विदेशी पर्यटकों को भी इन कुत्तों ने निशाना बनाया है, जिससे वे भीतरी शहर की गलियों में जाने से कतराने लगे हैं। पर्यटन व्यवसायियों का मानना है कि अगर यह स्थिति यूं ही बनी रही तो जोधपुर की पर्यटन आय भी प्रभावित हो सकती है। वे नगर निगम से अपील कर रहे हैं कि समस्या का त्वरित और स्थायी समाधान किया जाए।