एसडीएम थप्पड़ कांड के बाद जेल से रिहा हुए नरेश मीणा हाड़ौती की धरती पर पहुंचे। इस दौरान सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नरेश मीणा के साथ चलकर उनका कई जगहों पर स्वागत किया। वहीं, प्रताप चौक पर आयोजित सभा में उन्होंने प्रदेश की वर्तमान राजनीति पर चिंता जताई। इस दौरान नरेश मीणा का एक चौंकाने वाला कृत्य भी देखने को मिला। उन्होंने अपनी हथेली काटी और अपने खून से शहीद भगतसिंह की तस्वीर पर तिलक लगाया और इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए। उसके बाद यहीं से ही नरेश मीणा ने ‘जनक्रांति यात्रा’ की शुरू करने की घोषणा कर दी।
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नरेश मीणाा ने कहा कि प्रदेश में राजनीति में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशासन पर भी आरोप लगाए कि इनकी मिलीभगत से ही अवैध गतिविधियां प्रदेश में चल रही हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान का कोई ऐसा जिला-कस्बा नहीं है जहां पर शराब, गांजा और अवैध मादक पदार्थ खुलेआम नहीं बिक रहे हों। उनका सेवन करके युवा वर्ग अपना भविष्य खराब कर रहा है। वहीं, प्रदेश की राजनीति में शामिल नेता अब आम जनता के सेवक नहीं बल्कि व्यापारी बन गए हैं। इसलिए इस परिपाटी को बदलने के लिए ही जनक्रांति यात्रा की शुरूआत की जा रही है, जिसकी शुरूआत हाड़ौती से हो रही है।
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कौन हैं नरेश मीणा?
गौरतलब है कि साल 2024 के नवंबर महीने में पोलिंग बूथ पर एसडीएम को थप्पड़ मारने के बाद से ही नरेश मीणा सुर्खियों में आए थे। हालांकि उनके इस रवैये से चौतरफा उनकी आलोचना की गई थी। वहीं, दूसरी तरफ उनके जेल जाने के दौरान समरावता में जबरदस्त हिंसा हो गई थी। नरेश मीणा वर्तमान में मीणा समाज का बड़ा चेहरा माना जा रहे हैं। वहीं, जेल में आठ महीने रहने के बाद नरेश मीणा जेल से बाहर आ गए हैं। माना ये भी जा रहा है कि नरेश मीणा अब अपनी राजनीति की नई शुरूआत हाड़ौती की धरती से करेंगे। हालांकि इसको लेकर बड़े राजनेता खुलकर नहीं बोल रहे हैं।