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खौफनाक: दादा-दादी को कोरोना हुआ तो सताने लगी पोते की चिंता, ट्रेन के आगे कूद दे दी जान

कोरोना संक्रमण के वजह से राेज हजारों लोगों की जान जा रही है। खौफ इतना की कोरोना की पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर लोग खुद ही अपनी जान ले रहे हैं। ऐसा ही एक हादसा रविवार को राजस्थान के कोटा शहर में हुआ। यहां के रहने वाले एक बुजुर्ग दंपति ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। 

दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर मिला दंपति का शव
घटनास्थल पर मौजूद डिप्टी एसपी कोटा सिटी बीएस हिंगड ने मीडिया को बताया कि उन्हें आज दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर मृत बुजुर्ग दंपति के बारे में जानकारी दी गई थी। जानकारी मिलने के तुरंत बाद उन्होंने घटनास्थल पर जाकर आत्महत्या करने वाले बुजुर्ग दंपति के शवों को बरामद किया। पुलिस जांच में यह पता चला कि बुजुर्ग दंपति कोरोना संक्रमित थे और उन्हें इस बात का डर सता रहा था कि कहीं उनकी वजह से उनके परिवार के सदस्यों, खासकर उनके 19 वर्षीय पोते को कुछ न हो जाए। 

आठ साल पहले एक हादसे में खो दिया था बेटा
मृतक के परिवार ने पुलिस को बताया कि आठ साल पहले बुजुर्ग दंपति ने अपने इकलौते बेटे को एक हादसे में खो दिया था, जिसके बाद से ही वे अन्य सदस्यों को खोने के बारे में सोचकर ही डर जाते थे।

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कोटा: अस्पताल में अचानक रुकी ऑक्सीजन सप्लाई, दो मरीजों ने आधी रात तड़पकर तोड़ा दम

चीन से दुनिया में फैला कोरोना अब अपना विकराल रूप ले चुका है। देश के कई राज्यों में कोरोना से हालात बेकाबू हैं। राजस्थान में कई जगहों पर ऑक्सीजन की किल्लत है और कोविड मरीजों को पर्याप्त बिस्तर नहीं मिल पा रहे हैं। राजस्थान के कोटा से ऑक्सीजन की कमी से दो मरीजों की जान जाने का मामला सामने आया है। 

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन की सप्लाई रुकने से दो मरीजों ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। मरीज के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया है कि 19 अप्रैल को आधी रात के बाद करीब एक बजे ऑक्सीजन की सप्लाई रुक गई थी, जिसके चलते अस्पतालों में भर्ती मरीजों की स्थितियां बिगड़ गई।
 

ऑक्सीजन की कमी की वजह से दो मरीजों की जान चली गई, जिसमें एक 40 वर्षीय महिला और पुरुष शामिल है। इस घटना के सामने आने के बाद प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया है और राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

वहीं ऐसी जानकारी मिली है कि कोटा के जिस अस्पताल में यह घटना हुई है वहां अतिरिक्त मरीजों का प्रेशर बढ़ गया था। 450 की ऑक्सीजन बिस्तर की क्षमता वाले कोविड अस्पताल में 582 से ज्यादा मरीज भर्ती हो गए थे। यही वजह थी कि ऑक्सीजन सप्लाई पर इसका दबाव पड़ा। 
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कोटा: शराब पिलाई, खाना खाया और कर दिया ट्रिपल मर्डर, लड़की भगाने का विवाद सुलझाने आए थे तीनों

राजस्थान के कोटा जिले से एक दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। जिले के खातौली थाना क्षेत्र के बालुपा गांव में तीन लोगों की हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ऐसा बताया जा रहा है कि लड़की भगाने के चक्कर में विवाद हुआ और दूसरे पक्ष ने कुल्हाड़ी और धारदार हथियार से हमला बोल दिया। 

इस मामले में दिलचस्प बात यह है कि जिनकी हत्या हुई, वो लोग लड़के पक्ष के पास मामला सुलझाने आए थे। दोनों पक्षों ने साथ मिलकर साथ शराब पी और खाना खाया। इसके बाद अचानक से विवाद शुरू हुआ और लड़के पक्ष के लोगों पर खून सवार हो गया। 

पुलिस की माने तो खातौली थाना क्षेत्र के बालुपा गांव के मोग्या जाति के लोग बूंंदी जिले के दबलाना कस्बा निवासी श्योजीलाल की लड़की को भगाकर ले आए थे। जैसे ही इस मामले के बारे में पता चला, श्योजीलाल, मुकेश और गोपाल बातचीत करने के लिए बालुपा पहुंचे। इस बीच दोनों पक्षों के बीच बातचीत चल रही थी। दोनों पक्षों ने बैठकर साथ में शराब पी और खाना खाया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद गहराने लगा। 

मौके पर मौजूदा हंसराज और उसके साथियों ने कुल्हाड़ी और धारदार हथियार की मदद से हमला कर दिया, जिसके बाद श्योजीलाल, मुकेश और गोपाल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि महिला अचेतावस्था में मिली थी। यह घटना गांव से दूर सुनसान जंगल की है। 

घटना के बाद पांच-छह घंटे बाद पुलिस को इसकी जानकारी मिली। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि एक शव चारपाई पर पड़ा है तो दो शव जमीन पर थे। शवों के आस-पास खून बिखरा हुआ था, जो पूरी तरह से सुख चुका था। इस घटना के बाद से ही हंसराज और उसके साथी फरार हैं। बता दें कि मोग्या जाति के ज्यादातर लोग खेतों में रखवाली का काम करते हैं, इनका स्थायी पता नही होता है।
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राजस्थान: कोटा में बनेगा नया एयरपोर्ट, सीएम गहलोत ने दी 1250 एकड़ जमीन आवंटन की मंजूरी

राजस्थान के कोटा शहर में नया एयरपोर्ट बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके लिए 1250 एकड़ जमीन के आवंटन की मंजूरी दे दी है।

इस बारे में कोटा के कलेक्टर को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।  इस  मंजूरी के साथ ही कोटा में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण शुरू हो जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न कारणों से मौजूदा एयरपोर्ट का विस्तार संभव नहीं था।  मुख्यमंत्री की पहल और राज्य सरकार द्वारा किए गए लगातार प्रयासों के कारण केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्रालय ने कोटा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के निर्माण की मंजूरी दे दी। 

मुफ्त दी जाएगी जमीन
केंद्र व राज्य सरकार के अधिकारियों द्वारा प्रोजेक्ट के लिए जमीन चुनने के बाद मुख्यमंत्री ने मुफ्त जमीन देने का फैसला किया। कोटा में नए व बड़े एयरपोर्ट के निर्माण से राज्य में एयर कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी। इसके साथ ही कोटा व आसपास के क्षेत्रों का तेजी से विकास हो सकेगा। 
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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

राजस्थान: बीकानेर में 24 घंटे में दो बार महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर तीव्रता रही 4.8

राजस्थान के बीकानेर जिले में गुरुवार सुबह फिर से भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.8 मापी गई।  अभी जान-माल के किसी नुकसान की सूचना नहीं है। सुबह 7 बजकर 42 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। इससे पहले 21 जुलाई (बुधवार) को भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। 

मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, बुधवार तड़के पांच बजकर 24 मिनट पर आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.3 मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन से नीचे 110 किलोमीटर की गहराई में था।

जिला प्रशासन के अनुसार, इस दौरान अधिकतर लोग सो रहे थे इसलिए किसी तरह की अफरा तफरी का माहौल नहीं बना। भूकंप से कोई हताहत नहीं हुआ है।
 
 
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राजस्थान: झालावाड़ जिले में भड़की सांप्रदायिक हिंसा, तीन ब्लॉक में इंटरनेट सेवा निलंबित

राजस्थान के झालावाड़ में दो समुदायों के युवाओं के बीच हुई झड़प के बाद आगजनी और लूट की घटनाओं के चलते जिले के तीन ब्लॉक में इंटरनेट सेवा 24 घंटे के लिए बंद कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि मुस्लिम और सोंध्या राजपूत समुदाय के युवाओं के बीच किसी मुद्दे को लेकर झड़प हुई जिसके कुछ घंटे बाद सोमवार रात को यह हिंसा हुई।

उस समय तक स्थिति गंभीर नहीं हुई थी लेकिन बाद में सोशल मीडिया संदेशों में यह प्रचारित किया गया कि गंगधार में हिंदुओं पर हमला हुआ है जिसके बाद सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया। अधिकारियों ने गंगधार, पेड़वा और भवानी मंडी ब्लॉक में सोमवार रात 12 बजे से 21 जुलाई आधीरात तक इंटरनेट सेवा निलंबित कर दी है।

पुलिस ने हिंसा भड़काने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 200 लोगों के विरुद्ध चार मामले दर्ज किए हैं। ज्यादातर आरोपी अज्ञात हैं। पुलिस ने कहा कि अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि 35 को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

पुलिस के अनुसार, सोमवार शाम को सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेश प्रसारित किये गए जिसके बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल है। झालावाड़ की पुलिस अधीक्षक किरण कांग सिद्धू ने कहा कि झड़प में शामिल तीन युवाओं को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन सोंध्या राजपूत समुदाय का लक्ष्मण सिंह 100 से 150 लोगों को लेकर गंगधार पुलिस थाने पहुंच गया और सभी को गिरफ्तार करने की मांग की।

एसपी ने कहा कि लोग केवल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी से संतुष्ट नहीं थे और जिस आरा मशीन पर झड़प हुई थी भीड़ ने उसे आग लगा दिया। पुलिस ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो दोनों समुदायों के लोगों ने एक दूसरे पर पथराव किया जिससे लक्ष्मण सिंह और दो पुलिसकर्मी घायल हो गए।

एसपी ने बताया कि भीड़ ने कुछ वाहनों को भी आग लगा दिया और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि इसी बीच किसी ने अफवाह फैला दी कि लक्ष्मण सिंह को गोली लगी है, जिससे स्थिति और खराब हो गई।

सिद्धू ने कहा कि गंगधार में स्थिति अब नियंत्रण में है। झालावाड़ जिलाधिकारी हरि मोहन मीणा ने कहा कि कोटा डिविजनल आयुक्त के निर्देश पर 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा निलंबित कर दी गई है।
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कोटा: आईआरएस की कार में मिठाई के डिब्बे में रखे थे 15 लाख, एसीबी ने किए जब्त

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, कोटा की टीम ने शनिवार सुबह उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले की अफीम फैक्ट्री के महाप्रबंधक एवं आईआरएस अधिकारी डॉ.शशांक यादव की गाड़ी से मिठाई के डिब्बे में 15 लाख व पर्स में 1,32,410 रूपये सहित कुल 16.32 लाख रुपये जब्त किए। यादव के पास नीमच मध्यप्रदेश की अफीम फैक्ट्री का अतिरिक्त चार्ज भी है। वे नीमच से किसानों से वसूली कर गाजीपुर जा रहे थे लेकिन सूचना मिलने पर एसीबी, कोटा की टीम ने उनकी गाडी से राशि जब्त कर ली।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ठाकुर चंद्रशील कुमार ने बताया कि अफीम फैक्ट्री नीमच में राजस्थान व मध्यप्रदेश के लाइसेंस धारक अफीम काश्तकारों की अफीम जमा की जाती है। इन दिनों फैक्ट्री में अफीम के सैम्पलों की जांच की जा रही है। जिसके बाद काश्तकारों को भुगतान किया जाता है। इसी आधार पर नारकोटिक्स विभाग काश्तकारों को अफीम खेती के 6,10 व 12 आरी के पट्टे जारी करता है।

भारतीय रेवेन्यू सेवा के अधिकारी डॉ शशांक यादव द्वारा नीमच में कार्यरत कर्मचारी अजीत सिंह व दीपक यादव के मार्फत दलालों के जरिये अफीम की गाढता व मारफीन प्रतिशत ज्यादा बताकर 10 व 12 आरी के पट्टा दिलवाने के लिये प्रत्येक किसान से 60 से 80 हजार रू वसूली की जा रही थी। ये किसान कोटा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ व झालावा जिले के थे। जो किसान रिश्वत नहीं देते उनकी अफीम में गाढ़ता व मारफीन प्रतिशत कम कर देते थे।

6 हजार किसानों से 30 करोड़ एडवांस वसूले
एसीबी को प्राप्त जानकारी के अनुसार, अफीम लैब के अजीत सिंह व कोडिंंग टीम के दीपक यादव दलाल के मार्फत 6 हजार से अधिक किसानों पट्टे दिलाने के नाम पर 30 से 36 करोड़ रूपये एडवांस वसूल चुके हैं। जबकि 40 हजार से अधिक किसानों की अफीम की जांच अभी बाकी है। शशांक यादव नीमच आये हुये थे और अपनी स्कार्पियों कार में 15 लाख रूपये से अधिक राशि मिठाई के डिब्बे में छिपाकर ले जा रहे थे।
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आफत: अब चित्तौड़गढ़ किले पर गिरी बिजली, ऐतिहासिक कीर्ति स्तम्भ का टूटा पत्थर

प्रतीकात्मक तस्वीर
देशभर में आकाशीय बिजली गिरने का दौर जारी है। गुजरात के बाद राजस्थान में एतिहासिक स्थल पर व्रजपात हुआ है। राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक किले को बड़ा नुकसान पहुंचा है। वहां मौजूद कीर्ति स्तम्भ पर बिजली गिरी, जिसकी वजह से करीब 40 किलो वजनी पत्थर टूटकर गिर गया है।  इसी हफ्ते जयपुर के आमेर किले में मौजूद वॉच टॉवर पर बिजली गिरी थी। इसमें 11 लोगों की मौत हो गई थी। 12 जुलाई को आमेर किले पर 40 मिनट में कई बार आकाशीय बिजली गिरी थी।

कीर्ति स्तम्भ को नुकसान 
भारतीय पुरातत्व और संरक्षण विभाग के कर्मचारी ने बताया कि मंगलवार शाम को करीब साढ़े सात बजे बिजली गिरी थी। इससे कीर्ति स्तम्भ पर उत्तरी दिशा में लगी प्रतिमा के नीचे का पत्थर टूट गया। इसके अलावा पीपल के 2 पेड़ भी काले पड़ गए हैं और वहां पर बड़ा गड्ढा बन चुका था।  बता दें कि कीर्ति स्तम्भ पर इससे पहले भी बिजली गिर चुकी है। 

प्रशासन की लापरवाही से नुकसान
भारतीय पुरातत्व विभाग के कर्मचारी ने मीडिया को बताया कि यह नुकसान बिजली गिरने से नहीं बल्कि प्रशासन की लापरवाही से हुआ है। क्योंकि कीर्ति स्तम्भ पर लगा तड़ित चालक खराब पड़ा था। यह कई दिनों से खराब था, लेकिन प्रशासन की ओर से इसे बनाया नहीं गया, जिसकी वजह से बिजली गिरने की आशंका है। बता दें कि तड़ित चालक एक धातु से बनी छड़ होती है, जिसे ऊंची इमारतों पर बिजली गिरने से उसकी सुरक्षा के लिए लगाया जाता है।

राजस्थान में बिजली गिरने से अभी तक 28 लोगों की मौत
बता दें कि 14 जुलाई को राजस्थान के अलग अलग हिस्सों में आकाशीय बिजली गिरने से छह लोगों की मौत हुई और 20 से ज़्यादा पशु मारे गए। पिछले एक सप्ताह से राजस्थान में आकाशीय बिजली गिरने से 28 लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन और बारिश का अनुमान जताया है। मौसम विभाग ने इस दौरान बिजली गिरने की भी आशंका जताई है। 
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दर्दनाक: राजस्थान के कोटा में डेयरी संयंत्र में सिलिंडर फटने से सुरक्षा गार्ड की मौत

राजस्थान के कोटा में एक डेयरी प्लांट की इमारत में रेफ्रिजरेंट गैस सिलिंडर फटने से 32 वर्षीय एक सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रावतभट्टा रोड पर स्थित सरस दूध डेयरी संयंत्र में शुक्रवार शाम करीब चार बजे प्रवेश द्वार के पास सिलिंडर में विस्फोट हो गया जिससे वहां मौजूद सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में आर.के. पुरम थाना में मामला दर्ज किया गया है। सकटपुरा इलाके का निवासी भूपेंद्र सिंह इसमें बुरी तरह से जख्मी हो गया और उसे कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (केएमसीएच) ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। सिंह ने करीब एक महीने पहले संयंत्र में काम शुरू किया था।

निरीक्षक रमेश शर्मा ने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद शनिवार सुबह उसका शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना में दो अन्य गार्ड पवन (24) और राजकुमार घायल हो गए। कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) राकेश शर्मा ने कंपनी की ओर से लापरवाही के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि प्रबंधन ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। उन्होंने बताया कि कंपनी पीड़ित परिवार को अनुग्रह राशि प्रदान करेगी।
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राजस्थान: कोटा में दिनदहाड़े दुकानदार पर दागीं पांच गोलियां, सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई खौफनाफ वारदात

राजस्थान के कोटा जिले में दिनदहाड़े गोली चलाने का मामला सामने आया है। कोटा के गुमानपुरा इलाके में छह हथियारबंद युवकों ने एक दुकानदार पर दिनदहाड़े गोली चलाई। इस खौफनाक घटना का मंजर सीसीटीवी में कैद हो गया है, जो खूब तेजी से वायरल हो रहा है। 

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे बाइकों पर सवार होकर छह लड़के दिनदहाड़े पिस्तौल की मदद से फायरिंग कर रहे हैं और बाद में आराम से बैठकर निकल जाते हैं। बता दें कि एक बाइक पर तीन युवक सवार थे। इन लड़कों ने फल और सब्जी बाजार के एक दुकानदार को निशाना बनाकर फायरिंग की, हालांकि दुकानदार को किसी तरह की कोई चोट नहीं आई।




कोटा पुलिस ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस ने जानकारी दी कि जिस दुकानदार पर गोलियां चलाई गई थीं, उसकी पहचान कैलाश मीणा के तौर पर हुई थी। बता दें कि सोमवार की सुबह तीन युवक कैलाश मीणा की दुकान के सामने आए और आवाज देकर उसे बाहर बुलाने लगे। 

जैसे ही कैलाश मीणा दुकान से बाहर निकले, एक हमलावर ने पांच राउंड दागीं लेकिन दुकानदार मीणा वहां से बच निकले। इसके बाद बाइक सवाल घटनास्थल से भाग गए। बता दें कि कैलाश मीणा फल, सब्जी और अनाज के कमिशन एजेंट के तौर पर खरीद और बिक्री का काम करते हैं। 

कैलाश मीणा का कहना है कि उनकी किसी भी शख्स से कोई रंजिश नहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने हमलावर युवकों की पहचान से भी इनकार कर दिया। पुलिस ने जानकारी दी कि सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से आरोपियों की पहचान की जा रही है। 
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अंधविश्वास: पांच महीने की मासूम को निमोनिया होने पर मां ने गर्म सलाखों से दागा, बच्ची की हालत गंभीर

राजस्थान में निमोनिया के इलाज से बचने के लिए बच्चों को गर्म सलाखों से दागने का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा। अंधविश्वास के चक्कर में कई मासूमों की जान तक चली जा रही है। ताजा मामला भिलवाड़ा का है, जहां एक मां अपनी पांच महीने की मासूम को गर्म सलाखों से दाग दिया। तबीयत बिगड़ने पर मासूम को अस्पताल में भर्ती कराया गया। बच्ची की स्थिति नाजुक बनी हुई है। फिलहाल डॉक्टर इलाज कर रहे हैं। 

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो बच्ची को निमोनिया की शिकायत थी जिसके बाद मां ने खुद ही इलाज करते हुए बच्ची को गर्म सलाखों से दाग दिया। पीड़ित की मां का कहना है कि उसने निमोनिया दूर करने के लिए ऐसा किया, लेकिन उसकी अचानक बिगड़ने लगी। मां ने बताया कि निमोनिया होने पर उसे गर्म लोहे की रॉड से दाग दिया। जिससे वह ठीक हो गई थी, लेकिन फिर उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिसपर मैंने खुद ही गर्म सलाखों से दाग दिया।

बच्ची की हालत गंभीर
भीलवाड़ा के राजकीय महात्मा गांधी चिकित्सालय में बच्ची को भर्ती कराया गया है। अस्पताल अधीक्षक डॉ.अरूण गौड़ ने कहा कि पांच माह की बच्ची को गंभीर अवस्था में एनआईसीयू में भर्ती करवाया गया है। उसके परिवारजनों ने गर्म सलाखों से दागा है।  बच्ची की हालत अभी गंभीर बनी है।

गर्म सलाखों से दागने दर्जनों घटनाएं 
बता दें कि राजस्थान में निमोनिया के इलाज के नाम पर बच्चों को गर्म सलाखों से दागने की यह पहली घटना नहीं है। भीलवाड़ा, चित्तौडगढ और राजसमन्द जिलों में पिछले कुछ सालों में ऐसी दर्जनों घटनाऐं सामने आई हैं, जिनमें से तीन बच्चों की मौत भी हो चुकी है। पिछले 2 साल में अकेले भीलवाड़ा जिले में इस तरह की 20 से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। केवल बनेड़ा थाना क्षेत्र में एक बालिका की मौत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है
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कोटा: पत्नी को कुल्हाड़ी से काट डाला, फिर सड़क पर घसीटा शव, 9 माह के बेटे को भी नहीं बख्शा

राजस्थान के कोटा में निर्ममता और बर्बरता का एक मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद उसके शव को सड़क पर कई मीटर तक घसीटा। इस घटना में उसका नौ महीने का बेटा भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने बुधवार (2 जून) को इसकी जानकारी दी।

एक जून को देर रात हुई घटना
बताया जा रहा है कि यह घटना मंगलवार (एक जून) रात को रामपुरा इलाके में हुई। पत्नी की हत्या करने के बाद आरोपी ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 

मामूली बात पर हुआ था झगड़ा
पुलिस उपाधीक्षक राम कल्याण ने बताया कि किसी बात को लेकर झगड़ा होने पर भाटपाड़ा इलाके में रहने वाले सुनील वाल्मीकि उर्फ पिंटू (40) नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी सीमा (35) पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हत्या के बाद सड़क पर घसीटा शव
पत्नी की हत्या करने के बाद आरोपी सुनील उसके शव को सड़क पर ले गया और उसे करीब 70-80 मीटर तक घसीटा। इससे इलाके में काफी दहशत फैल गई। कुछ देर बाद आरोपी ने शव को सड़क पर ही छोड़ दिया। फिर वह रामपुरा थाने पहुंचा और अपना अपराध स्वीकार कर आत्मसमर्पण कर दिया। 

9 माह के बच्चे की भी मौत
बताया जा रहा है कि इस हादसे में सुनील का 9 महीने का बेटा अविनाश भी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान बुधवार सुबह उसकी मौत हो गई। यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि बच्चे को चोट कैसे लगी। पुलिस ने महिला और बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। साथ ही, हत्या के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
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मजबूरी: एंबुलेंस वाले ने मांगा 35 हजार, कार की सीट पर बेटी की लाश बांध 80 किमी चला पिता

पैसे की भूख ने मानवता को कई बार शर्मसार किया है। इंसानियत के दुश्मन आपदा में भी अवसर खोजने से बाज नहीं आ रहे हैं। कोरोना महामारी की इस विपदा में भी लोग पैसे के लिए किस तरह इंसानियत को तार-तार कर रहे हैं, इसका उदाहरण राजस्थान के कोटा में देखने को मिला। कोटा में एक पिता को कोरोना से जान गंवाने वाली अपनी बेटी की लाश को कार की सीट पर बांधकर 80 किमी दूर झालावाड़ में अपने घर तक ले जाने पर मजबूर होना पड़ा क्योंकि एंबुलेंस वाले ने 35 हजार रुपये की मांग कर दी।

क्या है पूरा मामला? 
मामला राजस्थान के कोटा का है, जहां सोमवार (24 मई) को एक पिता कोरोना से पीड़ित अपनी बेटी की जिंदगी बचाने के लिए उसे न्यू मेडिकल हॉस्पिटल लाया था, लेकिन बेटी नहीं बच पाई। पिता को एंबुलेंस भी नहीं मिला कि वह अपनी बेटी का शव घर ले जा सके। अस्पताल के बाहर खड़ी प्राइवेट एंबुलेंस वालों से जब पिता ने मदद मांगी तो उन्होंने 20 से 35 हजार तक रुपये मांग लिए। इतने पैसे न होने पर अंततः मजबूर पिता ने अपनी बेटी की लाश को कार की सीट पर बांधा और 80 किमी दूर झालावाड़ गया। 

परिजन लाश को खुद अस्पताल से बाहर लाए
34 साल की सीमा की न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में कोरोना के इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद सीमा के शव को मोर्चरी से अस्पताल के बाहर खड़ी गाड़ी तक लाने के लिए वार्ड ब्वॉय भी नहीं मिले। ऐसे में परिवार वाले ही शव को मोर्चरी से खुद बाहर लेकर आए।

डीएम का बयान
आपको बता दें कि डेड बॉडी को इस तरह ले जाना कोविड प्रोटोकॉल के खिलाफ है, लेकिन मजबूरी में कोई करे भी तो क्या करे? इस मामले में कोटा के डीएम ने कहा, 'हम जांच करवा रहे हैं, प्राइवेट एंबुलेंस वालों पर सख्ती करेंगे।' डीएम का कहना है कि शिकायतकर्ता साफ तौर पर नहीं बता रहा है कि उससे कितने पैसे, किस आदमी ने और किस गाड़ी नंबर ने मांगे? ऐसी स्थिति में आरोपी को पकड़ना मुश्किल है, लेकिन फिर भी हम जांच करेंगे।

प्रशासन ने की करवाई, दो अधिकारी निलंबित
फिलहाल, इस मामले में कोटा नगर निगम के एईएन कपिल और आरटीओ सब इंस्पेक्टर सतवीर सिंह को निलंबित कर दिया गया है और दो संविदा कर्मियों की सेवा भी समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही ज्यादा राशि मांगने वाले अज्ञात एंबुलेंस कर्मी के खिलाफ महावीर नगर थाने में एक एफआईआर भी दर्ज की गई है और दो एंबुलेंस भी सीज की गई है।

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