अलवर जिले में भीषण गर्मी ने जनजीवन को बेहाल कर दिया है। सोमवार को तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। scorching heat और लू के थपेड़ों से बचने के लिए लोग जरूरी काम भी टालने लगे हैं। हालात को देखते हुए नगर निगम ने शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव शुरू कर दिया है।
नगर निगम के अनुसार, यह छिड़काव शहर के विभिन्न हिस्सों में लगातार किया जा रहा है ताकि लोगों को कुछ राहत मिल सके और सड़कों का तापमान भी कुछ कम हो। रविवार को किए गए छिड़काव में करीब 300 से 400 लीटर पानी खर्च हुआ था, वहीं सोमवार को इस अभियान में लगभग 500 लीटर पानी का उपयोग होने की संभावना है। दोपहर होते ही टैंकरों के जरिए सड़कों पर पानी डालने का कार्य शुरू कर दिया गया, जो शाम करीब 5 बजे तक चलेगा।
मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित
स्थानीय निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि गर्मी से हालत बेहद खराब हो गई है। मजदूरी नहीं मिल रही और जो काम है, उसमें जान जोखिम में लगती है। मजदूर वर्ग सबसे ज्यादा परेशान है। उन्होंने बताया कि प्रचंड गर्मी के कारण या तो लोग काम पर नहीं जा पा रहे हैं या फिर काम मिलने पर भी मेहनताना कम मिल रहा है। ऐसे में दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
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छात्र और आम लोग भी कर रहे एहतियात
तेज धूप और गर्म हवाओं से बचने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय अपना रहे हैं। छात्र-छात्राएं और नौकरीपेशा लोग शरीर को पूरी तरह ढककर ही घर से बाहर निकल रहे हैं। सिर पर गमछा, आंखों पर चश्मा और हाथ में पानी की बोतल अब आम दृश्य बन गया है।
सड़कें सुनसान, ट्रैफिक भी कम
शहर की प्रमुख सड़कें, जो सामान्य दिनों में भीड़भाड़ से भरी रहती थीं, अब दोपहर के समय पूरी तरह सुनसान नजर आने लगी हैं। सड़कों पर ट्रैफिक भी पहले की तुलना में काफी कम हो गया है।