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1984 के सिख नरसंहार के पीड़ितों को आज भी इंसाफ का इंतजार, मोगा में अकाली दल ने की अरदास
नवंबर 1984 में दिल्ली में सिखों पर हुए हमलों और उनमें हुई मौतों के जख्म आज भी कई परिवारों के दिलों में ताजा हैं। कई पीड़ित परिवारों को अब तक इंसाफ नहीं मिला है और वे आज भी न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। इस दौरान मारे गए सिख भाइयों, बहनों और माताओं की आत्मा की शांति के लिए रविवार को मोगा में शिरोमणि अकाली दल की ओर से अरदास का आयोजन किया गया।
यह अरदास मोगा के गुरुद्वारा बीबी कहान कौर में की गई, जिसमें अकाली दल के कई नेता शामिल हुए। सभी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों में मारे गए लोगों की आत्मिक शांति के लिए वाहेगुरु के समक्ष अरदास की।
इस मौके पर अकाली दल के नेता संजीत सिंह सन्नी गिल ने कहा कि नवंबर 1984 के घटनाक्रम को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उस समय केंद्र में रही कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में सिखों पर हुए अत्याचारों का इतिहास गवाह है। उन्होंने कहा कि आज भी सिख दंगा पीड़ित परिवार इंसाफ की मांग कर रहे हैं।
सन्नी गिल ने बताया कि 1 नवंबर से 4 नवंबर तक जिले के सभी गुरुद्वारों में 1984 के सिख विरोधी दंगों में मारे गए लोगों की आत्मिक शांति के लिए अरदास का आयोजन किया जा रहा है।
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