उमरिया जिले में विधानसभा वार विकास मास्टर प्लान तथा 2047 तक विकसित भारत के लिए विधायक मानपुर मीना सिंह, विधायक बांधवगढ़ शिवनारायण सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल की उपस्थिति में प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं लोक निर्माण विभाग नीरज मंडलोई की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा एवं समन्वय समिति की बैठक कलेक्टर सभागार में संपन्न हुई। बैठक में आयुक्त शहडोल संभाग सुरभी गुप्ता, कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू, उप संचालक बांधवगढ टाइगर रिजर्व पीके वर्मा, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, अपर कलेक्टर शिव गोविंद सिंह, संयुक्त आयुक्त शहडोल संभाग डीएस कनेश, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग, मुख्य अभियंता ऊर्जा विभाग सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं लोक निर्माण विभाग नीरज मंडलोई ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री जी की मंशा है कि प्रदेश के सभी जिलों का तेजी से विकास हो, जिसके लिए प्राथमिकताओं का निर्धारण किया जाए। विधानसभावार विकास का मास्टर प्लान तैयार किया जाए। साथ ही योजनाओं के संचालन में जहां भी राज्य स्तर से पहल की आवश्यकता हो, ऐसी प्राथमिकताओं को चिन्हित कर उनका निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इन्हीं उददेश्यों को लेकर जिला स्तर पर समीक्षा एवं समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई है। बैठक में प्राप्त सुझावों पर राज्य स्तर से पहल कर निराकरण सुनिश्चित कराया जाएगा।
मानपुर विधानसभा क्षेत्र की विधायक मीना सिंह, बांधवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक शिवनारायण सिंह तथा जिला पंचायत अध्यक्ष अनुजा पटेल ने जिले में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, नहरों के निर्माण, सड़कों का निर्माण, स्वा0 सुविधाओं का विस्तार, शिक्षा की गुणवत्ता एवं नये भवनों के निर्माण, हवाई पटटी उमरिया की मरम्मत, नये उद्योगों की स्थापना, कॉलरी भूमि जहां कोयला उत्खनन का कार्य पूरा कर लिया गया है, को पुनः शासन अपने कब्जे में लेकर आम जन के हित में उपयोग करने, जिला मुख्यालय उमरिया में एस्ट्रोटर्फ हांकी मैदान बनाने, जिला मुख्यालय उमरिया में ही चिड़िया घर की स्थापना करने के संबंध में सुझाव दिए। इसके साथ ही जिले में टूरिज्म के माध्यम से रोजगार के नये अवसर पैदा करने, स्थानीय लोगों को रोजगार देने के संबंध में भी चर्चा की गई।
कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने विगत बैठक की कार्रवाई विवरण का प्रस्तुतीकरण देते हुए उन पर की गई कार्रवाई की जानकारी दी तथा जिला प्रशासन द्वारा राज्य शासन के निर्देशानुसार वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए विधानसभावार तैयार किए गए विजन डाक्यूमेंट का प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने बताया कि छात्रावासों एवं आश्रमों में बच्चों की क्रिएटिव गतिविधियों को बढ़ाने, शैक्षणिक गुणवत्ता तथा मिलने वाली सुविधाओं की मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के साथ ही औचक निरीक्षण किया जाएगा। सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह द्वारा बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों का आभार व्यक्त किया गया। अपर कलेक्टर शिवगोविंद सिंह द्वारा स्वागत किया गया।