रोशिबिना देवी ने फिर जीता रजत: वुशु के फाइनल में चीन की झांग से हारीं; लगातार तीसरे एशियन गेम्स में दिलाया पदक
रोशिबिना देवी ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं के 60 किग्रा सांडा में रजत पदक जीता। फाइनल में चीन की झांग शियाओयू ने उन्हें 10-0 से हराया। इसके बावजूद रोशिबिना ने लगातार तीसरे एशियन गेम्स में पदक जीतकर इतिहास रच दिया। वह ऐसा करने वाली पहली भारतीय महिला वुशू खिलाड़ी बन गई हैं।
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एशियन गेम्स 2026 में भारत की वुशू खिलाड़ी रोशिबिना देवी नाओरेम ने महिलाओं के 60 किग्रा सांडा में रजत पदक जीता। गुरुवार को फाइनल में उन्हें चीन की झांग शियाओयू के खिलाफ 0-2 से हार मिली। झांग ने दोनों राउंड 5-0 से जीते और 10-0 के स्कोर के साथ स्वर्ण अपने नाम किया। हार के बावजूद रोशिबिना ने एशियन गेम्स में लगातार तीसरी बार पदक जीतने की उपलब्धि हासिल की। वह वुशू में तीन लगातार एशियन गेम्स में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं।
दोनों राउंड में झांग का दबदबा
फाइनल में रोशिबिना और झांग शियाओयू के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद थी, लेकिन चीनी खिलाड़ी ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। झांग ने पहले राउंड में 5-0 की बढ़त बनाई और दूसरे राउंड में भी यही स्कोर दोहराया। इस तरह रोशिबिना को 0-2 से हार का सामना करना पड़ा और झांग ने कुल 10-0 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। रोशिबिना को रजत से संतोष करना पड़ा।
तीन एशियन गेम्स, तीन पदक
- रोशिबिना के लिए यह एशियन गेम्स में तीसरा पदक है। उन्होंने 2018 जकार्ता-पालेमबांग एशियन गेम्स में महिलाओं के 60 किग्रा सांडा में कांस्य पदक जीता था।
- इसके बाद 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में उन्होंने इसी स्पर्धा में रजत पदक अपने नाम किया। अब 2026 एशियन गेम्स में भी रजत जीतकर उन्होंने लगातार तीन संस्करणों में पदक जीतने का सिलसिला कायम रखा है।
- वह एशियन गेम्स में वुशू का रजत पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय बनी थीं। अब लगातार तीन एशियन गेम्स में पदक जीतकर उन्होंने भारतीय वुशू में अपनी अलग पहचान बनाई है।
किसान परिवार से निकलीं, वुशू में बनाया नाम
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के क्वासिफाई गांव से आने वाली रोशिबिना देवी किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। वह एसएआई एनसीओई इम्फाल में 60 किग्रा सांडा वर्ग में कोच मैबाम प्रेमकुमार सिंह की निगरानी में प्रशिक्षण लेती हैं। रोशिबिना ने जूनियर स्तर से ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनानी शुरू कर दी थी। उन्होंने 2016 विश्व जूनियर वुशू चैंपियनशिप में कांस्य और 2017 एशियन जूनियर वुशू चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। 2019 साउथ एशियन गेम्स में उन्होंने 60 किग्रा सांडा में स्वर्ण पदक जीता। 2023 में मॉस्को वुशू स्टार चैंपियनशिप में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीता।
अर्जुन अवॉर्ड और IWUF सम्मान भी मिला
रोशिबिना की उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें 2023 में अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इसी साल इंटरनेशनल वुशू फेडरेशन ने उन्हें फीमेल वुशू एथलीट ऑफ द ईयर (सांडा) का पुरस्कार भी दिया था।
रोशिबिना के एशियन गेम्स पदक
| साल | आयोजन | स्पर्धा | पदक |
|---|---|---|---|
| 2018 | जकार्ता-पालेमबांग | महिला सांडा 60 किग्रा | कांस्य |
| 2023 | हांगझोऊ | महिला सांडा 60 किग्रा | रजत |
| 2026 | आइची-नागोया | महिला सांडा 60 किग्रा | रजत |
रोशिबिना के रजत के साथ एशियन गेम्स 2026 में भारत के पदकों की संख्या 14 हो गई है। भारत के खाते में अब एक स्वर्ण, छह रजत और सात कांस्य पदक हैं। रोशिबिना का रजत भारत के लिए इस एशियन गेम्स में वुशू का पदक भी है।
अभी तक भारत के 14 पदक हैं। एक स्वर्ण, 6 रजत और सात कांस्य
| क्र. | खिलाड़ी/टीम | स्पर्धा | पदक |
|---|---|---|---|
| 1 | इलावेनिल वलारिवन, सोनम मस्कर, विदर्सा विनोद | महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम | रजत |
| 2 | इलावेनिल वलारिवन | महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल | रजत |
| 3 | रुद्रांक्ष पाटिल, हिमांशु ढिल्लों, पार्थ राकेश माने | पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम | रजत |
| 4 | सुचिका तरियाल | महिलाओं की ट्रेडिशनल 60 किग्रा MMA | कांस्य |
| 5 | रुद्रांक्ष पाटिल | पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल | कांस्य |
| 6 | हिमांशु ढिल्लों | पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल | रजत |
| 7 | भारतीय महिला क्रिकेट टीम | क्रिकेट | स्वर्ण |
| 8 | राइजा ढिल्लों, माहेश्वरी चौहान, परिनाज धालीवाल | महिलाओं की स्कीट टीम | कांस्य |
| 9 | अनंतजीत सिंह नरुका, मेराज अहमद खान, भवतेघ सिंह गिल | पुरुषों की स्कीट टीम | कांस्य |
| 10 | जय मीणा | सॉफ्ट टेनिस | कांस्य |
| 11 | मीराबाई चानू | वेटलिफ्टिंग | रजत |
| 12 | भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम | बैडमिंटन टीम | कांस्य |
| 13 | सतनाम और सलमान | रोइंग टीम | कांस्य |
| 13 | रोशिबिना देवी नाओरेम | महिलाओं की सांडा 60 किग्रा, वुशू | रजत |