सतना पुलिस ने एक अंधी हत्या का खुलासा किया है। बीते दिनों सिविल लाइन थाना क्षेत्र के अंतर्गत पशुपतिनाथ मंदिर के पास घर में एक वृद्ध की हत्या हुई थी। पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए इस अंधे हत्याकांड में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
15 दिन पूर्व वृद्ध की घर में मिली लाश
शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में 15 दिन पूर्व, 18 सितंबर 2026 को उस वक्त सनसनी फैल गई थी, जब पशुपतिनाथ मंदिर के पास रहने वाले करीब 65 वर्षीय वृद्ध रमाशंकर गर्ग की उनके ही घर के अंदर धारदार व नुकीले हथियारों से हत्या कर दी गई थी। मृतक अपने घर में अकेले रहते थे और घटना के समय घर से बदबू आने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। अंधी हत्या होने की वजह से घटना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी, लेकिन कहते हैं कि अपराधी कितना भी शातिर हो, कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता। हुआ भी यही। पुलिस ने दो सप्ताह के भीतर अंधी हत्या का खुलासा कर दिया।
30 हजार के कर्ज और 10% ब्याज का था विवाद
सीएसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि सघन जांच और मनोवैज्ञानिक तरीके से की गई पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि आरोपी अंकित रैकवार ने दो साल पहले मृतक रमाशंकर गर्ग से 30 हजार रुपये 10 प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज पर लिए थे। इसके एवज में उसने अपना हस्ताक्षर किया हुआ ब्लैंक चेक दिया था।
इस दौरान ब्याज और मूलधन समय पर न चुकाए जाने पर मृतक रमाशंकर गर्ग ने उस ब्लैंक चेक के आधार पर कोर्ट में केस लगा दिया, जिससे आरोपी परेशान था। इसी रंजिश के चलते 14 और 15 सितंबर की दरमियानी रात को तीनों आरोपियों सचिन रैकवार, नीरज रैकवार और अंकित रैकवार ने योजनाबद्ध तरीके से पशुपतिनाथ मंदिर के पास स्थित रमाशंकर गर्ग के घर जाकर पैसों के हिसाब-किताब को लेकर विवाद किया।
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विवाद बढ़ने पर आरोपी सचिन रैकवार ने लोटे से रमाशंकर गर्ग के सिर पर वार किया, जिससे वे गिर गए। इसके बाद अन्य आरोपियों ने कुल्हाड़ी और चाकू से ताबड़तोड़ वारकर उनकी निर्मम हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक कुल्हाड़ी, एक चाकू और एक लोटा बरामद कर लिया है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया गया है, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।