सतना जिले में पुलिस ने अंधे कत्ल का पर्दाफाश करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, 19 अक्तूबर 2026 को सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत जगतदेव तालाब के पास स्थित एक धर्मशाला के बंद कमरे में वृद्ध भिखारी बिहारीलाल पाठक का शव मिला था। मृतक के सिर पर धारदार हथियार से गंभीर चोट के निशान थे। शव तीन-चार दिन पुराना होने के कारण क्षत-विक्षत अवस्था में था।
इस सनसनीखेज वारदात की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी हेमंत शर्मा और उनकी टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और कुछ ही घंटों के भीतर घटना का खुलासा कर दिया। जांच में सामने आया कि मृतक के साथ रहने वाला दूसरा भिखारी रावेन्द्र उर्फ लाला उर्फ नरेंद्र मिश्रा, जो धूमन, थाना डौरा क्षेत्र का निवासी है, हत्या का मुख्य आरोपी है।
37 हजार रुपये लेकर फरार हो गया था आरोपी भिखारी
बता दें कि 70 वर्षीय बिहारीलाल पाठक भले ही भिक्षा मांगकर जीवनयापन करता था, लेकिन उसके पास भिक्षा से जुटाई गई बड़ी रकम थी। भिखारी की आड़ में बीते कुछ महीनों से सतना की एक धर्मशाला में बिहारीलाल के साथ रह रहे शातिर अपराधी रावेन्द्र ने लालच में आकर 15 अक्टूबर की रात कुल्हाड़ी से सिर पर वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी थी। हत्या के बाद वह मृतक के पास रखे 37 हजार रुपये चुराकर फरार हो गया था।
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हत्या की यह वारदात पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी, लेकिन कोतवाली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। सतना पुलिस ने आरोपी के पास से हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी और चोरी की गई पूरी रकम बरामद कर ली है।
पूछताछ में यह भी पता चला कि दोनों भिखारी भिक्षा मांगकर अपना जीवनयापन करते थे। आरोपी का थाना सोहागी और डौरा क्षेत्र में चोरी के कई मामलों में आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।