रेलवे के लोको पायलटों ने अपनी विभिन्न मांगों और कार्यप्रणाली को लेकर बिजुरी रेलवे स्टेशन पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। धरना नौ दिनों से जारी है, लेकिन मांगों पर समाधान नहीं होने के कारण शनिवार को लोको पायलटों के परिवारजन भी धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन में शामिल होकर अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारी लोको पायलटों ने रेलवे प्रबंधन पर निर्धारित मानकों के विपरीत और असुरक्षित तरीके से कार्य कराने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार उन्हें शॉर्टकट तरीके से काम करने का दबाव बनाया जाता है। ऐसी परिस्थितियों में किसी तरह की अनहोनी होने पर जिम्मेदारी तय करने के बजाय कार्य में देरी का आरोप लगाकर संबंधित कर्मचारी का स्थानांतरण कर दिया जाता है।
लोको पायलटों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर मंडल रेल प्रबंधक, बिलासपुर के नाम ज्ञापन भी सौंपा था, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। इसके चलते कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का निर्णय लिया है।
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स्थानांतरण को लेकर भी नाराजगी
धरना दे रहे लोको पायलटों ने अपने साथी एमके विभूति के स्थानांतरण का मामला भी उठाया है। कर्मचारियों का आरोप है कि एमके विभूति पर गलत आरोप लगाकर उनका स्थानांतरण ब्रजराजनगर, ओडिशा कर दिया गया। उनका कहना है कि उन्होंने प्रबंधन के समक्ष अपनी समस्याएं रखने का प्रयास किया, लेकिन उनकी शिकायतों पर गंभीरता से सुनवाई नहीं हुई। लोको पायलट संघ का कहना है कि जब तक प्रबंधन उनकी मांगों पर सुनवाई कर उचित समाधान नहीं करता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
शनिवार को धरना स्थल पर पहुंचीं लोको पायलटों की पत्नियों ने भी अपनी चिंता जाहिर की। महिलाओं का कहना है कि निर्धारित मानकों के विपरीत और असुरक्षित तरीके से काम लिए जाने के कारण उनके पति लगातार तनाव में रहते हैं। घर पर भी परिवार को हमेशा यह चिंता बनी रहती है कि अत्यधिक कार्य और असुरक्षित परिस्थितियों के कारण कहीं कोई अनहोनी न हो जाए। इसी चिंता के चलते परिवार की महिलाएं भी अपने पतियों के साथ धरना स्थल पर पहुंचीं और आंदोलन को समर्थन दिया।