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VIDEO: बेटी बोझ नहीं, वरदान है... कन्या उत्सव में बेटियों के जन्म पर जताई खुशी
चिनहट कोतवाली रोड स्थित महात्मा गांधी 50 एमसीएच हॉस्पिटल वन स्टॉप सेंटर की ओर से सोमवार को कन्या उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बेटियों के जन्म को लेकर समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने और महिलाओं व बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया। इस दौरान महिला कल्याण विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, पति की मृत्यु के बाद निराश्रित महिला पेंशन, दहेज के कारण परित्यक्त महिलाओं को आर्थिक एवं कानूनी सहायता, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप तथा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के बारे में बताया गया। इसके साथ ही महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष अधिनियम-2013, घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम-2005 और बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम-2006 की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं और बालिकाओं को आपात स्थिति में मदद के लिए विभिन्न टोल फ्री और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। इनमें साइबर हेल्पलाइन 1930, अग्निशमन सेवा 101, पुलिस आपातकालीन सेवा 112, एंबुलेंस सेवा 108, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 181, गर्भवती महिलाओं एवं नवजात शिशुओं के लिए एंबुलेंस हेल्पलाइन, वूमेन पावर लाइन 1090 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शामिल हैं।
जिला प्रोबेशन अधिकारी सुधाकर शरण पांडे ने कहा कि समाज में आज भी बेटी के जन्म को कई जगह बोझ के रूप में देखा जाता है। कन्या उत्सव इसी सोच को बदलने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा, “बेटी बोझ नहीं, वरदान है। हमारा मानना है कि जब घर में बेटी का जन्म होता है तो वह अपने साथ शुभता, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आती है। कन्या उत्सव इसी पवित्र क्षण को सम्मान और खुशी के साथ मनाने का माध्यम है।”
कार्यक्रम में वन स्टॉप सेंटर चिनहट प्रभारी शुभांगी सिंह, दियाबाती फाउंडेशन के फाउंडर शालीन सिंघर, महात्मा गांधी 50 एमसीएच के अधीक्षक प्रमोद कुमार, संस्कृत इंटरनेशनल की फाउंडर अंशिका सिंह सहित श्वेतांक प्रकाश चतुर्वेदी और अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से बेटियों के प्रति समाज में सम्मान और समानता की भावना मजबूत करने का संदेश दिया गया।
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