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यूपी: वकालत की पढ़ाई कर रही मायावती की भतीजी दीपिका आनंद, अब बसपा के मिशन को आगे बढ़ाएगी

Sat, 12 Sep 2026 05:02 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: Ishwar Ashish Bhartiya Updated Sat, 12 Sep 2026 05:02 PM IST
सार

मायावती ने कहा कि आनंद अपने दोनों बेटों को व आगे चलकर उनके युवा बच्चों में से किसी को भी अपनी जिम्मेदारी नहीं सौपेंगे। बेटी के तैयार नहीं होने पर आम सहमति से पार्टी के दलित वर्ग में से ही अन्य किसी मिशनरी कार्यकर्ता को भी अपनी यह जिम्मेदारी दे सकते हैं।

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UP: Mayawati's niece Deepika Anand, currently pursuing a law degree, will now carry forward the BSP's mission.
बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala

विस्तार

बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक बड़ा एलान करते हुए कहा कि अब भाई आनंद कुमार के बेटे नहीं बल्कि उनकी बेटी दीपिका आनंद बसपा के मिशन को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि अब आनंद के बेटों को कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मेरे लिए बसपा का मिशन सर्वोपरि है लिहाजा अब मेरे भाई आनंद कुमार के बेटे नहीं, वकालत की पढ़ाई कर रही बेटी दीपिका आनंद पार्टी का कार्य करेगी। आनंद जरूरत पड़ने पर अपनी जिम्मेदारियां उसे सौंप सकते हैं। 

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मायावती ने कहा कि आनंद अपने दोनों बेटों को व आगे चलकर उनके युवा बच्चों में से किसी को भी अपनी जिम्मेदारी नहीं सौपेंगे। बेटी के तैयार नहीं होने पर आम सहमति से पार्टी के दलित वर्ग में से ही अन्य किसी मिशनरी कार्यकर्ता को भी अपनी यह जिम्मेदारी दे सकते हैं। अपने किसी भी बेटे को व उनके बच्चों के बड़े होने पर जिम्मेदारी नहीं सौंपेंगे। यही वर्तमान में समय की जरुरत है व पार्टी के हित में भी है। यह आज मेरा अंतिम फैसला व प्रतिज्ञा है कि आनंद के किसी भी बेटे को बसपा में किसी भी छोटे-बड़े पद पर राजनीति करने का मौका नहीं दिया जाएगा।

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UP: Mayawati's niece Deepika Anand, currently pursuing a law degree, will now carry forward the BSP's mission.
दीपिका आनंद बुआ मायावती व दादा प्रभुदयाल के साथ। - फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि बसपा के मिशन की सफलता में किसी का भी रोड़ा बनना मुझे स्वीकार नहीं है। मुझे केवल अपने ’बहुजन समाज परिवार’ के हित व कल्याण की ही रात-दिन चिंता है। अपने किसी भी सगे भाई-बहन व उनके परिवार के युवा सदस्यों, नजदीकी रिश्ते-नातों आदि को कांशीराम की तरह मैंने भी पार्टी के कार्यों तक सीमित करके सांसद, विधायक, मंत्री व अन्य राजनैतिक लाभ के पद से हमेशा दूर रखा है।

बसपा सुप्रीमो ने आगे कहा कि अविवाहित होने की मजबूरी की वजह से मुझे अपने सभी सगे भाई-बहनों में से आनंद कुमार को अपने साथ रखने की भी जरूरत पड़ी है, जो मेरी देखभाल करने के साथ मेरी निगरानी में पार्टी की अहम जिम्मेदारियों को लंबे समय से निभा रहे हैं। लेकिन इसका लाभ अब उनके परिवार के लोग भी उठाएं, यह पार्टी व मूवमेंट के हित में सही नहीं होगा। कांशीराम जिस प्रकार से ’परिवारवाद’ के विरुद्ध रहे, उनकी शिष्या होने के नाते मैं भी उसी पर कायम हूं। यदि मैं लड़की नहीं होती तो कांशीराम की तरह अपने भाई-बहनों आदि में से किसी को साथ नहीं रखती। अपनी सुरक्षा, हर परेशानी से मुक्त होकर आगे बढ़ने की मजबूरी में छोटे भाई आनंद को साथ रखना पड़ा है। अब इनके बच्चों के बड़े व शादीशुदा होने पर मुझे भी काफी झेलना पड़ रहा है। मैं किसी के मोह में पड़कर पार्टी को कोई नुकसान नहीं पहुंचने दूंगी।

केवल एक ही व्यक्ति को दिया जाएगा मौका

UP: Mayawati's niece Deepika Anand, currently pursuing a law degree, will now carry forward the BSP's mission.
मायावती ने कहा कि संगठन व आगे सरकार बनने पर भी चाहे वह कोई भी हो, केवल उसी एक व्यक्ति को ही मौका दिया जाएगा। उसकी आड़ में उसके  परिवार के अन्य किसी भी सदस्य को कोई भी लाभ नहीं दिया जाएगा, ताकि पार्टी परिवारवाद से मुक्त रहे तथा सर्वसमाज में से ज्यादा से ज्यादा लोग ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ आन्दोलन के सहभागी बन सकें।
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UP: Mayawati's niece Deepika Anand, currently pursuing a law degree, will now carry forward the BSP's mission.
मायावती ने कहा कि बसपा में देश भर खासकर उत्तर प्रदेश में युवाओं को तरजीह देने की नीति के तहत जेन-जी को लगभग पचास प्रतिशत तक पार्टी संगठन में भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है। यूपी, उत्तराखण्ड एवं पंजाब विधानसभा चुनाव में भी सर्वसमाज के कर्मठ व युवा प्रतिभाओं को पार्टी उम्मीदवार बनाने में प्राथमिकता देने के निर्देश पर भी अमल हो रहा है।

बसपा की सरकारों में बुनियादी जरूरतों के साथ ’जेन-जी’ व ’जेन-अल्फा’ की भी ज़रूरतों पर मज़बूत इच्छाशक्ति के साथ कार्य किया गया और अनेकों स्कूल, कालेज, यूनिवर्सिटी, छात्रावास, ट्रेनिंग सेन्टर व पार्क आदि की स्थापना की गयी। हालांकि विरोधी पार्टियों के जातिवादी रवैयों के कारण बसपा की सरकार वर्ष 2012 में पांचवी बार नहीं बन सकी, जिसका पछतावा सर्वसमाज के लोगों को अभी तक है।

UP: Mayawati's niece Deepika Anand, currently pursuing a law degree, will now carry forward the BSP's mission.

बसपा सरकार के जाने के बाद से पूरे प्रदेश में कानून का राज कायम नहीं होने से लोगों का जीवन त्रस्त बना हुआ है। विकास का सरकारी ढिंढोरा लोगों का पेट भी सही से नहीं भर पा रहा है। ऐसे में पार्टी का उम्मीदवार चुनते समय सर्वसमाज के अच्छे लोगों को ही चुनें तथा युवा वर्ग को भी प्राथमिकता दें जिसमें महिला व पुरुष दोनों होने चाहिये। 

मायावती ने पार्टी के लोगों को विरोधी दलों, संगठनों, जातिवादी मीडिया व सोशल मीडिया की साजिश तथा प्रायोजित व पेड प्रोपगेंडा से सावधान रहने को कहा जिनका मकसद बसपा को यूपी में सरकार बनाने से रोकना है। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों से सोशल मीडिया आदि में प्रचारित किया जा रहा है कि अनुशासनहीनता करने वाले व पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण पार्टी से निष्कासित लोगों को वापस लिया जाएगा, जो पूरी तरह से ग़लत एवं मिथ्या प्रचार है। ऐसे लोगों को कतई वापस नहीं लिया जाएगा।

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