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मंडी: बीएससी-एमएससी इंटीग्रेटेड प्रोग्राम में नए दाखिले बंद
Ankesh Dogra
Updated Mon, 07 Sep 2026 09:24 AM IST
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सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी ने एडमिशन और फैकल्टी की कमी के चलते बीएससी-एमएससी पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम में इस सत्र से नए दाखिलों पर रोक लगा दी है। विश्वविद्यालय ने यह कार्यक्रम वर्ष 2022 में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के प्रावधानों के तहत शुरू किया था। कार्यक्रम के तहत 20 सीटें निर्धारित की गई थीं, लेकिन शुरुआत से ही विद्यार्थियों का अपेक्षित रुझान नहीं रहा और सीटें पूरी तरह नहीं भर पाईं।
विश्वविद्यालय ने करीब चार वर्षों तक सीमित दाखिलों के बावजूद इस कार्यक्रम को जारी रखा। अब नए विद्यार्थियों के प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार कार्यक्रम को संचालित करने के लिए पर्याप्त फैकल्टी का भी अभाव है। इसे देखते हुए सरकार से आवश्यक फैकल्टी उपलब्ध करवाने का आग्रह किया गया है।
सरदार पटेल विश्वविद्यालय के चांसलर प्रो. ललित कुमार अवस्थी ने बताया कि एडमिशन और फैकल्टी की स्थिति को देखते हुए कार्यक्रम को समीक्षा के लिए भौतिकी विभाग के पास भेजा गया था। विभाग की सिफारिशों के आधार पर फिलहाल नए दाखिले रोकने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम स्थायी रूप से खत्म नहीं किया गया है। भविष्य में यदि विश्वविद्यालय में पर्याप्त सुविधाएं और फैकल्टी उपलब्ध होती है तथा विद्यार्थियों की संख्या में भी बढ़ोतरी होती है तो इसे दोबारा शुरू करने पर विचार किया जा सकता है।
नए दाखिलों पर रोक का असर वर्तमान विद्यार्थियों की पढ़ाई पर नहीं पड़ेगा। विश्वविद्यालय में इस समय इस कार्यक्रम के तहत करीब 50 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार इन विद्यार्थियों की पढ़ाई निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जारी रहेगी और उनका कोर्स प्रभावित नहीं होगा।
बीएससी-एमएससी पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम में विद्यार्थी 12वीं कक्षा के बाद विज्ञान विषय में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई लगातार पांच वर्षों में पूरी कर सकते हैं। ऐसे कार्यक्रम देश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों में भी संचालित किए जाते हैं। इनमें आईआईटी, आईआईएसईआर और केंद्रीय विश्वविद्यालय शामिल हैं, जहां विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को दाखिला दिया जाता है।
सरदार पटेल विश्वविद्यालय में इस कार्यक्रम को एनईपी के अनुरूप शुरू किया गया था, लेकिन पर्याप्त विद्यार्थियों के दाखिले और फैकल्टी की उपलब्धता नहीं होने के कारण फिलहाल इस पर विराम लगाया गया है। विश्वविद्यालय की ओर से भविष्य में परिस्थितियां अनुकूल होने पर इसे फिर शुरू करने की संभावना जताई गई है।
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