फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   congress supriya shrinate gutter remark youth made government apologize unmute bharat

'जिन्हें गटर कहा, उन्हीं युवाओं ने सरकार से माफी मंगवाई': अनम्यूट भारत में सुप्रिया के बेबाक जवाब; क्या बोलीं?

Mon, 07 Sep 2026 05:00 AM IST
Rajkishor राजकिशोर
Updated Mon, 07 Sep 2026 05:00 AM IST
विज्ञापन
congress supriya shrinate gutter remark youth made government apologize unmute bharat
सुप्रिया श्रीनेत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
छप्पन इंच की छाती और स्ट्रॉन्ग मैन की गढ़ी हुई छवि एक मिनट में ढह गई और ढहाने वाले वही युवा थे जिन्हें गटर और दहशतगर्द कहा गया था। कांग्रेस की सोशल मीडिया कमान संभाल रहीं सुप्रिया श्रीनेत ने अमर उजाला के पॉडकास्ट अनम्यूट भारत में कहा कि सबसे बड़ी बात यह हुई है कि लोगों के भीतर का डर खत्म हो गया, और झूठ का कल्चर हमेशा ऊपर से नीचे आता है, नीचे से ऊपर नहीं जाता।
विज्ञापन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि आजाद भारत में देश के आंकड़ों पर कभी सवाल नहीं उठे थे। सदन में मंत्री का बयान और सरकार का लिखित जवाब अंतिम माना जाता था, लेकिन अब सरकार आंकड़े छिपा रही है, देर से जारी कर रही है और जो आते हैं, उनकी मैथडोलॉजी तक पर बहस हो रही है। खुद बिजनेस जर्नलिस्ट रह चुकीं श्रीनेत ने इसे भारत की साख के लिए नुकसानदेह बताया।
विज्ञापन

जेन जी को ज्ञान नहीं, बराबरी का संवाद चाहिए

युवाओं को लेकर उनका कहना था कि जेन जी प्रधानमंत्री से न ज्ञान चाहती है, न मित्रों वाला संबोधन, वह सिर्फ बराबरी का संवाद चाहती है और अपने मुद्दों को गंभीरता से उठाना चाहती है। इसी संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री के देर रात जारी वीडियो पर तंज कसा और पूछा कि देश के प्रधानमंत्री को फ्रंट कैमरे से वीडियो बनाने की सलाह आखिर कौन दे रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

स्मृति ईरानी की ट्रोलिंग रुकवाई

श्रीनेत ने किस्सा सुनाते हुए कहा कि अमेठी में हार के बाद जब स्मृति ईरानी को ट्रोल किया जा रहा था तब राहुल गांधी ने सामने आकर कहा, यह गलत है, हार-जीत लगी रहती है और यह ट्रोलिंग बंद होनी चाहिए। इसके बाद ही वह रुकी। उन्होंने कहा, ईरानी ने राहुल के खिलाफ जो कहा और सदन में सोनिया गांधी के साथ जिस तरह पेश आईं, वह सबने देखा है।

गांव के प्रधान जी से लेकर पॉश सोसाइटी के अलग बर्तन तक

जातिगत भेदभाव पर लंबी बातचीत में उन्होंने माना कि वे खुद उस तबके से आती हैं जिसने जाति का दंश नहीं झेला। अपने गांव जंगल जोगिया बारी का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि आरक्षित सीट से चुने गए प्रधान को गांव में नाम से पुकारा जाता था, जबकि पिछले प्रधानों को प्रधान जी कहा जाता था। इसके बाद उन्होंने जानबूझकर उन्हें प्रधान जी कहना और बराबर कुर्सी पर बिठाना शुरू किया। उन्होंने जोड़ा कि यह भेदभाव सिर्फ गांवों तक सीमित नहीं है। दिल्ली और मुंबई की पॉश सोसाइटियों में आज भी घरेलू सहायकों के लिए अलग बर्तन रखे जाते हैं और यह सिलसिला आज तक जस का तस चल रहा है।

ये भी पढ़ें: बड़ा सवाल: सीडीएससीओ की जांच में 199 दवा के नमूने गुणवत्ता पर खरे नहीं उतरे, एक नकली मिला; कितनी दवाएं असरहीन?

कंगना पर तल्ख तेवर

अभिनेत्री से सांसद बनीं कंगना रनौत पर वे सबसे ज्यादा तल्ख दिखीं। श्रीनेत का आरोप था कि कंगना ने पूरी पीढ़ी को गटर कहा। जब आप किसी को भेड़ियों का समूह कहेंगे तो प्रतिक्रिया तो कहीं न कहीं होगी ही।

महाराजगंज से लड़ने की दिली इच्छा

आगे की राजनीति पर श्रीनेत ने कहा कि उनकी दिली इच्छा महाराजगंज का प्रतिनिधित्व करने की है और वे इसके लिए काम कर रही हैं। उनके पिता हर्षवर्धन इसी सीट से दो बार सांसद और फरेंदा से विधायक रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed