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कुरुक्षेत्र में शिविर में हर दूसरी शिकायत फैमिली आईडी से जुड़ी, समस्याओं का नहीं हो रहा समाधान
समाधान शिविर में लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान होने के बजाय उन्हें अलग-अलग विभागों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। शिविर में आने वाली अधिकांश शिकायतें फैमिली आईडी से संबंधित हैं, जिनका समय पर समाधान नहीं हो पा रहा। कई लोग दो से तीन बार समाधान शिविर में पहुंचने के बाद भी अपनी समस्या के समाधान का इंतजार कर रहे हैं।
शिविर में आने वाले लोगों का कहना है कि उनकी शिकायतों को संबंधित विभागों में रेफर कर दिया जाता है, जिसके बाद उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इससे समाधान शिविर का उद्देश्य भी प्रभावित होता नजर आ रहा है।
वीरवार को आयोजित समाधान शिविर में उपायुक्त ने भी लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि समस्याओं का निपटान समय रहते किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए ताकि लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि शिविर में प्राप्त होने वाली सभी शिकायतों को पोर्टल पर अपलोड किया जाए और इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
आय अधिक दिखाकर काटा बीपीएल : नीलम
गांव किरमच निवासी नीलम देवी ने बताया कि उनके पति की वर्ष 2024 में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद उनकी फैमिली आईडी में आय अधिक दिखने के कारण उनका बीपीएल कार्ड काट दिया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में उनकी फैमिली आईडी में पति के साथ 50 हजार रुपये आय दर्ज थी, लेकिन पति की मृत्यु के बाद विभाग की गलती से उनकी आय तीन लाख रुपये की श्रेणी में दर्ज कर दी गई। इस समस्या को ठीक करवाने के लिए वह कई बार विभागीय अधिकारियों के चक्कर लगा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।
एक साल से राशन कार्ड के लिए काट रही चक्कर : सरोज
इसी तरह इंद्रा कॉलोनी निवासी सरोज ने बताया कि प्रशासन ने उनकी फैमिली आईडी में आय अधिक दिखाकर उनका बीपीएल राशन कार्ड काट दिया। सरोज का कहना है कि वह दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं और पिछले करीब एक साल से राशन कार्ड बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है।
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