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Call for change resonates at the Jat Bhavan Mahapanchayat in Karnal; demand raised for Bhupendra Lathar's resignation.
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करनाल के जाट भवन महापंचायत में गूंजा बदलाव का स्वर, भूपेंद्र लाठर से इस्तीफे की मांग
करनाल। जाट समाज में नेतृत्व को लेकर चल रहे विवाद ने शुक्रवार को सेक्टर-12 स्थित जाट भवन में महापंचायत आयोजित की गई। इसमें करीब 75 गांवों से जुड़े प्रतिनिधि पहुंचे और सर्वसम्मति से निवर्तमान प्रधान भूपेंद्र लाठर से पद छोड़ने की मांग उठाई।
महापंचायत में समाज के वरिष्ठ लोगों ने कहा कि पहले सर्वसम्मति से भूपेंद्र लाठर के पिता को प्रधान बनाया गया था, जिसके बाद यह जिम्मेदारी उनके बेटे को भी दी गई। अब कार्यकाल पूरा होने के बाद परंपरा के अनुसार दूसरे लोगों को मौका दिया जाना चाहिए।
असंध के पूर्व मंडी प्रधान सतीश बल्हारा ने कहा कि समाज में विवाद को शांतिपूर्वक सुलझाने के प्रयास किए गए थे। पहले लाठर पक्ष की ओर से बैठक बुलाई गई, उसके बाद समाज ने महापंचायत आयोजित कर अपनी बात स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि अब समाज नए नेतृत्व के पक्ष में है और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना चाहता है।
महापंचायत में मौजूद लोगों ने बताया कि पिछले चार दिनों से धरने के माध्यम से भी बातचीत की कोशिश की गई थी। भूपेंद्र लाठर और जोगिंद्र लाठर को बैठक में आने के लिए बुलाया गया, लेकिन वे शामिल नहीं हुए। इस पर समाज के लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें प्रधान या प्रत्याशी के रूप में नहीं, बल्कि समाज के सदस्य के रूप में बैठक में आना चाहिए था।
पूर्व महासचिव सुरजीत संधू ने चुनाव प्रक्रिया और प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में बाहरी लोगों के वोट बनाए गए और चुनावी व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास हुआ। उन्होंने कहा कि समाज की परंपरा में दो कार्यकाल से अधिक किसी को प्रधान नहीं बनाया जाता, लेकिन अब इस परंपरा से हटकर कब्जा बनाए रखने की कोशिश हो रही है।
महापंचायत में यह भी कहा गया कि समाज अब सर्वसम्मति से नया प्रधान चुनना चाहता है और इसके लिए पगड़ी वापस लेने की बात भी सामने आई। बैठक में मौजूद लोगों ने स्पष्ट संकेत दिया कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आगे भी आंदोलन तेज किया जा सकता है। ब्यूरो
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