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Karnal News: 45 नई ई-बसें पहुंचीं, नवंबर से दौड़ेंगी
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करनाल। शहर और आसपास के क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए रोडवेज को 45 नई ई-बसें मिल चुकी हैं। इन बसों के संचालन के लिए विभाग ने नए रूटों के लिए सर्वे शुरू कर दिया है। योजना के मुताबिक, नवंबर से इन बसों का संचालन शुरू किया जाएगा, जिससे शहर के साथ-साथ आसपास के जिलों तक कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
फिलहाल करनाल से कैथल, कुंजपुरा और तरावड़ी मार्ग पर पांच ई-बसें संचालित हो रही हैं, लेकिन नई 45 बसों के जुड़ने से नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। विभाग यमुनानगर, कैथल, कुरुक्षेत्र और असंध तक ई-बस सेवा शुरू करने की तैयारी में है। इसके अलावा शहर के अंदर लाइनपार, सेक्टरों और रामनगर जैसे क्षेत्रों में सिटी बस सेवा के रूप में इन बसों को चलाने की योजना है, ताकि स्थानीय स्तर पर भी यातायात सुविधा बेहतर हो सके। अधिकारियों के अनुसार, पूरे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रूट सर्वे कराया जा रहा है, जिसमें गांवों तक कनेक्टिविटी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भविष्य में मधुबन, ढांड और अन्य कस्बों को भी ई-बस सेवा से जोड़ने की योजना है।
विभाग ने बसों के सुचारु संचालन के लिए मानव संसाधन पर भी काम शुरू कर दिया है। करीब 150 चालकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि नई बसों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए। ब्यूरो
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12 चार्जिंग पॉइंट लगेंगे, अभी एक के सहारे व्यवस्था
ई-बसों के संचालन के लिए नए बस अड्डे के पीछे बस टर्मिनल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इस टर्मिनल में 12 चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जाएंगे, जहां सभी 50 बसों की चार्जिंग की व्यवस्था होगी। टर्मिनल तैयार होने के बाद ही सभी बसों का संचालन एकीकृत रूप से शुरू किया जाएगा। वर्तमान में पुराना बस अड्डा पर एक चार्जिंग पॉइंट से ही पांच बसों को चार्ज किया जाता है।
पर्यावरण को मिलेगा फायदा, खर्च में भी होगी बचत
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप और तेजपाल का कहना है कि ई-बसें डीजल बसों की तुलना में पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल हैं। इनके संचालन से प्रदूषण में कमी आएगी और कार्बन उत्सर्जन घटेगा। साथ ही ईंधन लागत में बचत होने से रोडवेज की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।
ऐसे बदलेगा रूट नेटवर्क
करनाल से यमुनानगर, कैथल, कुरुक्षेत्र, असंध तक नई कनेक्टिविटी
शहर में लाइनपार, सेक्टरों और रामनगर में सिटी बस सेवा
गांवों के लिए विलेज रूट सर्वे, भविष्य में विस्तार की योजना
नया बस टर्मिनल डिपो अगले 15 दिनों में तैयार होने की उम्मीद है। प्रदेश सरकार से अनुमति के बाद अक्तूबर के अंत या नवंबर माह की शुरुआत में बसों के संचालन की योजना है। अभी रूटों के लिए सर्वे किया जा रहा है। - कुलदीप सिंह, जीएम रोडवेज
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फिलहाल करनाल से कैथल, कुंजपुरा और तरावड़ी मार्ग पर पांच ई-बसें संचालित हो रही हैं, लेकिन नई 45 बसों के जुड़ने से नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा। विभाग यमुनानगर, कैथल, कुरुक्षेत्र और असंध तक ई-बस सेवा शुरू करने की तैयारी में है। इसके अलावा शहर के अंदर लाइनपार, सेक्टरों और रामनगर जैसे क्षेत्रों में सिटी बस सेवा के रूप में इन बसों को चलाने की योजना है, ताकि स्थानीय स्तर पर भी यातायात सुविधा बेहतर हो सके। अधिकारियों के अनुसार, पूरे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रूट सर्वे कराया जा रहा है, जिसमें गांवों तक कनेक्टिविटी बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भविष्य में मधुबन, ढांड और अन्य कस्बों को भी ई-बस सेवा से जोड़ने की योजना है।
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विभाग ने बसों के सुचारु संचालन के लिए मानव संसाधन पर भी काम शुरू कर दिया है। करीब 150 चालकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि नई बसों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए। ब्यूरो
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12 चार्जिंग पॉइंट लगेंगे, अभी एक के सहारे व्यवस्था
ई-बसों के संचालन के लिए नए बस अड्डे के पीछे बस टर्मिनल का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। इस टर्मिनल में 12 चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जाएंगे, जहां सभी 50 बसों की चार्जिंग की व्यवस्था होगी। टर्मिनल तैयार होने के बाद ही सभी बसों का संचालन एकीकृत रूप से शुरू किया जाएगा। वर्तमान में पुराना बस अड्डा पर एक चार्जिंग पॉइंट से ही पांच बसों को चार्ज किया जाता है।
पर्यावरण को मिलेगा फायदा, खर्च में भी होगी बचत
सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप और तेजपाल का कहना है कि ई-बसें डीजल बसों की तुलना में पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल हैं। इनके संचालन से प्रदूषण में कमी आएगी और कार्बन उत्सर्जन घटेगा। साथ ही ईंधन लागत में बचत होने से रोडवेज की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।
ऐसे बदलेगा रूट नेटवर्क
करनाल से यमुनानगर, कैथल, कुरुक्षेत्र, असंध तक नई कनेक्टिविटी
शहर में लाइनपार, सेक्टरों और रामनगर में सिटी बस सेवा
गांवों के लिए विलेज रूट सर्वे, भविष्य में विस्तार की योजना
नया बस टर्मिनल डिपो अगले 15 दिनों में तैयार होने की उम्मीद है। प्रदेश सरकार से अनुमति के बाद अक्तूबर के अंत या नवंबर माह की शुरुआत में बसों के संचालन की योजना है। अभी रूटों के लिए सर्वे किया जा रहा है। - कुलदीप सिंह, जीएम रोडवेज