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मेरा गांव मेरी शान: विज्ञान की दुनिया में भी चमक रहे गंगवा के लाल, डॉ. राखा ने अपने नाम करवाए तीन पेटेंट
गंगवा गांव के लोग शिक्षा व प्रशासनिक सेवाओं में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। यही नहीं इस गांव के लोग सेना में भर्ती को सरहदों पर देश की रक्षा करने में भी पीछे नहीं हैं। इन्हीं में एक नाम है पशु वैज्ञानिक डॉ. नरेश राखा का। डॉ. नरेश राखा ने अपने नाम से तीन पेटेंट करवाकर इस क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। वहीं मुकेश कुमार अपनी मेहनत के बल पर एचसीएस जैसे प्रतिष्ठित पद पर पहुंचे। वह गांव के पहले युवा हैं जो ऐसे पद पर चुने गए।
डॉ. नरेश राखा ने वर्ष 1983 में हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से एमवीएस की डिग्री की। इसके साथ ही वह विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर नियुक्त किए। इस दौरान उन्होंने इंग्लैंड से पीएचडी की। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने जापान और केन्या की राजधानी नैरोबी में विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर काम किया। डॉ. राखा ने तीन पेटेंट भी अपने नाम करवाए जिनमें एक वैक्सीन और दो चिकित्सा उपकरण शामिल हैं। अपने क्षेत्र में उत्कृष्ठ योगदान के लिए विभिन्न मंचों पर डॉ. नरेश को 6 अंतरराष्ट्रीय व 12 राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले। डॉ. नरेश राखा लाला लाजतपराय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज विभाग के डीन पद पर भी रहें। वर्ष 2018 में वह सेवानिवृत्त हुए।
गांव के मुकेश पंघाल के सिर एचसीएस अधिकारी का ताज सजा। मुकेश पंघाल ने कुरुक्षेत्र के एनआईटी से बीटेक की। इसके बाद वह जेई परीक्षा में उन्होंने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इसी दौरान एचसीएस की परीक्षा भी दी जिसमें वह अलाइड सर्विसिज में चयनित हुए। उन्हें डीएफसीई के पद पर तैनात किया गया। मुकेश पंघाल के पिता रामधारी पंघाल एक जेबीटी शिक्षक हैं। वह बताते हैं कि उन्हें बड़ा गर्व होता है कि उनका बेटा आज इस पद के जरिये जनता की सेवा कर रहा है और साथ ही गांव का नाम भी रोशन कर रहा है। वहीं गांव के सतीश धत्तरवाल डीटीपी पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा गांव के डॉ. राजेश धत्तरवाल केंद्रीय भैंस अनुसंधान संस्थान में वेटरनरी ऑफिसर पद पर तैनात हैं। उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज हैं। दरअसल डॉ. राजेश उस टीम का हिस्सा रहे हैं जिस टीम ने एक बुल के सीमेन से 7 क्लोन तैयार किए थे।
यशपाल माल, इंद्राज, आशाराम टाक, संतराम, अजीत सिंह, संतलाल गोदारा, शेर सिंह, रामप्रकाश, निहाल सिंह, तेजपाल राठौड़, परविंद्र राठौड़ आदि ने सेना में भर्ती होकर देश की रक्षा में अपना योगदान दिया। हंसराज, कुलदीप गोदारा, राजकुमार धत्तरवाल, रामप्रताप माल, राहुल पंघाल व नरेंद्र कुमार पुलिस में भर्ती होकर जनता की सेवा कर रहे हैं।
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