Hindi News
›
Video
›
Delhi
›
Delhi: Ghazali paintings craft a landscape between memory and imagination
{"_id":"6ac3c1dc1c08fb56d3083e8a","slug":"video-delhi-ghazali-paintings-craft-a-landscape-between-memory-and-imagination-2026-10-05","type":"video","status":"publish","title_hn":"दिल्ली: स्मृति और कल्पना के बीच अपना भू-दृश्य रचती हैं गजाली की पेंटिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली: स्मृति और कल्पना के बीच अपना भू-दृश्य रचती हैं गजाली की पेंटिंग
किसी जगह को हम सिर्फ उसकी मिट्टी, पेड़ों और खुले आसमान से नहीं याद रखते। कई बार कोई भू-दृश्य बचपन की स्मृतियों, स्पर्श और भावनाओं में बस जाता है और समय के साथ हमारे भीतर उसका एक नया रूप बनता रहता है। कलाकार और कला शिक्षक गजाली मोइनुद्दीन की एकल चित्र प्रदर्शनी बिलांदा इसी भीतरी भू-दृश्य को कैनवास पर तलाशती है। गैलरी श्री आर्ट्स की ओर से प्रस्तुत और जितेंद्र पदम जैन की संयोजित यह प्रदर्शनी बीते सोमवार को इंडिया हैबिटेट सेंटर की विजुअल आर्ट्स गैलरी में समाप्त हुई। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के पूर्व छात्र गजाली के कैनवास पर खेत, जंगल, पेड़ और बदलते आकाश किसी वास्तविक भू-दृश्य की हूबहू तस्वीर नहीं हैं। ये वे दृश्य हैं जिन्हें स्मृति ने अपने ढंग से सहेजा और कल्पना ने समय के साथ नया रूप दिया।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।