{"_id":"6ab575dbdd9d38fc860f5e8a","slug":"video-tk-lahiri-case-senior-cardiologist-omshankar-accuses-bhu-administration-of-cover-up-2026-09-25","type":"video","status":"publish","title_hn":"डॉ. टीके लहरी मामला, वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. ओमशंकर ने बीएचयू प्रशासन पर लगाया लीपापोती का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉ. टीके लहरी मामला, वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. ओमशंकर ने बीएचयू प्रशासन पर लगाया लीपापोती का आरोप
बीएचयू के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. ओमशंकर ने पद्मश्री डॉ. टी.के. लहरी से कथित मारपीट के मामले में अपने फेसबुक पर वीडियो जारी कर विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि घटना के दिन 29 अगस्त को डॉ. लहरी के कमरे में मौजूद व्यक्ति खुद को चश्मदीद गवाह बता रहा है। डॉ. ओमशंकर के अनुसार, इस गवाह के सामने आने से घटना को लेकर नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
डॉ. ओमशंकर ने अपने बयान में दावा किया कि 29 अगस्त की सुबह करीब 11 बजे डॉ. अरविंद पांडे ने डॉ. टी.के. लहरी के साथ थप्पड़ और घूंसों से मारपीट की। उनके मुताबिक, डॉ. लहरी खुद को स्वस्थ महसूस कर रहे थे और घर जाने की इच्छा जता रहे थे। डॉ. ओमशंकर ने कहा कि जब वह डॉ. लहरी से मिले थे तो उन्हें मनोरोगी जैसा कोई लक्षण नहीं दिखा और उन्हें दी जा रही दवाओं में भी मनोरोग संबंधी दवा शामिल नहीं थी।
उन्होंने घटना के दिन की तस्वीरों का हवाला देते हुए दावा किया कि डॉ. लहरी की आंख, भौंह, गाल, ललाट और नाक के आसपास चोट व सूजन के निशान दिखाई दे रहे थे। डॉ. ओमशंकर का आरोप है कि घटना सामने आने के बाद डॉ. अरविंद पांडे ने बीएचयू के चिकित्सकों के वाट्सऐप समूह में डॉ. लहरी पर बल प्रयोग किए जाने की बात स्वीकार की थी।
डॉ. ओमशंकर ने विश्वविद्यालय प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उनका दावा है कि घटना के बाद केवल स्वास्थ्य परीक्षण समिति गठित की गई, लेकिन उसकी संस्तुति सार्वजनिक नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि सर सुंदरलाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक की ओर से घटना में मारपीट से इनकार किया जाता रहा।
उन्होंने कुलपति पर भी आरोपित चिकित्सक को संरक्षण देने का आरोप लगाया और विभिन्न पुराने मामलों का उल्लेख करते हुए प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। डॉ. ओमशंकर ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर तथ्य सामने लाए जाने चाहिए, ताकि डॉ. टी.के. लहरी के सम्मान और न्याय के सवाल का समाधान हो सके।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।