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शिमला के कवि सम्मेलन में मंडी के रमेश कपूर की कविता ने बटोरी वाहवाही, पहाड़ी बोलियों में सजी साहित्यिक महफिल
Ankesh Dogra
Updated Sun, 01 Nov 2026 05:08 PM IST
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ऐतिहासिक गेयटी थिएटर में रविवार को पहाड़ी भाषा और साहित्य की मिठास देखने को मिली। भाषा एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय पहाड़ी दिवस समारोह के तहत सुबह के सत्र में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे कवियों ने अपनी-अपनी पहाड़ी बोलियों में कविताएं प्रस्तुत कर हिमाचल की समृद्ध लोकभाषाई संस्कृति को सामने रखा।
कवि सम्मेलन में मंडी के रमेश कपूर ने अपनी कविता 'माटी रा हल्का जे दीवा' सुनाकर खूब वाहवाही बटोरी। वहीं, चंबा के विक्रम कौशल ने 'बोली सारी' कविता प्रस्तुत कर दर्शकों की सराहना हासिल की।
कार्यक्रम के दौरान पहाड़ी साहित्य की दो पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया। इनमें जीतराम सुमन की पुस्तक 'जिंदगिया री बाट' और भूप सिंह रंजन की पहाड़ी कविता पुस्तक 'रे मिठडे बोल' शामिल रही।
कवि सम्मेलन का मंच संचालन त्रिलोक सूर्यवंशी ने किया। कार्यक्रम के माध्यम से पहाड़ी बोलियों, लोक संस्कृति और साहित्य को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
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