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रीजनल-कम-फैसिलिटेशन सेंटर को नौणी शिफ्ट करने पर भड़के विधायक प्रकाश राणा, विधानसभा में उठाया जोगिंदरनगर का मुद्दा
शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 26 Aug 2026 10:19 AM IST
जोगिंदरनगर स्थित आयुष मंत्रालय के नेशनल मेडिसिनल प्लांट्स बोर्ड के अधीन संचालित रीजनल-कम-फैसिलिटेशन सेंटर को सोलन के नौणी स्थित डॉ. वाई.एस. परमार विश्वविद्यालय में शिफ्ट करने के फैसले का स्थानीय विधायक प्रकाश राणा ने कड़ा विरोध किया है। विधायक ने विधानसभा में मामला उठाते हुए केंद्र के स्थानांतरण को जोगिंदरनगर की जनता के हितों के खिलाफ बताया और सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करवाने की मांग की। प्रकाश राणा ने सदन में कहा कि यह केंद्र वर्ष 2017 से जोगिंदरनगर में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। केंद्र के माध्यम से औषधीय पौधों की खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों को प्रशिक्षण और पौध सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। उनके अनुसार इससे क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों को लाभ मिल रहा है तथा औषधीय पौधों से जुड़ी गतिविधियों के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। विधायक ने कहा कि रीजनल-कम-फैसिलिटेशन सेंटर को जोगिंदरनगर से नौणी स्थानांतरित किए जाने के फैसले के विरोध में क्षेत्र के लोग, किसान और युवा आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्थानांतरण के खिलाफ क्रमिक भूख हड़ताल भी की जा रही है। विधायक के अनुसार क्षेत्र के लोगों की मांग है कि लंबे समय से जोगिंदरनगर में काम कर रहे संस्थान को यहां से हटाया न जाए। प्रकाश राणा ने प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री से मांग की कि केंद्र सरकार और आयुष मंत्रालय से तत्काल बातचीत की जाए और रीजनल-कम-फैसिलिटेशन सेंटर के स्थानांतरण को रोका जाए। उन्होंने कहा कि जोगिंदरनगर में स्थापित इस संस्थान को क्षेत्र से बाहर ले जाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। विधायक ने केंद्र को जोगिंदरनगर में ही यथावत रखने की मांग दोहराई। विधायक ने केंद्र की गतिविधियों को स्थानीय किसानों और औषधीय पौधों की खेती से जोड़ते हुए कहा कि संस्थान के जोगिंदरनगर में रहने से क्षेत्र को लगातार लाभ मिल रहा है। अब इस मामले को विधानसभा में उठाए जाने के बाद रीजनल-कम-फैसिलिटेशन सेंटर के स्थानांतरण को लेकर राजनीतिक और स्थानीय स्तर पर विरोध और तेज होने के संकेत हैं।
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