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हिमाचल: सीबीएसई स्कूलों में 30 सितंबर तक भरे जाएंगे शिक्षकों के सभी पद, 80 करोड़ से बनेंगी कंप्यूटर लैब

Wed, 26 Aug 2026 07:29 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 26 Aug 2026 07:29 PM IST
सार

 सरकार ने इन स्कूलों में कंप्यूटर लैब स्थापित करने के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। आने वाले समय में 100 और सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए योग्यता के स्पष्ट मानक तय किए गए हैं। 

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Himachal Pradesh: All teacher posts in CBSE schools to be filled by September 30; computer labs to be set up
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को विधानसभा के मानसून सत्र में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि प्रदेश के 147 सीबीएसई स्कूलों में 30 सितंबर तक सभी शिक्षकों की नियुक्ति पूरी कर दी जाएगी। सरकार ने इन स्कूलों में कंप्यूटर लैब स्थापित करने के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। आने वाले समय में 100 और सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए योग्यता के स्पष्ट मानक तय किए गए हैं। चयन प्रक्रिया में मेरिट 80 प्रतिशत तक रही है। परिणाम आने के बाद शिक्षकों की पोस्टिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार का जोर ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति पर है, जो विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम के अनुरूप बेहतर शिक्षा दे सकें।

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केंद्र सरकार से कोई वित्तीय सहायता नहीं मिली: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि प्रदेश में सीबीएसई व्यवस्था लागू करने के लिए केंद्र सरकार से कोई वित्तीय सहायता नहीं मिली है। इन स्कूलों की फंडिंग हिमाचल सरकार स्वयं कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों की संख्या लगातार कम होना सरकार के लिए चिंता का विषय है। मुख्यमंत्री के अनुसार सीबीएसई व्यवस्था लागू होने के बाद सरकारी स्कूलों में करीब 24 हजार विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है। उधर, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि 147 सीबीएसई स्कूलों के लिए छह हजार से अधिक शिक्षक पद स्वीकृत हैं। पहले चरण में शिक्षकों की नियुक्ति स्कीम आधारित व्यवस्था के तहत होगी और उन्हें 30 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। फिलहाल इन शिक्षकों को दो साल बाद नियमित करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों के भविष्य और नियमितीकरण के मुद्दे पर सरकार आगे सकारात्मक और गंभीरता से विचार करेगी। मंत्री ने बताया कि इन स्कूलों में 3,830 शिक्षक उपलब्ध हैं, जबकि 2,183 पद रिक्त हैं। खाली पदों को भी चयन आयोग के माध्यम से करीब एक महीने में भरने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कंप्यूटर शिक्षकों को भी सीबीएसई स्कूलों में समायोजित किया जाएगा।

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10 महीने के वेतन पर भाजपा ने घेरी सरकार
वहीं प्रश्नकाल में भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने सीबीएसई शिक्षकों को 10 महीने का वेतन दिए जाने के प्रावधान पर सवाल उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या इन शिक्षकों को भी 12 महीने का वेतन दिया जाएगा। उन्होंने शिक्षकों की नियुक्ति और भविष्य में नियमितीकरण की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। विधायक रणधीर शर्मा ने 147 स्कूलों को सीबीएसई पैटर्न पर लाने के आधार और शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ शिक्षा ब्लॉकों में अभी एक भी सीबीएसई स्कूल नहीं है। विधायक डॉ. जनक राज ने अपने क्षेत्र में सीबीएसई स्कूल खोलने की मांग उठाते हुए कहा कि सीबीएसई पैटर्न पर चलने वाले स्कूलों में सभी आवश्यक मानक पूरे होने चाहिए। विधायक विपिन परमार ने सीबीएसई स्कूलों की संख्या बढ़ाए जाने से हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव का मुद्दा उठाया।

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7 सितंबर को ऊना में वॉकथान फिर मंडी में लड़ेंगे नशे के खिलाफ: सीएम सुक्खू
 मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ सात सितंबर को ऊना और इसके बाद मंडी में भी वॉकथॉन का आयोजन होगा। नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज की भागीदारी और सामुदायिक जिम्मेदारी जरूरी है। बुधवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायक केवल सिंह पठानिया के मूल सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में एक अगस्त 2026 तक प्रदेश में एनडीपीएस एक्ट के तहत 5848 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में 9363 लोगों को आरोपी बनाया गया। इनमें से अदालत ने अभी तक सिर्फ 88 मामलों में दोषियों को सजा सुनाई है। बड़ी संख्या में मामले अब भी अदालतों में विचाराधीन हैं।
 

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