उदयपुर के झाड़ोल के बदराणा गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां पति की मौत के महज आठ घंटे बाद पत्नी ने भी दम तोड़ दिया। दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया, जिसमें गांव वालों और परिजनों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी।
पति की तबीयत बिगड़ने से पत्नी ने छोड़ा था अन्न
बदराणा निवासी 74 वर्षीय सुखलाल लोहार को अस्थमा की बीमारी थी। बीते एक सप्ताह से उनकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी। परिवार के लोग लगातार उनकी देखभाल कर रहे थे, लेकिन बुधवार रात करीब 10:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। इस दुखद घटना के बाद परिवार के लोग अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटे हुए थे। इसी दौरान उनकी 70 वर्षीय पत्नी राधा देवी की तबीयत भी अचानक बिगड़ गई और वे ज़मीन पर गिर गईं। परिजनों ने उन्हें संभालने की खूब कोशिश की, लेकिन सुबह 6:30 बजे उन्होंने भी दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि पिछले एक सप्ताह से उन्होंने अन्न त्याग रखा था। पति की तबीयत को लेकर वे बेहद चिंतित थीं, जिससे उनका स्वास्थ्य भी कमजोर हो गया था।
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गुलाल दस्तूर करने के बाद हुई मौत
सुखलाल और राधा देवी के पोते राहुल लोहार ने बताया कि उनकी दादी को कुछ साल पहले गले के पास कैंसर हुआ था, लेकिन इलाज के बाद वे ठीक हो गई थीं। हालांकि, पिछले एक महीने से दादाजी की तबीयत खराब होने के कारण वे मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगी थीं। गुरुवार सुबह जब अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं। तब राधा देवी को गुलाल दस्तूर करने के लिए बुलाया गया। उन्होंने खुद अपने हाथ से गुलाल अर्पित किया और पति को अंतिम बार देखा। इसके बाद वे अपने कमरे में लौट रही थीं कि अचानक गिर गईं। परिवार वालों ने उन्हें पानी पिलाया, जिससे थोड़ी देर के लिए होश आया, लेकिन जब उन्हें टॉयलेट ले जाया गया तो वे फिर से गिर पड़ीं और कुछ ही देर में उनका निधन हो गया।
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गांव में शोक की लहर, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
पति-पत्नी के यूं अचानक चले जाने से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उनका बेटा, जो एक निजी स्कूल में शिक्षक है, अपने माता-पिता को खोने के गम में टूट गया। उनकी बेटी की शादी हो चुकी है और वह भी माता-पिता के निधन की खबर सुनकर बदहवास हो गई। गुरुवार को दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। गांव वालों ने नम आंखों से इस जोड़े को अंतिम विदाई दी।