उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक अमिताभ के आबूरोड पहुंचने पर सांसद लुंबाराम चौधरी ने मुलाकात की। इस दौरान उनके द्वारा सिरोही जिले की रेलवे की विभिन्न समस्याओं के बारे में बताकर जिला मुख्यालय को रेलवे कनेक्टिविटी से जोड़ने की मांग की गई।
इस संबंध में महाप्रबंधक को सौंपे पत्र में सांसद चौधरी ने बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र स्थित सिरोही जिला केंद्र आजादी के 76 वर्षों के बाद भी रेलवे नेटवर्क से नहीं जुड़ पाया है। सिरोहीवासियों को आज तक रेलवे नेटवर्क से जुड़ने का इंतजार है। सिरोही की जनता को ट्रेन पकड़ने के लिए 25 किलोमीटर दूर पिंडवाड़ा रेलवे स्टेशन तथा राजधानी एक्सप्रेस व अन्य सुपर फास्ट ट्रेन पकड़ने के रेलवे स्टेशन आबूरोड 75 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
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वहीं, दूसरी तरफ बागरा रेलवे स्टेशन की दूरी लगभग 60 किलोमीटर है। सिरोही जिला केंद्र को मारवाड़ बागरा एवं सरूपगंज के मार्ग से रेलवे नेटवर्क से जोड़ा जाए। इससे इस रेलवे मार्ग से सभी प्रमुख जैन तीर्थ 22 जीनालय, सुधामाता मंदिर, जीरावल, पावापुरी, जसवंतपुरा अभयाराण्य, नैरोगढ आदि जुड़ जाएगा। जालौर-सिरोही के प्रमुख रिको औद्योगिक क्षेत्र मंडार रेवदर स्वरूपगंज के साथ साथ सिरोही जिला केन्द्र जहां वर्तमान में रेल सम्पर्क नहीं है, यह रूट इन प्रमुख क्षेत्रों को कवर करेगा। इससे यहां की जनता को काफी सुविधा होगी एवं इससे रेलवे की आय में अत्यधिक वृद्धि होने की सम्भावना है। सिरोही में रेलवे स्टेशन होने से जिले में पर्यटन एवं औद्योगिकरण के साथ- साथ रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
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सांसद चौधरी ने ये भी की है मांग
चौधरी ने बताया कि आज से करीब 20 वर्ष पूर्व मेहसाणा, अजमेर, दिल्ली सराय रोहिल्ला ट्रेन अप एवं डाउन एक पैसेंजर रेल सेवा का संचालन हुआ करता था। इसका सवेरे व शाम का समय इस रेल खंड पर सभी रोड साइड छोटे स्टेशनों के लिए बहुत उपयुक्त था। इस वजह से इस रेल खंड की लाइफ लाइन ट्रेन मानी जाती थी। सिरोही जिला में स्थित पिण्डवाडा तहसील के अधिकतम पंचायत मे 100 प्रतिशत भील, गरासिया एवं मीणा जनजाति निवास करती है। यहां के जनजाति दुर्गम क्षेत्र में निवासरत होने के कारण शिक्षा यातायात संचार के आधारभूत संरचाओं का अभाव है। पिंडवाडा को टीएसपी क्षेत्र घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में मजदूर सिलिकोसिया बीमारी से भी अत्यधिक पीड़ित है। यहां प्रत्येक दिन सैकड़ों की संख्या में मजदूर अपना इलाज कराने पालनपुर निजी वाहनों से जाते हैं।
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मरीजों के लिए सड़क मार्ग बहुत महंगा एवं असुविधाजनक होता है। ऐसे में इन रेलवे स्टेशनों से होते हुए पूर्ववत लोकल ट्रेन संचालित करने की आवश्यकता है। सांसद चौधरी ने कहा कि सिरोही जिला केंद्र को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए (सरूपगंज रेलवे स्टेशन सिरोही-बागरा रेलवे स्टेशन) तक नवीन रेलमार्ग का सर्वे करवाते हुए डीपीआर बनवाने व स्वीकृत करवाने का आग्रह किया है। इसी प्रकार आबूरोड नगर पालिका अध्यक्ष मगदान चारण द्वारा रेलवे स्टेशन के सामने से होते हुए गांधीनगर ओवरब्रिज तक लगभग 4:30 साल से एलएनटी एवं रेलवे के माध्यम रोड बनाने में देरी को लेकर रेलवे के महाप्रबंधक से मुलाकात की गई। इसमें लोगों को हो रही परेशानियों की जानकारी देकर जल्द कार्रवाई करवाने की मांग की गई।