UPSC Result 2024: दूसरे अटेम्प्ट में जयपुर के रिदम ने मारी सफलता की बाजी, बाड़मेर के डॉक्टर का बेटा सिलेक्ट
UPSC Result 2024: संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा-2024 का फाइनल परिणाम जारी कर दिया है। जयपुर के रिदम कटारिया को 370वीं रैंक मिली है। बाड़मेर के सुखराम भुंकर की 443वीं रैंक, तन्मय मेघवाल की 832वीं रैंक और लोकेंद्र कुमार की 954वीं रैंक बनी है।
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संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा-2024 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। जयपुर के रिदम कटारिया (26) को 370वीं रैंक मिली है।
बता दें कि रिदम का यह दूसरा अटेम्प्ट था। रिदम ने बताया कि भारत तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर सिलेक्शन हो चुका है। रिदम की मां शिल्पी शाह सरकारी टीचर हैं। रिदम ने सफलता का श्रेय अपनी मां और शिक्षकों को दिया।
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वहीं, बाड़मेर के सुखराम भुंकर की 448वीं, खेतदान की 689वीं, तन्मय मंसूरिया की 832वीं और लोकेंद्र कुमार की 954वीं रैंक आई है। तन्मय बाड़मेर के जिला हॉस्पिटल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (PMO) डॉ. बीएल मंसूरिया के बेटे हैं। तन्मय को चौथे प्रयास में सफलता मिली है। तन्मय ने बाड़मेर मयूर नोबल्स एकेडमी में पढ़ाई की। 12वीं जोधपुर से की और इसके बाद आईआईटी, दिल्ली से पढ़ाई की। नीमकाथाना के नयाबास गांव की नम्रता मीणा ने 743वीं रैंक हासिल की है।
राजस्थान के कोटा जिले की आरकेपुरम इलाके की निवासी अनुश्री सचियान ने ऑल इंडिया में 220वीं रैंक हासिल कर बड़ी कामयाबी हासिल की। इस पूरी सफलता में हैरानी चैकाने वाली बात ये रही कि अनुश्री ने बिना कोचिंग के यह कारनामा किया है। हालांकि, उन्हें यह सफलता चैथे प्रयास में मिली है। इससे पहले परीक्षा में 633वीं रैंक आई थी, लेकिन अच्छी रैंक के लिए कड़ी मेहनत जारी रखी। ऐसे में संभावना है कि उन्हें इंडियन पुलिस सर्विस या इंडियन रिवेन्यू सर्विस मिल सकती है।
अनुश्री ने बताया कि उनका पूरा परिवार मूल रूप से लखनऊ का रहने वाला है। उनके पिता सुशील सचियान कोटा में बीएसएनएल में डिविजनल इंजीनियर हैं। ऐसे में पिता का ट्रांसफर हो गया था। उसके बाद पूरा परिवार भी कोटा में शिफ्ट हो गया। अनुश्री ने शुरुआती पढ़ाई लखनऊ में की। इसके बाद कोटा से जेईई मेन और एडवांस की तैयारी की। वर्ष 2017 में जेईई एडवांस्ड की रैंक की बदौलत आईआईटी बॉम्बे में बैचलर ऑफ साइंस इन कैमेस्ट्री में एडमिशन लिया। अनुश्री की मां शर्मिला गृहणी हैं और भाई अविरल आईआईटी गुवाहाटी से बीटेक कर रहे हैं।
अनुश्री का कहना है कि उन्होंने ग्रेजुएशन पूरी होने वाले साल में ही सिविल सर्विसेज का पहला अटेम्प्ट साल 2021 में दिया था, लेकिन उनको सफलता नहीं मिल सकी थी। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और मेहनत को लगातार और अधिक बढ़ाना शुरू कर दिया। इसके बाद दूसरे अटेम्प्ट साल 2022 में 633 रैंक मिली। लेकिन अनुश्री को अच्छे कैडर की उम्मीद थी, इसलिए जॉइन नहीं किया। तीसरी अटेम्प्ट साल 2023 में प्रीलिम्स क्लियर नहीं हुआ, लेकिन 2024 में उन्होंने काफी मेहनत की। इस बार जमकर पढ़ाई की और 220 रैंक आई।
सिविल सर्विसेज का एग्जाम अनुश्री ने बिना कोचिंग के क्लियर किया। वो खुद ही पढ़ती थी, इसलिए किसी तरह की कोचिंग जॉइन नहीं की। अनुश्री का कहना है कि वो केवल ऑनलाइन मॉक टेस्ट देती थी, जिससे उन्हें काफी मदद मिली। अनुश्री ने अपनी इस सफलता का श्रेय परिवार को दिया है, जिनकी प्रेरणा और सहयोग से उन्हें सफलता हासिल हुई है। भाई अविरल ने एग्जाम के दौरान दोस्त की तरह सलाह दी व मदद की।