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जबलपुर: ठंड से बचने के लिए लिया दुकान का सहारा, रात में छज्जा गिरने से दो महिलाओं की मौत 

जबलपुर शहर के ओमती क्षेत्र के घंटाघर के पास बनी दुकान पर देर रात सवा तीन बजे हुए दर्दनाक हादसे में दो महिलाओं की मौत हो गई। दरअसल, दोनों महिलाएं ठंड से बचने के लिए नगर निगम की दुकान के नीचे सो रही थीं। रात में दुकान का छज्जा गिरने से दोनों महिलाओं की मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, नगर घंटाघर के सामने नगर निगम की दुकानें हैं। संजय जैन के नाम पर आवंटित दुकान नंबर 25 व 26 के नीचे दो महिलाएं व एक पुरुष सो रहे थे। दोनों महिलाएं भिखारिन थीं। दोनों की उम्र 55-60 वर्ष के करीब थी। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को निकाल कर अस्पताल पहुंचाया, जहां महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि पुरुष को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वहीं, दोनों महिलाओं की मौत ने नगर निगम और प्रशासन पर भी सवाल उठाया है। बता दें कि जहां हादसा हुआ, वो ओमती थाने से 200 मीटर दूर और कलेक्टोरेट रोड पर है। घंटाघर स्थित नगर निगम मार्केट बहुत पुराना है। इसकी हालत जर्जर हो चुकी है। मार्केट को तोड़ने के आदेश भी हो चुके हैं, लेकिन व्यापारियों के विरोध और प्रशासन के लचर रवैये की वजह से इसे तोड़ने की कार्रवाई नहीं की गई है।
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खड़े टैंकर में जा घुसी कार, एक ही परिवार के पांच की मौत, तीन गंभीर

सिवनी जिले में सोमवार शाम एक तेज रफ्तार कार जबलपुर-नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर बंडोल थाना अंतर्गत अलोनिया टोल प्लाजा के पास खड़े एक टैंकर में जा घुसी, जिससे कार में सवार एक ही परिवार की तीन महिलाओं सहित पांच लोगों की मौके पर मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

बंडोल पुलिस थाना प्रभारी दिलीप पंचेश्वर ने बताया कि अलोनिया टोल प्लाजा के पास सोमवार की शाम करीब 6 बजे तेज रफ्तार कार वहां खड़े एक टैंकर में जा घुसी। इससे कार में सवार आठ लोगों में से पांच की मौके पर मौत हो गई। इनमें तीन महिलाएं व दो पुरूष हैं।

उन्होंने कहा कि इस हादसे में कार में सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पंचेश्वर ने बताया कि सभी मृतक व घायल एक ही परिवार हैं।

उन्होंने कहा कि मृतकों में विजय बहादुर पटेल, उनकी पत्नी सरिता, उनका बेटा अजय कुमार, राधा पटेल एवं एक अन्य महिला शामिल है। वहीं, घायलों में विजय बहादुर की बेटी चंदना (20), राधा का बेटा पंकज पटेल (4) एवं श्रेया (9) शामिल हैं।

पंचेश्वर ने कहा प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय कार में सवार पटेल परिवार बनारस (उत्तर प्रदेश) से कर्नाटक के बेंगलुरू लौट रहा था। उन्होंने कहा कि यह भीषण हादसा टोल प्लाजा में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। कार को विजय बहादुर पटेल चला रहे थे।

पंचेश्वर ने बताया कि कार की रफ्तार इतनी तेज थी कि टक्कर के बाद कई टन वजनी टैंकर काफी तेजी से आगे बढ़ गया और कार का अगला हिस्सा चकनाचूर हो गया। बाद में टोल कर्मचारियों ने कार के पास पहुंचकर मृतकों व घायलों को बाहर निकाला।
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जबलपुर : नोएडा में घूस मांग रहे थे पुलिस वाले, मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा- बर्खास्त

जबलपुर : जब ड्राइवर के घर पहुंचे शिवराज ने कहा-'आजकल अपन अलग ही मूड में हैं'

जबलपुर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकास कार्यों का किया लोकार्पण जबलपुर में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विकास कार्यों का किया लोकार्पण

शहडोल: गाड़ी टकराई तो कांस्टेबल ने मांगे पांच हजार रुपये, इनकार करने पर जड़ा थप्पड़

सीधी-खंडवा के बाद उमरिया में हैवानियत: छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म, जिससे भी मदद मांगी, उसने उठाया 'फायदा'

मध्य प्रदेश में दुष्कर्म की घटनाएं तेजी से बढ़ती जा रही हैं। राज्य के उमरिया जिले में कक्षा नौंवी की छात्रा से नौ लोगों ने दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। सीधी और खंडवा के बाद एक हफ्ते के अंदर ही सामूहिक दुष्कर्म की यह तीसरी घटना है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए किशोरी के साथ दुष्कर्म करने वाले सात दरिंदों को दबोच लिया है, जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं। 

उमरिया के एसपी ने बताया कि जिले में 13 साल की एक नाबालिग के साथ नौ लाेगाें ने अलग-अलग दुष्कर्म किया। दरिंदे तीन दिनों तक उसके साथ दरिंदगी करते रहे। चाैथे दिन किशाेरी किसी तरह परिजनों के पास पहुंची और उन्हें आपबीती सुनाई। इसके बाद परिजन उसे थाने लाए और मामले की शिकायत दी। एसपी ने बताया कि बच्ची काफी डरी हुई थी। वह ठीक से कुछ बाेल भी नहीं पा रही थी। 

पुलिस ने बताया कि पीड़िता नौवीं कक्षा में पढ़ती है। उसके पिता जबलपुर में शासकीय सर्विस में हैं। वह पिता के साथ ही रहती है। उसके स्कूल की छुट्टियां चल रही हैं, इसलिए कुछ दिनों के लिए वह उमरिया में अपनी मां के पास रहने आई थी। पुलिस को दी शिकायत में किशाेरी ने बताया कि वह 11 जनवरी काे सब्जी मंडी गई थी,  जहां उसे राहुल कुशवाहा और आकाश सिंह नाम के युवक मिले। दाेनों ने उसे बहलाया-फुसलाया और घुमाने के लिए बाइक पर भराैला व छटन के जंगल ले गए। 

वहां दोनों ने किशोरी को डरा-धमकाकर उसके साथ रेप किया। इसके बाद आरोपी जबरदस्ती उसे एनएच 43 पर स्थित एक ढाबे में ले गए। किशोरी ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने रात में उसे वहां बंधक बनाकर रखा। यहां पर ढाबा संचालक पारस साेनी और उसके साथियाें ने बारी-बारी से किशोरी के साथ दरिंदगी की। इसके बाद आरोपी उसे छटन बस्ती के जंगल में भी ले गए। 

इस दौरान किशोरी कटनी स्थित अपने बड़े पापा के पास जाने की भीख मांगती रही। 12 जनवरी की सुबह आरोपियों ने परिचय के ही ट्रक ड्राइवर रोहित यादव को बुलाया और उसे कटनी के लिए रवाना कर दिया। रास्ते में उस ट्रक ड्राइवर ने भी मासूम के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने किशोरी को विलायत कला-बड़वारा के पास टोल नाके पर छोड़ दिया। यहां लड़की ने उमरिया आने के लिए एक ट्रक चालक से लिफ्ट मांगी। इस ट्रक चालक ने भी उसकी बेबसी का फायदा उठाया।

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रीवा: गर्म राख से भरा ट्रॉला स्कूल बस पर पलटा, तीन शिक्षकों की मौत, छह घायल

मध्यप्रदेश के रीवा जिले में दर्दनाक हादसा हुआ। यहां गोविंदगढ़ थाना क्षेत्र में स्कूल बस पर ट्रॉला पलट गया। इस हादसे में तीन शिक्षकों की मौत हो गई, जबकि छह शिक्षक घायल हो गए। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। साथ ही, आरोपी ट्रॉला चालक की तलाश की जा रही है। 

स्कूल जा रहे थे नौ शिक्षक
जानकारी के मुताबिक, यह बस सीधी के बघवार स्थित सरदार पटेल स्कूल की थी, जो 10 शिक्षकों को लेकर जा रही थी। सभी नौ शिक्षकों के नाम गिरीश त्रिपाठी, रज्जन मिश्रा, प्रतिभा पांडेय, शशिभूषण सिंह, हनीफ खान, पद्मकांत शुक्ला, आबिदा खान, गीतांजली वर्मा, अंजना शर्मा और हरिकिशन मिश्रा बताए जा रहे हैं। घायलों ने बताया कि ड्राइवर ने सुबह करीब साढ़े सात बजे बस को छुहिया घटी के मोड़ पर सड़क किनारे रोक दिया था। 

ऐसे हुआ दर्दनाक हादसा
बताया जा रहा है कि जब बस सड़क किनारे खड़ी थी। उसी दौरान तेज रफ्तार ट्रॉला बगल से गुजरा और अनियंत्रित होकर बस पर पलट गया। ट्रॉले में गर्म राख लदी थी, जो बस के ऊपर बिखर गई। बस में बैठे शिक्षक कुछ समझ पाते, उससे पहले ही वे गर्म राख से दब गए और तीन शिक्षक अपनी जान गंवा बैठे। इनमें दो ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि एक शिक्षक की मौत अस्पताल में हुई।

इन लोगों की हुई मौत
इस दर्दनाक हादसे में गिरीश त्रिपाठी, रज्जन मिश्रा और प्रतिभा पांडेय की मौत हो गई। वहीं, शशिभूषण सिंह, हनीफ खान, पद्मकांत शुक्ला, आबिदा खान, गीतांजली वर्मा और अंजना शर्मा बुरी तरह घायल हो गए। घटना की सूचना मिलने पर एसपी राकेश सिंह और आरटीओ मनीष त्रिपाठी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बस और ट्रॉले का फिटनेस निरस्त कर दिया। हादसे के बाद ट्रॉला का चालक फरार हो गया। उसकी तलाश की जा रही है।

किस्मत से बचे स्पोर्ट्स टीचर
बता दें कि इस हादसे में स्पोर्ट्स टीचर हरिकिशन मिश्रा बाल-बाल बच गए। उन्होंने बताया कि वह जिस सीट पर बैठकर रोजाना स्कूल जाते थे, उस पर गुरुवार को नहीं बैठे। दरअसल, जब वह बस में चढ़े तो टीचर प्रतिभा पांडेय उस सीट पर बैठी हुई थीं। जब वह सीट के करीब पहुंचे तो प्रतिभा उठने लगीं। ऐसे में हरिकिशन मिश्रा ने कहा कि आज आप बैठी रहिए। कल मैं इस सीट पर बैठ जाऊंगा। इसके बाद हादसा हो गया, जिसमें प्रतिभा की मौत हो गई।
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राजस्थान के चार शहरों में पारा माइनस से नीचे, मध्यप्रदेश में शीतलहर

हादसे के बाद ऐसी हो गई बस की हालत

मध्यप्रदेश : बालाघाट में स्कूटी को बचाने में पलटा ट्रक, चार की मौत, आठ की हालत गंभीर

मध्यप्रदेश के बालाघाट जिला मुख्यालय से करीब 15 किलोमीटर दूर गांगुलपारा के समीप उटघाटी में शुक्रवार शाम को स्कूटी चालक को बचाने के चक्कर में तेज रफ्तार से चल रहा एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में ट्रक में सवार तीन महिलाओं एवं स्कूटी चालक की मौत हो गई और आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।

बालाघाट के पुलिस अधीक्षक (नगर)कर्णिक श्रीवास्तव ने बताया कि मृतकों की पहचान 35 वर्षीय सविता मरठे, 40 वर्षीय सुनीता पांचे, 42 वर्षीय यशोदा पांचे एवं 22 वर्षीय अरुण परिहार के रूप में की गई है। अरूण स्कूटी चालक था, जबकि बाकी तीनों ट्रक में सवार थीं।

उन्होंने कहा कि इस हादसे में ट्रक में सवार आठ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।

श्रीवास्तव ने बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक एवं खलासी वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। उन्होंने कहा कि ट्रक हादसे के वक्त उकवा से बालाघाट की ओर आ रहा था और ट्रक में सवार जो 11 लोग हताहत हुए हैं, उन सभी ने हादसे के कुछ समय पहले ही इस ट्रक चालक से लिफ्ट मांगी थी और अपने गांव पायली जा रहे थे।

 
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जबलपुर: कार पलटने से घायलों की मदद कर रहे थे लोग, बस आई और रौंदकर पलट गई

मध्यप्रदेश के जबलपुर-दमोह मार्ग पर तेंदूखेड़ा के पास एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने हर किसी की रूह तक कंपा दी। दरअसल, यहां एक कार खाई में गिरकर पलट गई, जिससे कार सवार लोग घायल हो गए। इस दौरान कुछ लोग घायलों की मदद करने आए, जिन्हें पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस ने कुचल दिया। ऐसे में मददगारों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, इस घटना के बाद बस भी पलट गई, जिससे पांच मुसाफिर घायल हो गए। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। 

सबसे पहले पलटी कार
जानकारी के मुताबिक, सागर जिले के सुरखी से जबलपुर जा रही एक कार हड़ऊ की टेक के पास खाई में गिर गई। इस कार में लकवाग्रस्त फूलरानी बाई (62) सवार थीं, जिन्हें उनके तीन परिजन इलाज के लिए जबलपुर ले जा रहे थे। इस हादसे में हादसे में कार सवार लोगों को मामूली चोटें आईं। 

मदद के लिए रुक गए बाइक सवार
बताया जा रहा है कि इस हादसे को देखकर बाइक से गुजर रहे जेतगढ़ पौड़ी निवासी रूपलाल विश्वकर्मा और उनके दो अन्य साथी रुक गए। तीनों ने अपनी बाइकें सड़क पर ही खड़ी कर दीं और घायलों की मदद करने लगे। 

तेज रफ्तार बस ने मददगारों को कुचला
जानकारी के मुताबिक, इस दौरान बारातियों से भरी बस तेज रफ्तार से गुजरी। उसने रूपलाल विश्वकर्मा, उनके दो साथियों और फूलरानी पटेल को कुचल दिया। इससे रूपलाल और उनके दोनों साथियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि फूलरानी बुरी तरह घायल हो गईं। 

हादसे के बाद बस भी पलटी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाइक सवारों को कुचलने के बाद ड्राइवर ने बस पर नियंत्रण खो दिया और वह भी पलट गई। बारातियों से भरी यह बस इंदौर से शाहपुरा भिटौनी जा रही थी। इस हादसे में बस सवार पांच लोग घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बस में सवार घायलों को अस्पताल भिजवाया।
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शहडोल में छुट्टी पर गए सात डॉक्टर, दो और बच्चों की मौत

मध्यप्रदेश के शहडोल में पिछले 27 दिन के दौरान 30 बच्चों की जान जा चुकी है। इनमें 24 मासूमों ने अकेले जिला अस्पताल में दम तोड़ा। इसके बावजूद चिकित्सकों की लापरवाही कम नहीं हो रही है। बताया जा रहा है कि दंत चिकित्सक को सिविल सर्जन बनाने के खिलाफ दो बार सामूहिक इस्तीफे की पेशकश करने वाले 21 चिकित्सकों में से 7 डॉक्टर छुट्टी पर चले गए हैं। विरोधियों का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. डीके सिंह (महिला रोग विशेषज्ञ) 12 दिसंबर से ही छुट्टी पर हैं। जिला चिकित्सालय में करीब 10 दिन से जारी अवरोध के बीच गुरुवार तड़के दो और नवजातों की मौत हो गई है। जिले में 27 नवंबर से अब तक यह 30वीं मौत है। इनमें से 24 बच्चों की मौत जिला चिकित्सालय में हुई है। वहीं, सिविल सर्जन डॉ. जीएस परिहार भी सीएमएचओ डॉ. एम.एस. सागर को प्रभार सौंपकर एक सप्ताह के अवकाश पर चले गए हैं।

पांच का पहला और एक दिन का था दूसरा बच्चा
जिला चिकित्सालय में गुरुवार तड़के 3 बजे जिस बच्चे की मौत हुई, वह महज पांच दिन का था। देवरी गांव की लीलावती की पांच दिन पहले जिला चिकित्सालय में डिलीवरी हुई थी। नवजात को एसएनसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया था। इसी तरह गुरुवार देर शाम एसएनसीयू में भर्ती एक दिन उम्र के शिशु की मौत हो गई। निगवानी निवासी शिल्पी ने इस बच्चे को जन्म दिया था।

इस्तीफे पर अड़े 21 चिकित्सक
जिला चिकित्सालय में लगातार हो रही बच्चों की मौत के कारण सिविल सर्जन के पद से हटाए गए डॉ. वीके बारिया ने 23 से 29 दिसंबर तक सीएल का आवेदन दिया है। इसी तरह डॉ. मनोज जायसवाल ने 23 से 25 दिसंबर तक, डॉ. बीआर प्रजापति ने 23 से 26 दिसंबर तक, डॉ. सुनील स्थापक ने 23 से 27 दिसंबर तक सीएल का आवेदन दिया है। डॉ. मुकुंद चतुर्वेदी, डॉ. आरती ताम्रकार और डॉ. रेखा कारखुर ने भी सात दिन के मेडिकल अवकाश का आवेदन दिया है। ये सभी आवेदन बुधवार को दिए गए, जिन्हें सिविल सर्जन ने निरस्त कर दिया। इसके बावजूद ये सभी चिकित्सक गुरुवार को अस्पताल में ड्यूटी पर नहीं पहुंचे।
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जबलपुर: ट्रैक्टर-ट्रॉली में घुसी तेज रफ्तार कार, टेंट कारोबारी की मौत, बेटा समेत चार घायल

मध्यप्रदेश में रायपुर हाईवे पर तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी। इस हादसे में जबलपुर के बड़े टेंट कारोबारी की मौत हो गई, जबकि उनके बेटे समेत चार लोग घायल हो गए। यह हादसा इतना भयानक था कि कार के परखच्चे उड़ गए। बताया जा रहा है कि टेंट कारोबारी व्यापार के सिलसिले में बालाघाट गए थे। 

बिल्डर जसपाल ओबरॉय ने बताया कि उनके भाई अशोक ओबरॉय का ओबेरॉय टेंट नाम से बड़ा कारोबार है। जबलपुर के अलावा महाकौशल में भी वह बुकिंग करते थे। 23 दिसंबर को वह बेटे मोहित, राम शंकर गर्ग, कल्लू उर्फ मसूद खान और ड्राइवर के साथ गढ़ी के पास किसी आयोजन के लिए साइट देखने गए थे। लौटते समय रायपुर हाईवे पर ठोढ़ा गांव के पास उनकी कार सड़क किनारे खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी। 

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इस हादसे में कारोबारी की कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। इस हादसे में टेंट कारोबारी अशोक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, बाकी चारों लोग बुरी तरह घायल हो गए। सभी घायलों में अस्पताल में भर्ती कराया गया। सड़क हादसे में अशोक ओबेरॉय की मौत की खबर मिलने के बाद उनके परिचित और दोस्त हैरान रह गए। 

बता दें कि गोरखपुर जगतमाल निवासी अशोक ओबेरॉय शहर में टेंट कारोबार से लंबे समय से जुड़े थे। टेंट व्यापारियों को एकजुट करके उनके लिए संगठन बनाना हो या फिर पंजाबी महासंघ की गतिविधियां बढ़ाना, हर काम में अशोक बेहद माहिर थे। अशोक ओबरॉय पंजाबी महासंघ के उपाध्यक्ष भी थे। हादसे की खबर मिलने के बाद उनके घर पर शुभचिंतकों और दोस्तों का तांता लगा हुआ है।
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मध्यप्रदेश: इंदौर-बिलासपुर आने-जाने वालों के लिए खुशखबर, 26 दिसंबर से चलेगी नर्मदा एक्सप्रेस

बिलासपुर और इंदौर के बीच सफर करने वाले मुसाफिरों को रेलवे ने नए साल का तोहफा दे दिया है। दरअसल, इंदौर से बिलासपुर आने-जाने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। रेल प्रशासन कई महीने से बंद पड़ी नर्मदा एक्सप्रेस को 26 दिसंबर से एक बार फिर शुरू कर रहा है। हालांकि, यह ट्रेन भी अन्य ट्रेनों की तरह फिलहाल स्पेशल ट्रेन बनाकर ही चलाई जाएगी। इस ट्रेन में कोई भी अनारक्षित कोच नहीं होगा। इसके अलावा रेलवे ने ट्रेन के कुछ स्टॉपेज भी कम कर दिए हैं।

गौरतलब है कि 25 मार्च से देश में लॉकडाउन की शुरुआत होने के साथ-साथ ट्रेनों के चक्के भी थम गए थे। ऐसे में अब तक कई ट्रेनों को रेलवे धीरे-धीरे शुरू कर रहा है। इसके तहत अब रेलवे ने बिलासपुर और इंदौर के बीच चलने वाली नर्मदा एक्सप्रेस को भी दोबारा चलाने की तैयारी कर ली है। यह ट्रेन अब 26 दिसंबर से दोबारा चलाई जाएगी। नर्मदा एक्सप्रेस शुरू होने के बाद इंदौर-जबलपुर रूट पर चलने वाली ट्रेनों की संख्या तीन हो जाएगी। 

बता दें कि रेलवे इन तीनों ही नियमित ट्रेनों को स्पेशल ट्रेन बनाकर चला रहा है। माना जा रहा है कि नर्मदा एक्सप्रेस शुरू होने से बिलासपुर से इंदौर आने-जाने वाले मुसाफिरों को काफी सहूलियत होगी। नर्मदा एक्सप्रेस से पहले रेलवे दुर्ग-भोपाल रेवांचल एक्सप्रेस और अंबिकापुर-जबलपुर के बीच चलने वाली अंबिकापुर एक्सप्रेस को शुरू कर चुका है। 

मंडल वाणिज्य प्रबंधक देवेश कुमार सोनी ने बताया कि बिलासपुर से इंदौर के बीच नर्मदा एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन को 26 दिसंबर से शुरू किया जा रहा है। इस ट्रेन का नंबर 08234/33 रहेगा। यह ट्रेन बिलासपुर से चलकर रात 8 बजकर 50 मिनट पर जबलपुर पहुंचेगी और उसके बिलासपुर रवाना हो जाएगी। यही ट्रेन 27 दिसंबर को इंदौर से चलकर सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर जबलपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन के सभी डिब्बे आरक्षित श्रेणी के रहेंगे। यह ट्रेन फिलहाल देवरी, गोसलपुर, डुंगी और बागरातवा स्टेशन पर नहीं रुकेगी।
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