कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री भरत सिंह कुंदनपुर का सोमवार को जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। भरत सिंह का पार्थिव शरीर मंगलवार को कोटा कांग्रेस कार्यालय में रखा गया, जहां पार्टी नेताओं, विधायकों और कार्यकर्ताओं ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी।
भरत सिंह को श्रद्धांजलि देने पहुंचे जनप्रतिनिधियों ने कहा कि वे ईमानदारी और सादगी की मिसाल थे। उन्होंने हमेशा जनसेवा को प्राथमिकता दी। विधायक चेतन पटेल और सीएल प्रेमी ने कहा कि उनके निधन से कांग्रेस को अपूरणीय क्षति हुई है। हाड़ौती क्षेत्र में भरत सिंह की अलग पहचान थी, वे हर जरूरतमंद की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते थे और कई युवाओं के लिए राजनीति में प्रेरणा बने।
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भरत सिंह चार बार विधायक रहे और एक बार कांग्रेस सरकार में मंत्री भी बने। साल 2007 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ विधायक और पंचायत मंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। अपने सादे जीवन और बेबाक स्वभाव के कारण वे सभी दलों में सम्मानित थे। वे सरकार में रहते हुए भी गलत नीतियों के खिलाफ खुलकर आवाज उठाते थे और अपनी बात चिट्ठियों के माध्यम से रखते थे, जो उनकी पहचान बन चुकी थीं।
भरत सिंह के निधन से पूरे हाड़ौती में शोक की लहर है। उनका अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव कुंदनपुर में किया जाएगा, जहां पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी शामिल होंगे।
वहीं पूर्व मंत्री भरत सिंह के निधन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी अपनी संवेदना प्रकट की है। स्पीकर बिरला ने कहा कि भरत सिंह कुंदनपुर ने जनसेवा को अपना जीवन समर्पित किया। वे सिद्धांतनिष्ठ, सरल और जनहित के प्रति समर्पित नेता थे। उनका निधन सांगोद और राजस्थान की राजनीति के लिए बड़ी क्षति है। बिरला ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की।